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Una News: पंचायत चुनाव की आहट से गांव-गांव चढ़ा सियासी रंग
Fri, 10 Apr 2026 12:24 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Fri, 10 Apr 2026 12:24 AM IST
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गगरेट (ऊना)। पंचायत चुनाव की आहट के साथ ही क्षेत्र में सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। चुनाव का बिगुल बजते ही गांवों की चौपाल से लेकर मोबाइल स्क्रीन तक चुनावी चर्चा छा गई है। सोशल मीडिया पर दावेदारों की संख्या लगातार बढ़ रही है, वहीं लंबे समय से निष्क्रिय रहे सीजनल समाजसेवी भी एक बार फिर सक्रिय नजर आने लगे हैं।
चुनाव की संभावना तेज होते ही व्हाट्सएप ग्रुप, फेसबुक पोस्ट, इंस्टाग्राम रील्स और स्टेटस के माध्यम से संभावित प्रत्याशी और उनके समर्थकों ने प्रचार शुरू कर दिया है। कोई अपनी उपलब्धियां गिना रहा है तो कोई विकास के नए वादों के साथ लोगों तक पहुंचने का प्रयास कर रहा है। समर्थकों की ओर से विरोधियों पर तंज कसते पोस्ट और मीम्स भी सोशल मीडिया पर वायरल होने लगे हैं।
गांवों में भी चुनावी माहौल पूरी तरह गरमा गया है। चौपालों, चाय की दुकानों, खेतों और गलियों में दिनभर संभावित उम्मीदवारों को लेकर चर्चा हो रही है। बुजुर्ग जहां आमने-सामने बैठकर प्रत्याशियों के पुराने काम और छवि पर चर्चा कर रहे हैं। वहीं युवा वर्ग सोशल मीडिया के जरिये अपने पसंदीदा उम्मीदवार के समर्थन में माहौल बनाने में जुटा है।
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चुनावी मौसम आते ही ऐसे लोग भी सक्रिय हो गए जो पूरे साल सामाजिक गतिविधियों से दूर रहते हैं। अब वही लोग गांव-गांव जाकर लोगों का हालचाल पूछ रहे हैं, छोटे-मोटे कामों में मदद कर रहे हैं और अपनेपन का एहसास दिलाने में लगे। लोगों के बीच ऐसे चेहरों को लेकर चर्चाएं भी शुरू हो गई हैं।
सोशल मीडिया बड़ा चुनावी हथियार बनकर उभरा
इस बार पंचायत चुनाव में सोशल मीडिया बड़ा चुनावी हथियार बनकर उभरा है। संभावित प्रत्याशी अपने पुराने कार्यों के फोटो और वीडियो साझा कर रहे हैं जबकि नए वादों को लेकर लगातार पोस्ट डाली जा रही हैं। कई स्थानों पर एक-दूसरे के पोस्ट का जवाब पोस्ट से ही दिया जा रहा है, जिससे सोशल मीडिया पर भी चुनावी जंग दिखाई देने लगी है। डिजिटल प्रचार के साथ जमीनी स्तर पर भी गतिविधियां तेज हो गई हैं। संभावित प्रत्याशी सुबह से शाम तक घर-घर जाकर लोगों से संपर्क कर रहे हैं। गांवों में छोटी-छोटी बैठकों का दौर शुरू हो गया है। लोगों की समस्याएं सुनी जा रही हैं और समर्थन जुटाने का प्रयास किया जा रहा है।
मतदाता भी पहले से अधिक जागरूक
