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Una News: भवरन ग्राम में जलसंकट, 40 कनाल जमीन पर लगाई मक्के की फसल खराब

Wed, 21 May 2025 02:25 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Wed, 21 May 2025 02:25 AM IST
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Water crisis in Bhavran village, maize crop planted in 40 kanals wasted
भवरन उर्फ कंगरूही में सिंचाई न होने सूखी फसल। संवाद
सिंचाई के साथ लोगों को नहीं मिल रहा पीने का पानी
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खड्ड में खनन के चलते गिरा जल स्तर
लोगों ने प्रशासन से खनन पर रोक लगाने की उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ूही (ऊना)। उपमंडल अंब की ग्राम पंचायत पंजोआ के तहत गांव भवरन (कंगरूही) में गंभीर जलसंकट पैदा हो गया है। लोगों को सिंचाई के साथ पीने का पानी नहीं मिल रहा है। पानी की भारी कमी के चलते किसानों की लगभग 40 कनाल भूमि पर लगाई मक्के की फसल पूरी तरह से बर्बाद हो गई है। ग्रामीणों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। स्थानीय निवासी निर्मल सिंह ने बताया कि इस वर्ष सिंचाई के लिए पानी न मिलने के कारण उनकी मक्के की फसल सूख गई है। लगभग ढाई लाख रुपये का नुकसान हुआ है। गांव के अन्य किसान भी इसी प्रकार की परेशानी का सामना कर रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार पहले सिंचाई के लिए खड्ड (स्थानीय जलस्रोत) के पानी का इस्तेमाल किया जाता था। क्षेत्र में अंधाधुंध खनन के कारण अब खड्ड का जलस्तर काफी नीचे चला गया है। क्षेत्र में लगभग 15 फीट तक खोदाई और खनन हो चुका है। इससे भूजल स्तर तेजी से नीचे गिर गया है। खड्ड गांव की जीवनरेखा हुआ करती थी, अब सूखने के कगार पर है। स्थानीय निवासी कृष्ण शर्मा ने बताया कि पहले गांव में एक पानी का टैंक बना है। इससे पानी की सप्लाई होती थी और समस्या नहीं थी। पिछले 10 साल से टैंक की सप्लाई बंद पड़ी है। अब पंजोआ से पानी आता है। वह भी दिन में कभी एक बार, कभी दो बार। कृष्ण शर्मा का कहना है कि केवल सिंचाई ही नहीं, पीने के पानी की भी गंभीर समस्या खड़ी हो गई है। ग्रामीणों को दूरदराज के क्षेत्रों से पानी लाना पड़ रहा है। महिलाओं और बुजुर्गों को इस भीषण गर्मी में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जलस्तर की बहाली के लिए अवैध खनन पर तुरंत रोक लगाई जाए और क्षेत्र में वर्षा जल संचयन, बोरवेल की व्यवस्था और वैकल्पिक सिंचाई साधनों की व्यवस्था की जाए। साथ ही प्रभावित किसानों को सरकार की ओर से उचित मुआवजा भी दिया जाए। ग्राम पंचायत लडोली के प्रधान बलविंदर सिंह का कहना है कि यह सही बात है कि गांव में पानी की समस्या लंबे समय से है। अपने स्तर पर कई बार विभाग को सूचित किया। वहां से एक ही जवाब आता है कि काम चला हुआ और जल्द समस्या हल हो जाएगी। खनन के बारे में प्रशासन को सख्त होना पड़ेगा। अगर प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं करता है तो लोगों से आग्रह है कि कोई खनन की गाड़ी इस गांव से निकलती है तो सूचित करें। अपने स्तर पर उनको रोकेंगे। इस पर जिला खनन अधिकारी नीरज कांत का कहना है कि इस बारे में अभी पता चला है। शीघ्र ही मौके पर जाकर जांच करेंगे। अगर कुछ गलत पाया गया तो कार्रवाई करेंगे।
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