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Una News: अंबोटा पंचायत के विघटन के प्रस्ताव के विरोध में उतरे ग्रामीण
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बोले- बांटो और राज करो की नीति अपनाने वालों को चुनाव में देंगे करारा जवाब
ग्रामीणों ने विधायक से हस्तक्षेप करने की उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
गगरेट (ऊना)। विकास खंड गगरेट की ग्राम पंचायत अंबोटा का विघटन कर इसे दो से तीन पंचायतों में विभाजित करने के ग्राम पंचायत की ओर से भेजे गए प्रस्ताव पर विरोध के स्वर उठने लगे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जिन्होंने अंबोटा गांव की एकता व आपसी सद्भाव को तार-तार करते हुए बांटो और राज करो की नीति को अपनाया है, उन्हें आगामी पंचायत चुनाव में करारा जवाब दिया जाएगा। अंबोटा पंचायत के मोहल्ला हंडियाला व डब्बाली के लोगों ने कहा कि अगर प्रदेश सरकार चतेहर को अलग ग्राम पंचायत का दर्जा देना चाहती है तो उन्हें कोई एतराज नहीं। लेकिन हंडियाला व डब्बाली के लोग ग्राम पंचायत अंबोटा का हिस्सा बनकर रहना पसंद करेंगे।
बुधवार को ब्लाक कांग्रेस अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह कंवर की अगुवाई में बैठक कर गांव के बाशिंदे संजीव कुमार, राजीव ठाकुर, अर्जुन सिंह, मुकेश कुमार, राजेश कुमार, अजय सिंह, हरदीप सिंह, मोंटू, राजिंदर सिंह, पंकज, सतीश, नितिन, मनोहर लाल, अमन ठाकुर, कुलवंत सिंह, सक्षम, अंशु, सौरभ शर्मा, अनिरुद्ध, पंकज, पारिख, हरीश व युवा कांग्रेस अध्यक्ष अभिषेक ठाकुर सहित अन्य लोगों ने कहा कि अगर प्रदेश सरकार ने ऐसा कोई प्रस्ताव मांगा भी था तो चाहिए यह था कि ग्राम पंचायत इसके लिए ग्राम सभा की बैठक बुलाती। सभी गांववासियों की इस बारे में राय जानती। उसके बाद ही कोई प्रस्ताव पारित कर भेजा जाता। गांव ने पंचायत प्रतिनिधियों को इसलिए नहीं चुना था कि वे मनमर्जी से कोई भी फैसला पूरे गांव पर थोप दें। प्रदेश सरकार ऐसे किसी प्रस्ताव पर गौर न करे जो ग्राम पंचायत ने गांववासियों को विश्वास में लिए बिना ही पारित करके भेजा है। अगर प्रदेश सरकार दो ग्राम पंचायतें बनाना चाहती है तो चतेहर को बेशक अलग पंचायत का दर्जा दे दें। लेकिन, मोहल्ला हंडियाला व डब्बाली और शिवबाड़ी उपमुहाल के लोग ग्राम पंचायत अंबोटा के साथ रहना चाहते हैं। ग्रामीणों ने विधायक राकेश कालिया से इस मामले में हस्तक्षेप कर उचित निर्णय लेने की मांग की है।
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ग्रामीणों ने विधायक से हस्तक्षेप करने की उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
गगरेट (ऊना)। विकास खंड गगरेट की ग्राम पंचायत अंबोटा का विघटन कर इसे दो से तीन पंचायतों में विभाजित करने के ग्राम पंचायत की ओर से भेजे गए प्रस्ताव पर विरोध के स्वर उठने लगे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जिन्होंने अंबोटा गांव की एकता व आपसी सद्भाव को तार-तार करते हुए बांटो और राज करो की नीति को अपनाया है, उन्हें आगामी पंचायत चुनाव में करारा जवाब दिया जाएगा। अंबोटा पंचायत के मोहल्ला हंडियाला व डब्बाली के लोगों ने कहा कि अगर प्रदेश सरकार चतेहर को अलग ग्राम पंचायत का दर्जा देना चाहती है तो उन्हें कोई एतराज नहीं। लेकिन हंडियाला व डब्बाली के लोग ग्राम पंचायत अंबोटा का हिस्सा बनकर रहना पसंद करेंगे।
बुधवार को ब्लाक कांग्रेस अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह कंवर की अगुवाई में बैठक कर गांव के बाशिंदे संजीव कुमार, राजीव ठाकुर, अर्जुन सिंह, मुकेश कुमार, राजेश कुमार, अजय सिंह, हरदीप सिंह, मोंटू, राजिंदर सिंह, पंकज, सतीश, नितिन, मनोहर लाल, अमन ठाकुर, कुलवंत सिंह, सक्षम, अंशु, सौरभ शर्मा, अनिरुद्ध, पंकज, पारिख, हरीश व युवा कांग्रेस अध्यक्ष अभिषेक ठाकुर सहित अन्य लोगों ने कहा कि अगर प्रदेश सरकार ने ऐसा कोई प्रस्ताव मांगा भी था तो चाहिए यह था कि ग्राम पंचायत इसके लिए ग्राम सभा की बैठक बुलाती। सभी गांववासियों की इस बारे में राय जानती। उसके बाद ही कोई प्रस्ताव पारित कर भेजा जाता। गांव ने पंचायत प्रतिनिधियों को इसलिए नहीं चुना था कि वे मनमर्जी से कोई भी फैसला पूरे गांव पर थोप दें। प्रदेश सरकार ऐसे किसी प्रस्ताव पर गौर न करे जो ग्राम पंचायत ने गांववासियों को विश्वास में लिए बिना ही पारित करके भेजा है। अगर प्रदेश सरकार दो ग्राम पंचायतें बनाना चाहती है तो चतेहर को बेशक अलग पंचायत का दर्जा दे दें। लेकिन, मोहल्ला हंडियाला व डब्बाली और शिवबाड़ी उपमुहाल के लोग ग्राम पंचायत अंबोटा के साथ रहना चाहते हैं। ग्रामीणों ने विधायक राकेश कालिया से इस मामले में हस्तक्षेप कर उचित निर्णय लेने की मांग की है।
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