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Una News: पंजोआ खुर्द में सरकारी जमीन को लेकर फिर गरमाया विवाद

Thu, 22 Oct 2026 12:25 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना Updated Thu, 22 Oct 2026 12:25 AM IST
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Dispute over government land flares up again in Panjoa Khurd
बड़ूही (ऊना)। ग्राम पंचायत लड़ोली के तहत पड़ते पंजोआ खुर्द में सरकारी जमीन की निशानदेही से उपजा तनाव अब सड़कों पर दिखने लगा है। सरकारी भूमि पर कथित अवैध कब्जे के विरोध में स्थानीय ग्रामीण पंचायत प्रधान के नेतृत्व में एकजुट हो गए हैं। बुधवार को पंजोआ बाजार में ग्रामीणों ने रोष रैली निकालकर प्रदर्शन किया और जमीन को कब्जामुक्त कराने की मांग को लेकर नारेबाजी की।
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प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर सरकारी भूमि को कथित कब्जे से मुक्त करवाने और रास्ते के विवाद का स्थायी समाधान निकालने की मांग की है। पंचायत प्रधान शशि कुमारी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि रास्ते की निशानदेही आम जनता की सुविधा के लिए बेहद जरूरी है। उन्होंने बीते 17 अक्तूबर को प्रशासन द्वारा की गई पैमाइश को पूरी तरह वैध बताते हुए कहा कि जनहित के विकास कार्यों में अड़ंगा डालना ठीक नहीं है। उन्होंने राजस्व रिकॉर्ड का हवाला देते हुए बताया कि खसरा नंबर 626, 627, 792/625 और 784/624 राज्य सरकार के अधीन लोक निर्माण विभाग के नाम दर्ज हैं, जिनमें से 626 और 627 पुराने समय से गैर-मुमकिन सड़क की श्रेणी में आते हैं। नियमों के तहत निशानदेही होने के बाद अब इस पर बेवजह विवाद खड़ा करने का कोई औचित्य नहीं बनता। प्रधान ने बताया कि प्रस्तावित सड़क के दायरे में प्रकाश चंद नामक ग्रामीण की निजी जमीन का भी कुछ हिस्सा आ रहा था, जिसे प्रकाश चंद ने जनहित को देखते हुए संबंधित जमीन लोक निर्माण विभाग के नाम गिफ्ट डीड के जरिये हस्तांतरित किया है। उन्होंने कहा कि पंजोआ की सीमा से सटी करीब 33 कनाल दो मरले सरकारी जमीन और जल शक्ति विभाग की पेयजल परियोजना तक इस रास्ते का सीधा जुड़ाव होना है। रास्ता बनने से पंजोआ के साथ-साथ ठठल और चक्क गांव के बाशिंदों को भी सीधा लाभ मिलेगा। प्रधान ने दो टूक कहा कि पुरानी बातों की आड़ लेकर आज के रिकॉर्ड को झुठलाया नहीं जा सकता, फिर भी अगर किसी को आपत्ति है तो वह अपने कागजात लेकर प्रशासन के समक्ष अपनी बात रख सकता है।
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