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कोरोना काल दे गया जिला को एक नया अस्पताल
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संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। कोरोना संकट के दौरान ऊना जिले को एक नया अस्पताल मिला है। हरोली के पालकवाह में स्थापित यह अस्पताल ऑक्सीजन आपूर्ति व वेंटिलेटर आदि कई आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित है। फिलहाल, अस्पताल का उपयोग कोरोना मरीजों के उपचार के लिए किया जा रहा है। आने वाले दिनों में इसका लाभ स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी अन्य आपात स्थिति में भी मिलेगा।
पालकवाह में बनाए गए नये अस्पताल में 101 बिस्तरों की व्यवस्था की गई है। गंभीर मरीजों के लिए नौ वेंटिलेटर और 500 एलपीएम का आधुनिक ऑक्सीजन प्लांट भी अस्पताल में उपलब्ध हैं।
अस्पताल के प्रत्येक बिस्तर को हाई फ्लो ऑक्सीजन की चौबीसों घंटे की आपूर्ति से सीधा जोड़ा गया है। करोड़ों की लागत से बनाए गए इस अस्पताल के लिए स्टॉफ की व्यवस्था अलग से की गई है। जरूरत और मरीजों के हिसाब से अस्पताल में पर्याप्त चिकित्सक भी उपलब्ध रहते हैं।
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कोरोना संकट को देखते हुए पालकवाह में अलग से एक विशेष अस्पताल स्थापित किया गया है। भविष्य में स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी किसी भी स्थिति या आपातकाल में इस अस्पताल का उपयोग किया जा सकता है।
डॉक्टर मंजू बहल, मुख्य चिकित्साधिकारी, ऊना
बिस्तरों में किया जा सकता है इजाफा
पालकवाह कोविड अस्पताल पर मरीजों के लिए फिलहाल 101 बिस्तर की व्यवस्था की गई है। भविष्य में बिस्तरों की संख्या और बढ़ाने की संभावना को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने पहले से ही प्रावधान किया है। कोरोना काल से पहले की बात करें तो जिले में सिर्फ क्षेत्रीय अस्पताल में ही एक साथ दर्जनों मरीजों को हाई फ्लो ऑक्सीजन व वेंटिलेटर की सुविधा मिलती थी। अब क्षेत्रीय अस्पताल के साथ ही पालकवाह अस्पताल में भी यह सुविधा उपलब्ध है।
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ऊना। कोरोना संकट के दौरान ऊना जिले को एक नया अस्पताल मिला है। हरोली के पालकवाह में स्थापित यह अस्पताल ऑक्सीजन आपूर्ति व वेंटिलेटर आदि कई आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित है। फिलहाल, अस्पताल का उपयोग कोरोना मरीजों के उपचार के लिए किया जा रहा है। आने वाले दिनों में इसका लाभ स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी अन्य आपात स्थिति में भी मिलेगा।
पालकवाह में बनाए गए नये अस्पताल में 101 बिस्तरों की व्यवस्था की गई है। गंभीर मरीजों के लिए नौ वेंटिलेटर और 500 एलपीएम का आधुनिक ऑक्सीजन प्लांट भी अस्पताल में उपलब्ध हैं।
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अस्पताल के प्रत्येक बिस्तर को हाई फ्लो ऑक्सीजन की चौबीसों घंटे की आपूर्ति से सीधा जोड़ा गया है। करोड़ों की लागत से बनाए गए इस अस्पताल के लिए स्टॉफ की व्यवस्था अलग से की गई है। जरूरत और मरीजों के हिसाब से अस्पताल में पर्याप्त चिकित्सक भी उपलब्ध रहते हैं।
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कोरोना संकट को देखते हुए पालकवाह में अलग से एक विशेष अस्पताल स्थापित किया गया है। भविष्य में स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी किसी भी स्थिति या आपातकाल में इस अस्पताल का उपयोग किया जा सकता है।
डॉक्टर मंजू बहल, मुख्य चिकित्साधिकारी, ऊना
बिस्तरों में किया जा सकता है इजाफा
पालकवाह कोविड अस्पताल पर मरीजों के लिए फिलहाल 101 बिस्तर की व्यवस्था की गई है। भविष्य में बिस्तरों की संख्या और बढ़ाने की संभावना को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने पहले से ही प्रावधान किया है। कोरोना काल से पहले की बात करें तो जिले में सिर्फ क्षेत्रीय अस्पताल में ही एक साथ दर्जनों मरीजों को हाई फ्लो ऑक्सीजन व वेंटिलेटर की सुविधा मिलती थी। अब क्षेत्रीय अस्पताल के साथ ही पालकवाह अस्पताल में भी यह सुविधा उपलब्ध है।