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Una News: ऊना का कन्या और बाल स्कूल मर्ज, अभिभावकों बोले-निजी स्कूल में पढ़ाएंगे बेटियां
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कहा- स्कूल मर्ज हुआ तो अनिश्चितकालीन धरने पर बैठेंगे
शहर के एमसी पार्क में एकत्रित हुए छात्राओं के अभिभावक
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिला मुख्यालय में स्थित उत्कृष्ट वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कन्या और बाल स्कूल ऊना को मर्ज किया जाएगा। इस फैसले को लेकर स्कूल में पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों के अभिभावकों और स्कूल प्रबंधन समिति की ओर से रोष जताया जा रहा। इस संबंध में स्कूल प्रबंधन कमेटी और अभिभावकों की बैठक शनिवार को शहर के एमसी पार्क ऊना में हुई। इसमें 82 अभिभावकों ने भाग लिया तथा इस मुद्दे पर विचार रखे। स्कूल प्रबंधक कमेटी की अध्यक्ष गुरप्रीत कौर ने बताया कि विद्यालय में 600 छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रही हैं। 250 बाहरी गांवों लाल सिंगी, रामपुर, झलेड़ा, मलाहत, डगोली, रायंसरी, अरनियाला, अपर व लोअर कुरियाला, बसोली, कुठार, ईसपुर, बल्ह खालसा, सैली, बहाल, कोटला कलां, बरनोह आदि गांवों से आती हैं। कक्षा छठी से दसवीं तक अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई करवाई जाती है। कक्षा 11 और 12 के सभी संकाय उपलब्ध हैं। विद्यालय में प्रयोगशालाएं, कंप्यूटर लैब अन्य हर प्रकार की गतिविधियां बहुत ही आधुनिक ढंग से करवाई जाती हैं। अभिभावकों ने बताया कि विद्यालय के पिछली और पुलिस थाना सदर है। इससे बेटियों की सुरक्षा और भी पुख्ता है। शहर में बीते कुछ समय से आपराधिक गतिविधियां बढ़ी हैं। ऐसे में बेटियों की सुरक्षा की चिंता उन्हें सता रही है। अभिभावकों ने कड़े शब्दों में सरकार को चेतावनी दी है कि यदि कन्या विद्यालय को दूसरे विद्यालय में सरकार मर्ज करती है तो सभी अभिभावक बेटियों के प्रमाण पत्र लेकर प्राइवेट स्कूलों का रुख करेंगे। ठान लिया है कि 600 की 600 छात्राएं प्राइवेट स्कूलों में दाखिला ले लेंगी। दूसरे स्कूल में अपने विद्यालय को हर हाल में मर्ज नहीं होने देंगी। स्कूलों में बच्चों की संख्या बढ़ाने के लिए स्कूल प्रबंधन कमेटी ने जो मेहनत की है, उस पर पानी नहीं फिरने देंगे। विद्यालय के बच्चों ने हर प्रतियोगिता में छात्राओं ने नाम कमाया है। पिछले वर्ष हिमाचल प्रदेश विधानसभा में बच्चों की ओर से लगाई गई विधानसभा में एक छात्रा का चयन हुआ। सरकार की ओर से उसे सम्मानित भी किया जा चुका। कन्या विद्यालय की उपलब्धियां को देखते हुए विभाग की ओर से इसे उत्कृष्ट विद्यालय का दर्ज दिया जा चुका।
धरने की चेतावनी
सभी अभिभावकों ने एकमत में कहा कि यदि सरकार की ओर से हमारी मांग न मानी गई तो स्कूल प्रबंधन कमेटी और अन्य अभिभावक अनिश्चितकालीन धरने पर विभाग के कार्यालय के आगे बैठ जाएंगे। यदि किसी अभिभावक या बच्चे को अनहोनी घटना का शिकार होना पड़ता है तो इसकी जिम्मेदारी विभाग और सरकार पर होगी। इसलिए सरकार से हम आग्रह करते हैं कि कन्या विद्यालय को जहां है वहीं रहने दिया जाए। उपनिदेशक जिला उच्च शिक्षा विभाग अनिल कुमार ने कहा कि स्कूलों को मर्ज करने का फैसला विभाग व सरकार की ओर से लिया गया है। आदेशों में कोई बदलाव आता है तो निश्चित तौर पर उसे लागू किया जाएगा।
