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Una News: गेहूं कटाई शुरू, प्रति कनाल की 1000 रुपये तक ली जा रही मजदूरी

Thu, 16 Apr 2026 12:36 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना Updated Thu, 16 Apr 2026 12:36 AM IST
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Wheat harvesting begins, wages up to Rs 1000 per canal are being charged
ऊना। बैसाखी पर्व के साथ जिला में गेहूं की फसल तैयार होते ही कटाई का कार्य तेज हो गया है। इसके साथ ही किसानों की चिंता भी बढ़ गई है। कटाई के लिए प्रवासी मजदूरों द्वारा प्रति कनाल 1000 रुपये तक मजदूरी ली जा रही है जिससे किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। बीते साल गेहूं कटाई की मजदूरी 750 से 850 रुपये अधिकतम रही थी। इस वर्ष इसके दाम में सीधे 150 से 250 रुपये तक का इजाफा किया गया। किसानों का कहना है कि पहले ही बीज, खाद, सिंचाई और दवाइयों पर हजारों रुपये खर्च हो चुके हैं, ऐसे में अब कटाई के बढ़े हुए दाम उनकी कमर तोड़ रहे हैं। कई किसानों ने आरोप लगाया कि प्रवासी मजदूर हर साल इस सीजन में मनमाने रेट वसूलते हैं और मजबूरी में उन्हें यह भुगतान करना पड़ता है।
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जिले में इस बार करीब 35,000 हेक्टेयर भूमि पर गेहूं की फसल तैयार की गई है। अच्छी पैदावार की उम्मीद के बीच मजदूरी के बढ़े दाम किसानों की आय पर असर डाल सकते हैं। किसानों ने सरकार और प्रशासन से मांग उठाई है कि गेहूं कटाई के लिए मजदूरी की दर तय की जाए ताकि उन्हें राहत मिल सके और मनमानी पर अंकुश लगाया जा सके। उनका कहना है कि यदि समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो भविष्य में खेती करना और मुश्किल हो जाएगा।
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उपनिदेशक जिला कृषि विभाग डॉ. प्रेम ठाकुर ने कहा कि ऊना के अधिकतर क्षेत्रों में गेहूं की फसल तैयार है। कटाई में लोग विभिन्न तरीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं। खेतों में गिरी हुई फसल के लिए लोग मजदूरों की मदद ले रहे हैं। गेहूं की खरीद भी शुरू हो चुकी है। अगर किसानों को कहीं समस्या पेश आ रही है तो विभाग से संपर्क कर सकते हैं।
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यूपी और बिहार से आए मजदूर करते हैं कटाई

ध्यान रहे कि ऊना में गेहूं की कटाई के लिए उत्तर प्रदेश (यूपी) और बिहार राज्य से सैकड़ों की संख्या में मजदूर आते हैं। बीते वर्ष गेहूं की कटाई की मजदूरी 750 से 850 रुपये तक रही। इस साल गेहूं की कटाई की शुरुआत में मजदूरी 1000 रुपये तक बताई जा रही है। हालांकि आने वाले दिनों में बड़े स्तर पर कटाई शुरू होने पर मजदूरी में गिरावट आ सकती है।


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स्थानीय लोगों ने छोड़ी कटाई

जिले में स्थानीय लोगों में अधिकतर अब खेतों में गेहूं की कटाई नहीं करते। यही कारण है कि बाहरी मजदूरी गेहूं कटाई के लिए मनमाने दाम मांगते हैं। अगर स्थानीय लोग भी छोटे खेतों में खुद कटाई करें तो मजदूरों की मनमानी खुद घटेगी। हालांकि अधिकतर घरों में दो से तीन लोग होने के कारण बड़े खेतों में कटाई संभव नहीं लगती लेकिन छोटे आकार के खेतों में भी अब लोगों ने कटाई करना छोड़ दिया है।

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