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Una News: ऊना-हमीरपुर राष्ट्रीय मार्ग ककराणा के पास पहाड़ी गिरने से बंद
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ऊना हमीरपुर सुपर एक्सप्रेस मार्ग पर ककराना के पास बंद सड़क मार्ग। स्रोत जागरूक पाठक
वैकल्पिक मार्गों से चल रहा यातायात, लोगों को तय करना पड़ रहा लंबा सफर
लोक निर्माण विभाग ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया
थानाकलां और जोगीपंगा में संकेत बोर्ड लगाकर मुख्य सड़क मार्ग को पूरी तरह बंद किया
संवाद न्यूज एजेंसी
थानाकलां (ऊना)। ऊना-हमीरपुर नेशनल हाईवे शनिवार रात नौ बजे ककराणा के समीप अचानक पहाड़ी दरकने से पूरी तरह बंद हो गया। भारी मलबा और पत्थर गिरने से मार्ग पर यातायात बाधित हो गया। लोगों को अब लंबा चक्कर काटकर वैकल्पिक मार्गों से सफर करना पड़ रहा है। लोक निर्माण विभाग ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और थानाकलां और जोगीपंगा में संकेत बोर्ड लगाकर मुख्य मार्ग को पूरी तरह बंद कर दिया। अब ऊना-हमीरपुर के बीच सभी वाहन जोगीपंगा, संहाल, टिहरा और छपरोह होकर संचालित किए जा रहे हैं। इससे यात्रियों, विद्यार्थियों और वाहन चालकों को न केवल 10 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है, बल्कि समय और ईंधन की खपत भी बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि यह मार्ग दोनों जिलों के बीच सबसे सुगम और सीधा रास्ता है, लेकिन अवरुद्ध होने से आमजन को काफी दिक्कत झेलनी पड़ रही है। लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता संदीप गौतम ने बताया कि मलबा हटाने का कार्य युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया गया है। मशीनरी और मजदूरों को लगाया गया है, लेकिन चट्टानों के बड़े-बड़े टुकड़े रास्ते में होने के कारण काम में कठिनाई आ रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि मौसम सामान्य रहने पर अगले एक-दो दिन में सड़क को आंशिक रूप से बहाल कर दिया जाएगा। साथ ही उन्होंने लोगों से आग्रह किया है कि वे फिलहाल वैकल्पिक मार्गों का ही उपयोग करें और बंद स्थानों पर अनावश्यक रूप से न रुकें।
वैकल्पिक मार्ग संकरा और ऊबड़-खाबड़
मार्ग अवरुद्ध होने से सबसे अधिक परेशानी रोजाना आने-जाने वाले विद्यार्थियों और नौकरीपेशा लोगों को हो रही है। हमीरपुर से ऊना पढ़ने जाने वाली छात्रा रिद्धिमा ने बताया कि अब उसे प्रतिदिन एक घंटा अतिरिक्त सफर करना पड़ रहा है। वाहन चालक रमेश कुमार ने कहा कि वैकल्पिक मार्ग संकरा और ऊबड़-खाबड़ है, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। वहीं, स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि सड़क बंद होने से उनके कारोबार पर भी नकारात्मक असर पड़ा है। लोगों ने विभाग से मांग की है कि सड़क को जल्द से जल्द खोलने के लिए अतिरिक्त मशीनरी लगाई जाए, ताकि यातायात सामान्य हो सके।
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लोक निर्माण विभाग ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया
थानाकलां और जोगीपंगा में संकेत बोर्ड लगाकर मुख्य सड़क मार्ग को पूरी तरह बंद किया
संवाद न्यूज एजेंसी
थानाकलां (ऊना)। ऊना-हमीरपुर नेशनल हाईवे शनिवार रात नौ बजे ककराणा के समीप अचानक पहाड़ी दरकने से पूरी तरह बंद हो गया। भारी मलबा और पत्थर गिरने से मार्ग पर यातायात बाधित हो गया। लोगों को अब लंबा चक्कर काटकर वैकल्पिक मार्गों से सफर करना पड़ रहा है। लोक निर्माण विभाग ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और थानाकलां और जोगीपंगा में संकेत बोर्ड लगाकर मुख्य मार्ग को पूरी तरह बंद कर दिया। अब ऊना-हमीरपुर के बीच सभी वाहन जोगीपंगा, संहाल, टिहरा और छपरोह होकर संचालित किए जा रहे हैं। इससे यात्रियों, विद्यार्थियों और वाहन चालकों को न केवल 10 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है, बल्कि समय और ईंधन की खपत भी बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि यह मार्ग दोनों जिलों के बीच सबसे सुगम और सीधा रास्ता है, लेकिन अवरुद्ध होने से आमजन को काफी दिक्कत झेलनी पड़ रही है। लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता संदीप गौतम ने बताया कि मलबा हटाने का कार्य युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया गया है। मशीनरी और मजदूरों को लगाया गया है, लेकिन चट्टानों के बड़े-बड़े टुकड़े रास्ते में होने के कारण काम में कठिनाई आ रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि मौसम सामान्य रहने पर अगले एक-दो दिन में सड़क को आंशिक रूप से बहाल कर दिया जाएगा। साथ ही उन्होंने लोगों से आग्रह किया है कि वे फिलहाल वैकल्पिक मार्गों का ही उपयोग करें और बंद स्थानों पर अनावश्यक रूप से न रुकें।
वैकल्पिक मार्ग संकरा और ऊबड़-खाबड़
मार्ग अवरुद्ध होने से सबसे अधिक परेशानी रोजाना आने-जाने वाले विद्यार्थियों और नौकरीपेशा लोगों को हो रही है। हमीरपुर से ऊना पढ़ने जाने वाली छात्रा रिद्धिमा ने बताया कि अब उसे प्रतिदिन एक घंटा अतिरिक्त सफर करना पड़ रहा है। वाहन चालक रमेश कुमार ने कहा कि वैकल्पिक मार्ग संकरा और ऊबड़-खाबड़ है, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। वहीं, स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि सड़क बंद होने से उनके कारोबार पर भी नकारात्मक असर पड़ा है। लोगों ने विभाग से मांग की है कि सड़क को जल्द से जल्द खोलने के लिए अतिरिक्त मशीनरी लगाई जाए, ताकि यातायात सामान्य हो सके।
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