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स्कूलों में ही टीकाकरण से विद्यार्थियों में उत्साह
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धमांदरी स्कूल में कोविड टीका लगवाते विद्यार्थी।संवाद
- फोटो : Una
नारी (ऊना)। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला धमांदरी और रायंसरी में कड़ाके की ठंड के बावजूद विद्यार्थियों में कोविड टीकाकरण के लिए काफी जोश दिखा। उनका कहना था कि टीका लगवाने से कोरोना के खिलाफ लड़ाई में सुरक्षा कवच मिला है। रायंसरी स्कूल के कुछ बच्चे बारिश के कारण स्कूल न पहुंचे तो प्रधानाचार्य खुद अपनी गाड़ी से उन्हें लेने पहुंच गए।
धमांदरी स्कूल में 239 विद्यार्थियों का टीकाकरण हुआ। इनमें नौवीं के 22, दसवीं के 57, 11वीं के 78, 12वीं के 82 बच्चे शामिल हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने समय पर पहुंचकर कार्य शुरू किया। धमांदरी स्कूल के प्रधानाचार्य नवीन गुप्ता ने बताया कि विद्यार्थियों को लगातार चार दिन कोविड टीकाकरण के बारे में जागरूक किया है। बच्चों ने बिना किसी डर के टीका लगवाया।
स्कूल के प्रवक्ता विश्व रत्न के अनुसार टीका लगाने के आधे घंटा इंतजार के बाद ही विद्यार्थी भेजे गए। किसी विद्यार्थी को दिक्कत नहीं हुई। वहीं, रायंसरी स्कूल में 116 बच्चों का टीकाकरण हुआ। इनमें छठी से आठवीं तक नौ, नौवीं कक्षा के नौ, दसवीं के 24, 11वीं के 38 और 12वीं के 36 बच्चे शामिल हैं। उच्च शिक्षा उपनिदेशक जनक सिंह ने भी विद्यालय का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। प्रधानाचार्य प्रदीप सिंह ने बताया कि अभिभावकों की बैठक बुलाकर टीकाकरण के बारे में सभी को जागरूक कर उनकी शंकाओं का निवारण किया गया।
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धमांदरी स्कूल के दसवीं कक्षा के छात्र प्रांशुल रतन ने बताया कि स्कूल में टीकाकरण को लेकर बताया गया था। इस दौरान शंकाएं दूर हो गईं। बुधवार को टीका लगवा लिया है। अब महामारी से लड़ने में मदद मिलेगी।
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नौवीं कक्षा की छात्रा अंजलि ने कहा कि टीकाकरण के तहत पहली डोज लग गई है। टीका लगने के बाद आत्मविश्वास बढ़ा है। सभी के सहयोग से आसानी से टीकाकरण हुआ। सभी टीकाकरण करवाएं और सुरक्षित हो जाएं।
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छात्रा गायत्री का कहना है कि जिन लोगों के मन में अभी भी टीकाकरण को लेकर शंका है, वे सभी टीका लगवाएं। यदि बच्चे अच्छा महसूस कर रहे हैं तो बड़ों को लगवाने में कोई दिक्कत नहीं आनी चाहिए। यदि कोई टीका लगाने से बचता है तो समझो वह बीमारी फैलाने में मदद कर रहा है।
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छात्रा पलक का कहना है कि प्रिंसिपल और अध्यापकों ने बार-बार प्रेरित करके मानसिक रूप से टीका लगवाने के लिए तैयार कर दिया था। टीका लगवाने के बाद हमें पता ही नहीं लगा कि लग गया है या नहीं। सभी टीकाकरण करवाएं।
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धमांदरी स्कूल में 239 विद्यार्थियों का टीकाकरण हुआ। इनमें नौवीं के 22, दसवीं के 57, 11वीं के 78, 12वीं के 82 बच्चे शामिल हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने समय पर पहुंचकर कार्य शुरू किया। धमांदरी स्कूल के प्रधानाचार्य नवीन गुप्ता ने बताया कि विद्यार्थियों को लगातार चार दिन कोविड टीकाकरण के बारे में जागरूक किया है। बच्चों ने बिना किसी डर के टीका लगवाया।
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स्कूल के प्रवक्ता विश्व रत्न के अनुसार टीका लगाने के आधे घंटा इंतजार के बाद ही विद्यार्थी भेजे गए। किसी विद्यार्थी को दिक्कत नहीं हुई। वहीं, रायंसरी स्कूल में 116 बच्चों का टीकाकरण हुआ। इनमें छठी से आठवीं तक नौ, नौवीं कक्षा के नौ, दसवीं के 24, 11वीं के 38 और 12वीं के 36 बच्चे शामिल हैं। उच्च शिक्षा उपनिदेशक जनक सिंह ने भी विद्यालय का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। प्रधानाचार्य प्रदीप सिंह ने बताया कि अभिभावकों की बैठक बुलाकर टीकाकरण के बारे में सभी को जागरूक कर उनकी शंकाओं का निवारण किया गया।
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धमांदरी स्कूल के दसवीं कक्षा के छात्र प्रांशुल रतन ने बताया कि स्कूल में टीकाकरण को लेकर बताया गया था। इस दौरान शंकाएं दूर हो गईं। बुधवार को टीका लगवा लिया है। अब महामारी से लड़ने में मदद मिलेगी।
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नौवीं कक्षा की छात्रा अंजलि ने कहा कि टीकाकरण के तहत पहली डोज लग गई है। टीका लगने के बाद आत्मविश्वास बढ़ा है। सभी के सहयोग से आसानी से टीकाकरण हुआ। सभी टीकाकरण करवाएं और सुरक्षित हो जाएं।
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छात्रा गायत्री का कहना है कि जिन लोगों के मन में अभी भी टीकाकरण को लेकर शंका है, वे सभी टीका लगवाएं। यदि बच्चे अच्छा महसूस कर रहे हैं तो बड़ों को लगवाने में कोई दिक्कत नहीं आनी चाहिए। यदि कोई टीका लगाने से बचता है तो समझो वह बीमारी फैलाने में मदद कर रहा है।
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छात्रा पलक का कहना है कि प्रिंसिपल और अध्यापकों ने बार-बार प्रेरित करके मानसिक रूप से टीका लगवाने के लिए तैयार कर दिया था। टीका लगवाने के बाद हमें पता ही नहीं लगा कि लग गया है या नहीं। सभी टीकाकरण करवाएं।
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