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Una News: भलखूं में 20 कनाल भूमि पर चट कर दी गेहूं की फसल
Thu, 26 Mar 2026 05:27 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Thu, 26 Mar 2026 05:27 AM IST
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बंगाणा क्षेत्र की खरयालता पंचायत के गांव भलखूं में नील गाय के झुंड गेहूं की फसल को चट करते। संव
बंगाणा (ऊना)। उपमंडल बंगाणा की खरयालता पंचायत का गांव भलखूं। समय बुधवार सुबह लगभग 11:28 बजे। गेहूं के खेतों में जंगली नील गायों का झुंड आ घुसा। लगभग 20 कनाल भूमि पर उगी गेहूं की फसल चट कर दी। आखिर किसान करें भी तो क्या।
यह सवाल बार-बार सरकार से उठाया जाता है लेकिन जंगली जानवरों के आतंक से निजात दिलाने की दिशा में कोई भी पहल नहीं की गई है। किसानों को पहले ही बीज व खाद से लेकर उपकरण और बुआई का काम करवाने के लिए काफी धनराशि खर्च करनी पड़ रही है। फसल का खर्चा भी वसूल नहीं हो रहा है।
किसान देसराज शर्मा, जसपाल शर्मा, सतपाल शर्मा, विजय शर्मा, राजीव शर्मा, विशन दास, संजीव शर्मा, विजय शर्मा, सतीश शर्मा, लक्की शर्मा, राकेश शर्मा, किशोरी लाल शर्मा सहित अन्य किसानों का कहना है कि गांव भलखूं में पहले लगभग 50 कनाल भूमि पर खेतीबाड़ी होती थी परंतु जंगली जानवरों के कहर से धीरे-धीरे यह 20 कनाल तक पहुंच गई है। बाकी जमीन खाली छोड़ दी।
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किसान दिन-रात ठीकरी पहरा दे रहे हैं। बावजूद इसके जंगली जानवर गेहूं की फसल पूरी तरह नष्ट कर देते हैं। किसानों ने वन विभाग से इन जंगली नील गायों की समस्या से समाधान दिलाने का आग्रह किया है।
उधर, रामगढ़ रेंज अधिकारी संदीप ठाकुर ने बताया कि अक्सर जंगली जानवर रात को ही खेतों का रुख करते हैं। बारिश होने के बाद उन्हें जंगलों में हरा चारा खाने को मिल जाएगा।
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यह सवाल बार-बार सरकार से उठाया जाता है लेकिन जंगली जानवरों के आतंक से निजात दिलाने की दिशा में कोई भी पहल नहीं की गई है। किसानों को पहले ही बीज व खाद से लेकर उपकरण और बुआई का काम करवाने के लिए काफी धनराशि खर्च करनी पड़ रही है। फसल का खर्चा भी वसूल नहीं हो रहा है।
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किसान देसराज शर्मा, जसपाल शर्मा, सतपाल शर्मा, विजय शर्मा, राजीव शर्मा, विशन दास, संजीव शर्मा, विजय शर्मा, सतीश शर्मा, लक्की शर्मा, राकेश शर्मा, किशोरी लाल शर्मा सहित अन्य किसानों का कहना है कि गांव भलखूं में पहले लगभग 50 कनाल भूमि पर खेतीबाड़ी होती थी परंतु जंगली जानवरों के कहर से धीरे-धीरे यह 20 कनाल तक पहुंच गई है। बाकी जमीन खाली छोड़ दी।
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किसान दिन-रात ठीकरी पहरा दे रहे हैं। बावजूद इसके जंगली जानवर गेहूं की फसल पूरी तरह नष्ट कर देते हैं। किसानों ने वन विभाग से इन जंगली नील गायों की समस्या से समाधान दिलाने का आग्रह किया है।
उधर, रामगढ़ रेंज अधिकारी संदीप ठाकुर ने बताया कि अक्सर जंगली जानवर रात को ही खेतों का रुख करते हैं। बारिश होने के बाद उन्हें जंगलों में हरा चारा खाने को मिल जाएगा।

बंगाणा क्षेत्र की खरयालता पंचायत के गांव भलखूं में नील गाय के झुंड गेहूं की फसल को चट करते। संव