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महिलाएं आत्मनिर्भर बनकर अत्याचार का जवाब दें : अर्जित
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भटोली कालेज में पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम में उपस्थित बीएड प्रशिक्षु ।संवाद
- फोटो : Una
भटोली (ऊना)। महिला सुरक्षा आजकल सबसे अहम मुद्दों में से एक है। महिलाएं आत्मनिर्भर बनकर खुद पर हो रहे अपराधों का मुकाबला कर सकती हैं। अगर महिलाएं खुद को लाचार समझेंगी तो उन पर हो रहे अपराध और हावी होंगे। ऐसी आपराधिक गतिविधियों के काबू पाने के लिए महिलाएं खुद को स्वतंत्र और आत्मनिर्भर बनाएं। यह बात पुलिस अधीक्षक (एसपी) अर्जित सेन ठाकुर ने श्री विष्णु एसडी पीजी कॉलेज भटोली में अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित पुलिस की पाठशाला में कही।
उन्होंने कॉलेज में बीएड प्रशिक्षुओं से कहा कि आप भविष्य में अध्यापन क्षेत्र में सैकड़ों बच्चों का भविष्य संवारेंगे। यह पेशा बेहद जिम्मेदारी वाला है। गुरु को पूजनीय माना जाता है और इसमें एक गंभीरता होती है। आप समाज की नींव तैयार करेंगे। उन्होंने प्रशिक्षुओं से कहा कि एक इमारत से लेकर रॉकेट तक बनाना आसान है, लेकिन एक अच्छे मनुष्य का निर्माण मुश्किल है। आजकल हमारे आसपास ऐसी घटनाएं होती रहती हैं जिससे हम समझ सकते हैं कि लोग किस स्तर तक गिर चुके हैं।
उन्होंने कहा कि अगर अध्यापक बच्चों के चरित्र निर्माण को सुदृढ़ करते हैं तो समाज में आपराधिक गतिविधियां कम हो सकती हैं। एसपी ने कहा कि आप शिक्षित हैं और अगर आपके आसपास कुछ भी गलत हो तो उसका विरोध करें। एक स्वतंत्र सोच के साथ ही बेहतर समाज का निर्माण संभव है। खुद को लाचार नहीं बनने दें। अगर आपके साथ छेड़छाड़ या कोई अन्य प्रकार की गतिविधि होती है तो उसके खिलाफ डटकर खड़े हो जाएं।
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उन्होंने कहा कि प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं में अच्छा प्रदर्शन करने के लिए खुद को अनुशासन में रखना बेहद जरूरी है। सकारात्मक सोच भी बड़ी परीक्षाओं में अच्छा प्रदर्शन करने में बहुत मदद करती है। खुद को कभी नकारात्मक विचारों में नहीं जाने देना। उन्होंने कहा कि कुछ नहीं करने से बेहतर है कि गलती करके उससे सीख लें। इस अवसर पर कॉलेज की ओर से विनोद कुमार, रजिंद्र कुमार, संगीता हांडा, राकेश कुमार, प्रियंका, शिवानी और स्टाफ सदस्य मौजूद रहे।
परीक्षाओं में नर्वस होने पर क्या करें
बीएड प्रशिक्षु नम्रता ने पूछा कि परीक्षा के दौरान नर्वस होने पर क्या करना चाहिए। इस पर अर्जित सेन ने कहा कि परीक्षाओं में सहज तरीके से हर सवाल का हल करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर हम नर्वस होंगे तो उससे कई बार चीजें और बिगड़ सकती हैं। ऐसे में अगर आपने पूरी मेहनत के साथ तैयारी की है तो आत्मविश्वास के साथ परीक्षा केंद्रों में बैठें।
मनोबल कैसे न गिरने दें
बीएड प्रशिक्षु हिना ने पूछा कि प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं में एक बार नाकाम होने पर मनोबल गिर जाता है। ऐसी स्थिति में आत्मविश्वास को कैसे बनाकर रखें। इसके जवाब में एसपी ने कहा कि जीवन में अगर आपका लक्ष्य तय है तो आत्मविश्वास और अनुशासन के साथ उसे हासिल करने में जुट जाएं।
अमर उजाला के अभियानों की सराहना
कार्यक्रम के मंच संचालक डॉ. कमल किशोर ने अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति और पुलिस की पाठशाला समेत अमर उजाला फाउंडेशन के तमाम कार्यक्रमों की सराहना की। उन्होंने कहा कि अमर उजाला केवल अखबार तक सीमित न होकर अपने तमाम सामाजिक दायित्व भी निभा रहा है। उन्होंने कहा कि पुलिस की पाठशाला जैसे कार्यक्रम युवाओं को पुलिस के बीच की दूरी को कम करते हैं।
अधिकारियों का मिल रहा मार्गदर्शन
