Vijay Diwas 1971: भारत के सामने आज के दिन पाकिस्तान से टेके थे घुटने, शौर्य की कहानी पीडी शर्मा की जुबानी
16 दिसंबर 1971 इस दिन बांग्लादेश अस्तित्व में आया था। युद्ध का जिक्र करते समय अकसर सेवानिवृत्त ऑनरेरी कैप्टन पीडी शर्मा के चेहरे पर मुस्कान आ जाती है। पढ़ें पूरी खबर...
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वह बताते हैं कि इस दौरान रात के समय रसद पहुंचाने का काम किया जाता था लेकिन लाइट जलाने पर दुश्मन की ओर से वाहनों को निशाना बनाने का खतरा बना रहता था। इसको देखते हुए बिना लाइट जलाए गाड़ियों को आगे बढ़ने के निर्देश दिए थे। इसमें काफी खतरा होता था लेकिन इसके बावजूद आर्मी सर्विस कोर द्वारा मोर्चे पर तैनात जवानों को रसद पहुंचाई जाती थी। इसमें खाने-पीने का सामान और हथियार शामिल होते थे। ऑनरेरी कैप्टन पीडी शर्मा ने बताया कि 16 दिसंबर को पाकिस्तान ने हार स्वीकार कर ली थी जिसके साथ ही बांग्लादेश का उदय हुआ। उन्होंने बताया कि युद्ध खत्म होने के बाद बॉर्डर से सेना के जवान लौटे तो इस दौरान जालंधर, अंबाला और कालका में लोगों ने उनका जोरदार स्वागत किया। इस दौरान जवानों को तरह-तरह के उपहार भी दिए गए। देश की जीत से लोगों में जबरदस्त उत्साह था।
सीएम सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने ये कहा
सीएम सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि आज ही के दिन वर्ष 1971 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के कुशल और साहसी नेतृत्व तथा भारतीय सेना के अद्वितीय पराक्रम ने पाकिस्तान को पराजित कर इतिहास रच दिया। यह विजय लोकतंत्र, राष्ट्रीय स्वाभिमान और भारत की अडिग इच्छाशक्ति की जीत थी। 1971 की विजय का संदेश स्पष्ट था- भारत किसी के सामने नहीं झुकता, और जो हमारे राष्ट्रीय हितों से टकराएगा, उसकी पराजय तय है। विजय दिवस हमें इंदिरा गांधी के साहसी नेतृत्व और भारत की अडिग इच्छाशक्ति की याद दिलाता है।