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Una News: कई वर्गों ने सराहा तो कुछ ने बजट को दिया झूठ का पुलिंदा करार
Sun, 22 Mar 2026 12:36 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Sun, 22 Mar 2026 12:36 AM IST
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ऊना। सुक्खू सरकार का चौथा बजट समाज के कई वर्गों ने सराहा तो वहीं कुछ ने बजट के नाम पर महज कागजी घोषणाओं का पुलिंदा करार दिया। युवाओं के लिए रोजगार के नाम बजट में न तो कोई ठोस योजना है और न ही पर्याप्त धनराशि आवंटित की गई है। बेरोजगारी चरम पर है, पहाड़ी युवा पलायन को मजबूर हैं, फिर भी सरकार की प्राथमिकताएं पुरानी योजनाओं को दोहराने और लोकलुभावन घोषणाओं तक सीमित रहीं। बजट में किसानों, महिलाओं और गरीब तबके के लिए भी कोई क्रांतिकारी कदम नहीं उठाया गया। यह बजट हिमाचल के भविष्य के साथ खिलवाड़ करार दिया है। पहले तीन बजट पेश किए गए। कई घोषणाएं जमीन पर आज तक नहीं उतारी गईं। नगर परिषद संतोषगढ के वार्ड दो निवासी हितेश बस्सी का कहना है कि प्रदेश सरकार की ओर से बजट में नगर परिषद संतोषगढ़ में म्यूनिसिपल शेयर्ड सर्विस सेंटर (एमएसएससी ) खोले जाने की घोषणा एक सराहनीय कदम है। जिस के खुलने से आम नागरिकों को आधार कार्ड, प्रमाण पत्र सहित दूसरी सुविधाएं भी एक जगह ही मिल पायेंगी। जिस से सरकारी स्तर पर कार्य में भी पारदर्शिता रहेगी।नगर परिषद निवासी अश्वनी सच्चर का कहना है कि प्रदेश सरकार की ओर से नगर में नगर परिषद साझा सेवा केंद्र (एमएसएससी) की बजट में घोषणा कर नगर के नागरिकों के लिए संपत्ति कर, जल कर, प्रमाण पत्र और अन्य सेवाओं को घर के पास उपलब्ध करवाने संबंधी सही कार्य है। प्रदेश सरकार द्वारा पेश किए गए वर्तमान बजट पर स्थानीय व्यापारियों और प्रबुद्ध वर्ग ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है।
सरकार के पास कुछ नहीं है। ये बजट लोकलुभावन है और पहले भी बजट में की गई कई घोषणाएं आज तक जमीन पर नहीं उतर पाई हैं। इस बार भी बिना आर्थिक संसाधनों के बजट मात्र झूठा का पुलिंदा ही साबित होगा। प्रदेश की जनता को झूठे सब्जबाग दिखा कर ठगा जा रहा है।
-मनोज कौशल, सेवानिवृत्त अधिकारी
बजट पूरी तरह जनहित में है और खासतौर पर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर केंद्रित है। दूध के खरीद मूल्य में बढ़ोतरी, प्राकृतिक खेती को बढ़ावा और महिलाओं के लिए योजनाएं प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़े कदम हैं। स्वास्थ्य कर्मियों के मानदेय में बढ़ोतरी से उनके मनोबल में वृद्धि होगी और प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएं और मजबूत होंगी।
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-योगेश कुमार, दौलतपुर चौक
घोषणाएं करना आसान है लेकिन प्रदेश की आर्थिक स्थिति को देखते हुए इन योजनाओं को लागू करना सरकार के लिए बड़ी चुनौती होगा। यह बजट ज्यादा घोषणाओं वाला और कम संसाधनों वाला नजर आता है। 1000 पुलिस कांस्टेबल की भर्ती स्वागत योग्य है लेकिन इससे प्रदेश की बढ़ती बेरोजगारी की समस्या का समाधान नहीं होगा। युवाओं के लिए स्थायी रोजगार की स्पष्ट नीति की जरूरत है।
-राज कुमार
योजनाएं क्षेत्र के विकास के लिए अच्छी पहल है लेकिन इनका समयबद्ध क्रियान्वयन बेहद जरूरी है, तभी इनका लाभ आम जनता तक पहुंचेगा। स्वास्थ्य क्षेत्र में मानदेय में बढ़ोतरी से कर्मचारियों को राहत मिलेगी।
-नरेश कुमार
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने प्रदेश के सभी वर्गों का ध्यान रख कर इस बजट को पेश किया है। गरीब परिवारों के लिए मुफ्त बिजली व आवास योजना से प्रदेश के लोगों को राहत मिलेगी। प्रदेश मे दिव्यांगों की पेंशन मे बढ़ोतरी करना भी एक सराहनीय कदम है।
-नरेंद्र राणा, गगरेट
मुख्यमंत्री सुक्खू ने बजट पेश कर एक बार फिर से हिमाचल की जनता के हितों का पूरा ध्यान रखा है। प्रदेश के बेरोजगारों के लिए भी इस बजट में घोषणा कर रोजगार के अवसर तलाशे हैं। वहीं महिलाओं के लिए भी योजनाओं की घोषणा कर एक राहत प्रदान की है।