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शहर के एमसी पार्क में एकत्रित हुए छात्राओं के अभिभावक
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिला मुख्यालय में स्थित उत्कृष्ट वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कन्या और बाल स्कूल ऊना को मर्ज किया जाएगा। इस फैसले को लेकर स्कूल में पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों के अभिभावकों और स्कूल प्रबंधन समिति की ओर से रोष जताया जा रहा। इस संबंध में स्कूल प्रबंधन कमेटी और अभिभावकों की बैठक शनिवार को शहर के एमसी पार्क ऊना में हुई। इसमें 82 अभिभावकों ने भाग लिया तथा इस मुद्दे पर विचार रखे। स्कूल प्रबंधक कमेटी की अध्यक्ष गुरप्रीत कौर ने बताया कि विद्यालय में 600 छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रही हैं। 250 बाहरी गांवों लाल सिंगी, रामपुर, झलेड़ा, मलाहत, डगोली, रायंसरी, अरनियाला, अपर व लोअर कुरियाला, बसोली, कुठार, ईसपुर, बल्ह खालसा, सैली, बहाल, कोटला कलां, बरनोह आदि गांवों से आती हैं। कक्षा छठी से दसवीं तक अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई करवाई जाती है। कक्षा 11 और 12 के सभी संकाय उपलब्ध हैं। विद्यालय में प्रयोगशालाएं, कंप्यूटर लैब अन्य हर प्रकार की गतिविधियां बहुत ही आधुनिक ढंग से करवाई जाती हैं। अभिभावकों ने बताया कि विद्यालय के पिछली और पुलिस थाना सदर है। इससे बेटियों की सुरक्षा और भी पुख्ता है। शहर में बीते कुछ समय से आपराधिक गतिविधियां बढ़ी हैं। ऐसे में बेटियों की सुरक्षा की चिंता उन्हें सता रही है। अभिभावकों ने कड़े शब्दों में सरकार को चेतावनी दी है कि यदि कन्या विद्यालय को दूसरे विद्यालय में सरकार मर्ज करती है तो सभी अभिभावक बेटियों के प्रमाण पत्र लेकर प्राइवेट स्कूलों का रुख करेंगे। ठान लिया है कि 600 की 600 छात्राएं प्राइवेट स्कूलों में दाखिला ले लेंगी। दूसरे स्कूल में अपने विद्यालय को हर हाल में मर्ज नहीं होने देंगी। स्कूलों में बच्चों की संख्या बढ़ाने के लिए स्कूल प्रबंधन कमेटी ने जो मेहनत की है, उस पर पानी नहीं फिरने देंगे। विद्यालय के बच्चों ने हर प्रतियोगिता में छात्राओं ने नाम कमाया है। पिछले वर्ष हिमाचल प्रदेश विधानसभा में बच्चों की ओर से लगाई गई विधानसभा में एक छात्रा का चयन हुआ। सरकार की ओर से उसे सम्मानित भी किया जा चुका। कन्या विद्यालय की उपलब्धियां को देखते हुए विभाग की ओर से इसे उत्कृष्ट विद्यालय का दर्ज दिया जा चुका।
धरने की चेतावनी
सभी अभिभावकों ने एकमत में कहा कि यदि सरकार की ओर से हमारी मांग न मानी गई तो स्कूल प्रबंधन कमेटी और अन्य अभिभावक अनिश्चितकालीन धरने पर विभाग के कार्यालय के आगे बैठ जाएंगे। यदि किसी अभिभावक या बच्चे को अनहोनी घटना का शिकार होना पड़ता है तो इसकी जिम्मेदारी विभाग और सरकार पर होगी। इसलिए सरकार से हम आग्रह करते हैं कि कन्या विद्यालय को जहां है वहीं रहने दिया जाए। उपनिदेशक जिला उच्च शिक्षा विभाग अनिल कुमार ने कहा कि स्कूलों को मर्ज करने का फैसला विभाग व सरकार की ओर से लिया गया है। आदेशों में कोई बदलाव आता है तो निश्चित तौर पर उसे लागू किया जाएगा।
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