प्रत्याशी जहां सड़क, पानी, रोजगार और विकास जैसे मुद्दों को लेकर वादे कर रहे हैं, वहीं इस बार मतदाता भी पहले से अधिक जागरूक नजर आ रहे हैं। लोग संभावित उम्मीदवारों से सीधे सवाल पूछ रहे हैं कि उन्होंने पिछली बार क्या किया और इस बार क्या नया करेंगे। क्षेत्र में इस बार पंचायत चुनाव का मुकाबला दिलचस्प रहने की संभावना है। पुराने चेहरों के साथ कई नए उम्मीदवार भी सामने आ रहे हैं। ऐसे में गांव-गांव में चुनावी हलचल और तेज होने लगी है तथा आने वाले दिनों में सियासी माहौल और गर्माने की उम्मीद है।
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चुनाव की संभावना तेज होते ही व्हाट्सएप ग्रुप, फेसबुक पोस्ट, इंस्टाग्राम रील्स और स्टेटस के माध्यम से संभावित प्रत्याशी और उनके समर्थकों ने प्रचार शुरू कर दिया है। कोई अपनी उपलब्धियां गिना रहा है तो कोई विकास के नए वादों के साथ लोगों तक पहुंचने का प्रयास कर रहा है। समर्थकों की ओर से विरोधियों पर तंज कसते पोस्ट और मीम्स भी सोशल मीडिया पर वायरल होने लगे हैं।
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गांवों में भी चुनावी माहौल पूरी तरह गरमा गया है। चौपालों, चाय की दुकानों, खेतों और गलियों में दिनभर संभावित उम्मीदवारों को लेकर चर्चा हो रही है। बुजुर्ग जहां आमने-सामने बैठकर प्रत्याशियों के पुराने काम और छवि पर चर्चा कर रहे हैं। वहीं युवा वर्ग सोशल मीडिया के जरिये अपने पसंदीदा उम्मीदवार के समर्थन में माहौल बनाने में जुटा है।
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चुनावी मौसम आते ही ऐसे लोग भी सक्रिय हो गए जो पूरे साल सामाजिक गतिविधियों से दूर रहते हैं। अब वही लोग गांव-गांव जाकर लोगों का हालचाल पूछ रहे हैं, छोटे-मोटे कामों में मदद कर रहे हैं और अपनेपन का एहसास दिलाने में लगे। लोगों के बीच ऐसे चेहरों को लेकर चर्चाएं भी शुरू हो गई हैं।
सोशल मीडिया बड़ा चुनावी हथियार बनकर उभरा
इस बार पंचायत चुनाव में सोशल मीडिया बड़ा चुनावी हथियार बनकर उभरा है। संभावित प्रत्याशी अपने पुराने कार्यों के फोटो और वीडियो साझा कर रहे हैं जबकि नए वादों को लेकर लगातार पोस्ट डाली जा रही हैं। कई स्थानों पर एक-दूसरे के पोस्ट का जवाब पोस्ट से ही दिया जा रहा है, जिससे सोशल मीडिया पर भी चुनावी जंग दिखाई देने लगी है। डिजिटल प्रचार के साथ जमीनी स्तर पर भी गतिविधियां तेज हो गई हैं। संभावित प्रत्याशी सुबह से शाम तक घर-घर जाकर लोगों से संपर्क कर रहे हैं। गांवों में छोटी-छोटी बैठकों का दौर शुरू हो गया है। लोगों की समस्याएं सुनी जा रही हैं और समर्थन जुटाने का प्रयास किया जा रहा है।
मतदाता भी पहले से अधिक जागरूक
प्रत्याशी जहां सड़क, पानी, रोजगार और विकास जैसे मुद्दों को लेकर वादे कर रहे हैं, वहीं इस बार मतदाता भी पहले से अधिक जागरूक नजर आ रहे हैं। लोग संभावित उम्मीदवारों से सीधे सवाल पूछ रहे हैं कि उन्होंने पिछली बार क्या किया और इस बार क्या नया करेंगे। क्षेत्र में इस बार पंचायत चुनाव का मुकाबला दिलचस्प रहने की संभावना है। पुराने चेहरों के साथ कई नए उम्मीदवार भी सामने आ रहे हैं। ऐसे में गांव-गांव में चुनावी हलचल और तेज होने लगी है तथा आने वाले दिनों में सियासी माहौल और गर्माने की उम्मीद है।