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Una News: गेहूं की फसल तैयार, बैसाखी का इंतजार
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गेहूं की फसल पककर तैयार। संवाद
कटाई को लेकर क्षेत्र के किसान औजार की धार तेज करने में जुटे
संवाद न्यूज एजेंसी
मुबारिकपुर (ऊना)। जिले में किसानों की गेहूं की फसल अधिकतर पक गई है। कटाई को लेकर क्षेत्र के किसानों ने अपने औजारों की धार तेज करानी शुरू कर दी है। पुरानी परंपरा के अनुसार बैसाखी के दिन से ही किसान अपने खेतों में गेहूं काटने का काम शुरू करते हैं। वहीं, प्राचीन काल से ही प्रचलित है कि नई फसल को काटने के लिए बसोआ (बैसाखी) पर्व को ही शुभ माना जाता है। दूसरी तरफ क्षेत्र के कई भागों में कुछेक खेतों में हल्की हरियाली भी है। इसके पीछे सिंचाई और देरी से फसल की बुआई बताई जा रही है। क्षेत्र के नकड़ोह, बनेहड़ा, कुनेरन, मवा कोहलां के किसानों में नरेश, संजीव, राजेश, मीना, कुलवंती ने बताया कि हमारे बुजुर्गों ने हमेशा से ही बैसाखी (बसोआ पर्व) से ही फसल की कटाई को शुरू किया है। हम भी उसी का अनुसरण करते आ रहे हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
मुबारिकपुर (ऊना)। जिले में किसानों की गेहूं की फसल अधिकतर पक गई है। कटाई को लेकर क्षेत्र के किसानों ने अपने औजारों की धार तेज करानी शुरू कर दी है। पुरानी परंपरा के अनुसार बैसाखी के दिन से ही किसान अपने खेतों में गेहूं काटने का काम शुरू करते हैं। वहीं, प्राचीन काल से ही प्रचलित है कि नई फसल को काटने के लिए बसोआ (बैसाखी) पर्व को ही शुभ माना जाता है। दूसरी तरफ क्षेत्र के कई भागों में कुछेक खेतों में हल्की हरियाली भी है। इसके पीछे सिंचाई और देरी से फसल की बुआई बताई जा रही है। क्षेत्र के नकड़ोह, बनेहड़ा, कुनेरन, मवा कोहलां के किसानों में नरेश, संजीव, राजेश, मीना, कुलवंती ने बताया कि हमारे बुजुर्गों ने हमेशा से ही बैसाखी (बसोआ पर्व) से ही फसल की कटाई को शुरू किया है। हम भी उसी का अनुसरण करते आ रहे हैं।