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Una News: मौसम की मार, गेहूं की गिरी पैदावार
Wed, 01 May 2024 12:16 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Wed, 01 May 2024 12:16 AM IST
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प्रति कनाल में 50 किलोग्राम तक कम हुई गेहूं की पैदावार
एपीएमसी के खरीद केंद्रों में अभी तक उम्मीद मुताबिक गेहूं नहीं पहुंचा
मंगलवार बारिश होने से गेहूं की कटाई भी तीन-चार दिन के लिए रुकी
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिला के किसानों पर एक बार फिर मौसम ने कहर बरपाया है। गेहूं की कटाई के दिनों में बीते सोमवार को हुई बारिश से खेतों में काटकर रखी गेहूं की फसल भीग गई। वहीं, खेतों में खड़ी फसल की कटाई भी रुक गई। जमीन में नमी सूखने में अभी तीन से चार दिन का समय लग सकता है। इसके बाद ही गेहूं की कटाई दोबारा शुरू हो पाएगी। हालांकि मंगलवार को धूप खिलने से किसानों ने राहत की सांस ली है।
जानकारी के अनुसार जिले में 35000 हेक्टेयर भूमि पर गेहूं की फसल उगाई जाती है। इसमें से 65 प्रतिशत खेती ऐसे इलाकों में होती है, जहां बारिश पर निर्भर कृषि होती है। इस बार बंगाणा, ऊना, हरोली, गगरेट, दौलतपुर चौक, चिंतपूर्णी सहित जिला के तमाम इलाकों में गेहूं की फसल अच्छी हुई है। फसल को शुरुआती दिनों में बेशक बिना बारिश के जूझना पड़ा, लेकिन बाद में समय पर बारिश हुई, लेकिन वर्तमान में गेहूं की फसल पक चुकी है और बारिश की आवश्यकता नहीं है।
ध्यान रहे कि मार्च के अंतिम दिनों में बारिश के साथ आए तेज तूफान ने फसलें गिरा दी हैं। वह समय गेहूं के दाने के आकार लेने का था, लेकिन फसल गिरने से दाने की वृद्धि नहीं हो पाई, जिसका सीधा असर फसल की पैदावार पर पड़ा है। जिन किसानों ने अभी तक फसल की कटाई की, उनमें प्रेम चंद, तरसेम लाल, मनीष कुमार, श्याम लाल, सुनील कुमार का कहना है कि औसतन प्रति कनाल में 50 किलोग्राम पैदावार कम हुई है। इसका मुख्य कारण मौसम की विपरीत परिस्थितियां ही हैं।
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1047 क्विंटल गेहूं की हुई खरीद
जिला में गेहूं खरीद के लिए कृषि उपज बाजार समिति (एपीएमसी) की ओर से टकारला और रामपुर में बनाए गए दो खरीद केंद्रों में अभी तक 1047 क्विंटल गेहूं की खरीद हुई है। कुल 17 किसानों ने फसल बेची है। वहीं, अधिकतर किसान घर द्वार पर व्यापारियों को फसल बेचना बेहतर मान रहे हैं। एपीएमसी के सचिव भूपेंद्र ठाकुर ने कहा कि दोनों खरीद केंद्र में किसानों के लिए सभी सुविधाएं हैं। अभी मौसम खराब होने के कारण कटाई रुकी है, जिस कारण केंद्रों में आमद रुक गई है। बता दें कि जिला ऊना में हर वर्ष 80 हजार मीट्रिक टन के करीब गेहूं की पैदावार होती है और करीब आठ लाख क्विंटल पशु चारा (तूड़ी) निकलती है।
कोट्स
जिले में गेहूं की फसल पर बारिश का असर हुआ है। अगर किसी क्षेत्र में फसल को अधिक नुकसान पहुंचा है तो कृषि विभाग की टीम मौके का निरीक्षण करेगी। हालांकि अभी तक इतनी बारिश नहीं हुई कि फसलों को नुकसान हो। काटी हुई गेहूं पर बारिश होने और तेज हवाओं से गिरी गेहूं की पैदावार प्रभावित हो सकती है।
