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Una News: बहडाला में पकड़ी गई शराब की बोतलों पर लगे स्टिकर निकले नकली
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ऊना। सदर थाना के तहत बहडाला गांव में शुक्रवार देर रात पकड़ी गई 45 पेटी देसी शराब के मामले में एक और बड़ा खुलासा हुआ है। जांच में पता चला है कि शराब की बोतलों पर लगे स्टिकर और सील नकली हैं। शराब की गुणवत्ता की जांच के लिए पुलिस ने नमूने लेबोरेटरी के लिए भिजवा दिए हैं।
जानकारी के अनुसार शुक्रवार और शनिवार की मध्य रात्रि जिला मुख्यालय से करीब 10 किलोमीटर दूर बहडाला में कार सवार मोहित (46) निवासी मलाहत और अश्विनी कुमार (40) निवासी नंगल जिला रूपनगर पंजाब से पुलिस ने शराब की यह खेप बरामद की थी। पुलिस ने आबकारी एवं कराधान विभाग को मामले की जांच में शामिल किया। इसके बाद शराब का मार्का पढ़कर कंपनी के बिक्री प्रबंधक को बुलाया गया। इस दौरान बिक्री प्रबंधन ने बताया कि पकड़ी गई शराब उनकी कंपनी में तैयार नहीं हुई और जब्त की गई बोतलों पर लगे स्टिकर और सील नकली हैं। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 420, 467, 468 और 471 को शामिल कर केस दर्ज किया है।
पुलिस जांच में जुटी है कि आरोपी इतनी बड़ी मात्रा में नकली स्टिकर वाली शराब कहां से लेकर आए। जांच में शराब की गुणवत्ता भी निम्न स्तर की बताई जा रही है। वहीं अगर शराब की खरीद पंजाब या अन्य राज्य से की गई तो उस पर लगे नकली स्टिकर और सील की खरीद कहां से की गई, यह भी जांच का विषय है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ऊना संजीव भाटिया ने बताया कि पुलिस मामले की जांच में गंभीरता से की जा रही है। शराब की गुणवत्ता किस स्तर की है, इसकी रिपोर्ट जल्द उनके पास होगी। इसके साथ ही पता लगाया जा रहा है, नकली लेवल वाली शराब का उत्पादन, कहां हो रहा है। इसके लिए आरोपियों से भी सख्ती से पूछताछ की जा रही है।
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जानकारी के अनुसार शुक्रवार और शनिवार की मध्य रात्रि जिला मुख्यालय से करीब 10 किलोमीटर दूर बहडाला में कार सवार मोहित (46) निवासी मलाहत और अश्विनी कुमार (40) निवासी नंगल जिला रूपनगर पंजाब से पुलिस ने शराब की यह खेप बरामद की थी। पुलिस ने आबकारी एवं कराधान विभाग को मामले की जांच में शामिल किया। इसके बाद शराब का मार्का पढ़कर कंपनी के बिक्री प्रबंधक को बुलाया गया। इस दौरान बिक्री प्रबंधन ने बताया कि पकड़ी गई शराब उनकी कंपनी में तैयार नहीं हुई और जब्त की गई बोतलों पर लगे स्टिकर और सील नकली हैं। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 420, 467, 468 और 471 को शामिल कर केस दर्ज किया है।
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पुलिस जांच में जुटी है कि आरोपी इतनी बड़ी मात्रा में नकली स्टिकर वाली शराब कहां से लेकर आए। जांच में शराब की गुणवत्ता भी निम्न स्तर की बताई जा रही है। वहीं अगर शराब की खरीद पंजाब या अन्य राज्य से की गई तो उस पर लगे नकली स्टिकर और सील की खरीद कहां से की गई, यह भी जांच का विषय है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ऊना संजीव भाटिया ने बताया कि पुलिस मामले की जांच में गंभीरता से की जा रही है। शराब की गुणवत्ता किस स्तर की है, इसकी रिपोर्ट जल्द उनके पास होगी। इसके साथ ही पता लगाया जा रहा है, नकली लेवल वाली शराब का उत्पादन, कहां हो रहा है। इसके लिए आरोपियों से भी सख्ती से पूछताछ की जा रही है।
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