{"_id":"6ad90c332c3cb4fc080f9806","slug":"use-of-government-land-in-roda-must-align-with-the-projects-mukesh-una-news-c-93-1-una1002-210727-2026-10-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"रोड़ा में सरकारी भूमि का उपयोग परियोजनाओं के अनुरूप हो स्पष्ट : मुकेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रोड़ा में सरकारी भूमि का उपयोग परियोजनाओं के अनुरूप हो स्पष्ट : मुकेश
Thu, 22 Oct 2026 12:32 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Thu, 22 Oct 2026 12:32 AM IST
विज्ञापन
ऊना। हरोली के रोड़ा में करीब 100 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं को समग्र योजना के तहत आगे बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने बुधवार को क्षेत्र का दौरा कर निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लिया और प्रस्तावित परियोजनाओं के लिए भूमि के उपयोग सहित भविष्य की जरूरतों पर अधिकारियों से चर्चा की।
मुकेश अग्निहोत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि रोड़ा में उपलब्ध सरकारी भूमि का उपयोग विभिन्न परियोजनाओं के अनुरूप स्पष्ट रूप से निर्धारित किया जाए। किस परियोजना के लिए कौन-सी भूमि इस्तेमाल होगी और भवनों, पार्किंग तथा अन्य सुविधाओं के लिए कहां जगह रखी जाएगी, इसका पूरा खाका तैयार किया जाए। जरूरत पड़ने पर आर्किटेक्ट की मदद लेकर पूरे क्षेत्र की समग्र योजना बनाई जाए, ताकि विकास कार्यों को व्यवस्थित ढंग से आगे बढ़ाया जा सके। उन्होंने करीब 22 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे हेलिपोर्ट का काम जुलाई 2027 तक पूरा करने के लक्ष्य के अनुरूप तेजी लाने के निर्देश दिए। साथ ही सरकारी भूमि के नियोजित उपयोग, पार्किंग और जल निकासी जैसी बुनियादी सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। उपमुख्यमंत्री ने हेलिपोर्ट के साथ करीब 10 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किए जा रहे सिंथेटिक एथलेटिक्स ट्रैक के निर्माण कार्य का भी जायजा लिया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में कई परियोजनाएं एक साथ विकसित की जा रही हैं। ऐसे में इनके बीच बेहतर समन्वय जरूरी है।
विज्ञापन
मुकेश अग्निहोत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि रोड़ा में उपलब्ध सरकारी भूमि का उपयोग विभिन्न परियोजनाओं के अनुरूप स्पष्ट रूप से निर्धारित किया जाए। किस परियोजना के लिए कौन-सी भूमि इस्तेमाल होगी और भवनों, पार्किंग तथा अन्य सुविधाओं के लिए कहां जगह रखी जाएगी, इसका पूरा खाका तैयार किया जाए। जरूरत पड़ने पर आर्किटेक्ट की मदद लेकर पूरे क्षेत्र की समग्र योजना बनाई जाए, ताकि विकास कार्यों को व्यवस्थित ढंग से आगे बढ़ाया जा सके। उन्होंने करीब 22 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे हेलिपोर्ट का काम जुलाई 2027 तक पूरा करने के लक्ष्य के अनुरूप तेजी लाने के निर्देश दिए। साथ ही सरकारी भूमि के नियोजित उपयोग, पार्किंग और जल निकासी जैसी बुनियादी सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। उपमुख्यमंत्री ने हेलिपोर्ट के साथ करीब 10 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किए जा रहे सिंथेटिक एथलेटिक्स ट्रैक के निर्माण कार्य का भी जायजा लिया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में कई परियोजनाएं एक साथ विकसित की जा रही हैं। ऐसे में इनके बीच बेहतर समन्वय जरूरी है।
विज्ञापन