-संजीव कंवर, पूर्व प्रधान
सरकार द्वारा पूर्ण दिव्यांग व्यक्तियों की पेंशन में बढ़ोतरी करना एक अत्यंत सराहनीय और मानवीय कदम है। यह समाज के वंचित वर्ग को संबल देने वाला फैसला है।
- राजू गोस्वामी, व्यापारी अंब
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बजट प्रदेश के विकास के लिए हितकारी और स्वागत योग्य है। मुख्यमंत्री द्वारा बजट में नई नौकरियों की घोषणा करना युवाओं के लिए बड़े अवसर पैदा करेगा। साथ ही सरकारी कर्मचारियों के वेतन में वृद्धि के निर्णय की भी उन्होंने प्रशंसा की और कहा कि इन कदमों से कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा।
- शाद्वल झींगटा, सेवानिवृत्त शिक्षाविद्
बजट बेहद निराशाजनक और जनविरोधी है। यह बजट न केवल युवाओं की आकांक्षाओं को कुचलता है बल्कि राज्य के विकास को भी पीछे धकेलने वाला साबित हुआ है।
-अरुण कौशल, युवा ऊना
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सरकार के पास कुछ नहीं है। ये बजट लोकलुभावन है और पहले भी बजट में की गई कई घोषणाएं आज तक जमीन पर नहीं उतर पाई हैं। इस बार भी बिना आर्थिक संसाधनों के बजट मात्र झूठा का पुलिंदा ही साबित होगा। प्रदेश की जनता को झूठे सब्जबाग दिखा कर ठगा जा रहा है।
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-मनोज कौशल, सेवानिवृत्त अधिकारी
बजट पूरी तरह जनहित में है और खासतौर पर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर केंद्रित है। दूध के खरीद मूल्य में बढ़ोतरी, प्राकृतिक खेती को बढ़ावा और महिलाओं के लिए योजनाएं प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़े कदम हैं। स्वास्थ्य कर्मियों के मानदेय में बढ़ोतरी से उनके मनोबल में वृद्धि होगी और प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएं और मजबूत होंगी।
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-योगेश कुमार, दौलतपुर चौक
घोषणाएं करना आसान है लेकिन प्रदेश की आर्थिक स्थिति को देखते हुए इन योजनाओं को लागू करना सरकार के लिए बड़ी चुनौती होगा। यह बजट ज्यादा घोषणाओं वाला और कम संसाधनों वाला नजर आता है। 1000 पुलिस कांस्टेबल की भर्ती स्वागत योग्य है लेकिन इससे प्रदेश की बढ़ती बेरोजगारी की समस्या का समाधान नहीं होगा। युवाओं के लिए स्थायी रोजगार की स्पष्ट नीति की जरूरत है।
-राज कुमार
योजनाएं क्षेत्र के विकास के लिए अच्छी पहल है लेकिन इनका समयबद्ध क्रियान्वयन बेहद जरूरी है, तभी इनका लाभ आम जनता तक पहुंचेगा। स्वास्थ्य क्षेत्र में मानदेय में बढ़ोतरी से कर्मचारियों को राहत मिलेगी।
-नरेश कुमार
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने प्रदेश के सभी वर्गों का ध्यान रख कर इस बजट को पेश किया है। गरीब परिवारों के लिए मुफ्त बिजली व आवास योजना से प्रदेश के लोगों को राहत मिलेगी। प्रदेश मे दिव्यांगों की पेंशन मे बढ़ोतरी करना भी एक सराहनीय कदम है।
-नरेंद्र राणा, गगरेट
मुख्यमंत्री सुक्खू ने बजट पेश कर एक बार फिर से हिमाचल की जनता के हितों का पूरा ध्यान रखा है। प्रदेश के बेरोजगारों के लिए भी इस बजट में घोषणा कर रोजगार के अवसर तलाशे हैं। वहीं महिलाओं के लिए भी योजनाओं की घोषणा कर एक राहत प्रदान की है।
-संजीव कंवर, पूर्व प्रधान
सरकार द्वारा पूर्ण दिव्यांग व्यक्तियों की पेंशन में बढ़ोतरी करना एक अत्यंत सराहनीय और मानवीय कदम है। यह समाज के वंचित वर्ग को संबल देने वाला फैसला है।
- राजू गोस्वामी, व्यापारी अंब
बजट प्रदेश के विकास के लिए हितकारी और स्वागत योग्य है। मुख्यमंत्री द्वारा बजट में नई नौकरियों की घोषणा करना युवाओं के लिए बड़े अवसर पैदा करेगा। साथ ही सरकारी कर्मचारियों के वेतन में वृद्धि के निर्णय की भी उन्होंने प्रशंसा की और कहा कि इन कदमों से कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा।
- शाद्वल झींगटा, सेवानिवृत्त शिक्षाविद्
बजट बेहद निराशाजनक और जनविरोधी है। यह बजट न केवल युवाओं की आकांक्षाओं को कुचलता है बल्कि राज्य के विकास को भी पीछे धकेलने वाला साबित हुआ है।
-अरुण कौशल, युवा ऊना