प्राचार्य डॉ. अरविंद शर्मा ने प्रशिक्षुओं को पुलिस अधीक्षक अर्जित सेन ठाकुर की प्रोफाइल के बारे में बताया। उन्होंने अमर उजाला के पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के कार्यक्रम से प्रशिक्षुओं को युवा अधिकारियों का मार्गदर्शन मिल पा रहा है। उन्होंने कहा कि समाज में पुलिस को लेकर कई गलत धारणाएं हैं। अगर ऐसे कार्यक्रम होते रहेंगे तो लोग कुछ गलत होने पर पुलिस के पास जाने में झिझकेंगे नहीं।
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उन्होंने कॉलेज में बीएड प्रशिक्षुओं से कहा कि आप भविष्य में अध्यापन क्षेत्र में सैकड़ों बच्चों का भविष्य संवारेंगे। यह पेशा बेहद जिम्मेदारी वाला है। गुरु को पूजनीय माना जाता है और इसमें एक गंभीरता होती है। आप समाज की नींव तैयार करेंगे। उन्होंने प्रशिक्षुओं से कहा कि एक इमारत से लेकर रॉकेट तक बनाना आसान है, लेकिन एक अच्छे मनुष्य का निर्माण मुश्किल है। आजकल हमारे आसपास ऐसी घटनाएं होती रहती हैं जिससे हम समझ सकते हैं कि लोग किस स्तर तक गिर चुके हैं।
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उन्होंने कहा कि अगर अध्यापक बच्चों के चरित्र निर्माण को सुदृढ़ करते हैं तो समाज में आपराधिक गतिविधियां कम हो सकती हैं। एसपी ने कहा कि आप शिक्षित हैं और अगर आपके आसपास कुछ भी गलत हो तो उसका विरोध करें। एक स्वतंत्र सोच के साथ ही बेहतर समाज का निर्माण संभव है। खुद को लाचार नहीं बनने दें। अगर आपके साथ छेड़छाड़ या कोई अन्य प्रकार की गतिविधि होती है तो उसके खिलाफ डटकर खड़े हो जाएं।
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उन्होंने कहा कि प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं में अच्छा प्रदर्शन करने के लिए खुद को अनुशासन में रखना बेहद जरूरी है। सकारात्मक सोच भी बड़ी परीक्षाओं में अच्छा प्रदर्शन करने में बहुत मदद करती है। खुद को कभी नकारात्मक विचारों में नहीं जाने देना। उन्होंने कहा कि कुछ नहीं करने से बेहतर है कि गलती करके उससे सीख लें। इस अवसर पर कॉलेज की ओर से विनोद कुमार, रजिंद्र कुमार, संगीता हांडा, राकेश कुमार, प्रियंका, शिवानी और स्टाफ सदस्य मौजूद रहे।
परीक्षाओं में नर्वस होने पर क्या करें
बीएड प्रशिक्षु नम्रता ने पूछा कि परीक्षा के दौरान नर्वस होने पर क्या करना चाहिए। इस पर अर्जित सेन ने कहा कि परीक्षाओं में सहज तरीके से हर सवाल का हल करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर हम नर्वस होंगे तो उससे कई बार चीजें और बिगड़ सकती हैं। ऐसे में अगर आपने पूरी मेहनत के साथ तैयारी की है तो आत्मविश्वास के साथ परीक्षा केंद्रों में बैठें।
मनोबल कैसे न गिरने दें
बीएड प्रशिक्षु हिना ने पूछा कि प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं में एक बार नाकाम होने पर मनोबल गिर जाता है। ऐसी स्थिति में आत्मविश्वास को कैसे बनाकर रखें। इसके जवाब में एसपी ने कहा कि जीवन में अगर आपका लक्ष्य तय है तो आत्मविश्वास और अनुशासन के साथ उसे हासिल करने में जुट जाएं।
अमर उजाला के अभियानों की सराहना
कार्यक्रम के मंच संचालक डॉ. कमल किशोर ने अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति और पुलिस की पाठशाला समेत अमर उजाला फाउंडेशन के तमाम कार्यक्रमों की सराहना की। उन्होंने कहा कि अमर उजाला केवल अखबार तक सीमित न होकर अपने तमाम सामाजिक दायित्व भी निभा रहा है। उन्होंने कहा कि पुलिस की पाठशाला जैसे कार्यक्रम युवाओं को पुलिस के बीच की दूरी को कम करते हैं।
अधिकारियों का मिल रहा मार्गदर्शन
प्राचार्य डॉ. अरविंद शर्मा ने प्रशिक्षुओं को पुलिस अधीक्षक अर्जित सेन ठाकुर की प्रोफाइल के बारे में बताया। उन्होंने अमर उजाला के पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के कार्यक्रम से प्रशिक्षुओं को युवा अधिकारियों का मार्गदर्शन मिल पा रहा है। उन्होंने कहा कि समाज में पुलिस को लेकर कई गलत धारणाएं हैं। अगर ऐसे कार्यक्रम होते रहेंगे तो लोग कुछ गलत होने पर पुलिस के पास जाने में झिझकेंगे नहीं।

भटोली कालेज में पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम में उपस्थित बीएड प्रशिक्षु व स्टाफ सदस्य।संवाद- फोटो : Una