कुलभूषण धीमान, उपनिदेशक, जिला कृषि विभाग
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एपीएमसी के खरीद केंद्रों में अभी तक उम्मीद मुताबिक गेहूं नहीं पहुंचा
मंगलवार बारिश होने से गेहूं की कटाई भी तीन-चार दिन के लिए रुकी
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिला के किसानों पर एक बार फिर मौसम ने कहर बरपाया है। गेहूं की कटाई के दिनों में बीते सोमवार को हुई बारिश से खेतों में काटकर रखी गेहूं की फसल भीग गई। वहीं, खेतों में खड़ी फसल की कटाई भी रुक गई। जमीन में नमी सूखने में अभी तीन से चार दिन का समय लग सकता है। इसके बाद ही गेहूं की कटाई दोबारा शुरू हो पाएगी। हालांकि मंगलवार को धूप खिलने से किसानों ने राहत की सांस ली है।
जानकारी के अनुसार जिले में 35000 हेक्टेयर भूमि पर गेहूं की फसल उगाई जाती है। इसमें से 65 प्रतिशत खेती ऐसे इलाकों में होती है, जहां बारिश पर निर्भर कृषि होती है। इस बार बंगाणा, ऊना, हरोली, गगरेट, दौलतपुर चौक, चिंतपूर्णी सहित जिला के तमाम इलाकों में गेहूं की फसल अच्छी हुई है। फसल को शुरुआती दिनों में बेशक बिना बारिश के जूझना पड़ा, लेकिन बाद में समय पर बारिश हुई, लेकिन वर्तमान में गेहूं की फसल पक चुकी है और बारिश की आवश्यकता नहीं है।
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ध्यान रहे कि मार्च के अंतिम दिनों में बारिश के साथ आए तेज तूफान ने फसलें गिरा दी हैं। वह समय गेहूं के दाने के आकार लेने का था, लेकिन फसल गिरने से दाने की वृद्धि नहीं हो पाई, जिसका सीधा असर फसल की पैदावार पर पड़ा है। जिन किसानों ने अभी तक फसल की कटाई की, उनमें प्रेम चंद, तरसेम लाल, मनीष कुमार, श्याम लाल, सुनील कुमार का कहना है कि औसतन प्रति कनाल में 50 किलोग्राम पैदावार कम हुई है। इसका मुख्य कारण मौसम की विपरीत परिस्थितियां ही हैं।
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1047 क्विंटल गेहूं की हुई खरीद
जिला में गेहूं खरीद के लिए कृषि उपज बाजार समिति (एपीएमसी) की ओर से टकारला और रामपुर में बनाए गए दो खरीद केंद्रों में अभी तक 1047 क्विंटल गेहूं की खरीद हुई है। कुल 17 किसानों ने फसल बेची है। वहीं, अधिकतर किसान घर द्वार पर व्यापारियों को फसल बेचना बेहतर मान रहे हैं। एपीएमसी के सचिव भूपेंद्र ठाकुर ने कहा कि दोनों खरीद केंद्र में किसानों के लिए सभी सुविधाएं हैं। अभी मौसम खराब होने के कारण कटाई रुकी है, जिस कारण केंद्रों में आमद रुक गई है। बता दें कि जिला ऊना में हर वर्ष 80 हजार मीट्रिक टन के करीब गेहूं की पैदावार होती है और करीब आठ लाख क्विंटल पशु चारा (तूड़ी) निकलती है।
कोट्स
जिले में गेहूं की फसल पर बारिश का असर हुआ है। अगर किसी क्षेत्र में फसल को अधिक नुकसान पहुंचा है तो कृषि विभाग की टीम मौके का निरीक्षण करेगी। हालांकि अभी तक इतनी बारिश नहीं हुई कि फसलों को नुकसान हो। काटी हुई गेहूं पर बारिश होने और तेज हवाओं से गिरी गेहूं की पैदावार प्रभावित हो सकती है।
कुलभूषण धीमान, उपनिदेशक, जिला कृषि विभाग