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Una News: जरूरतमंद बच्चों को दी दो लाख की पाठ्य सामग्री
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स्कूलों में नियमित एनटीटी शिक्षकों की नियुक्ति की उठाई मांग
बैकवर्ड वेलफेयर सोसाइटी ने मनाया 21वां वार्षिक सम्मेलन
संवाद न्यूज एजेंसी
नंदपुर (ऊना)। बैकवर्ड वेलफेयर सोसायटी ऊना ने रविवार को 21वां वार्षिक सम्मेलन चुरुडू के मुख्यमंत्री लोक भवन में धूमधाम से मनाया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सोसायटी अध्यक्ष ईं. बलवीर चौधरी ने की। सोसायटी की ओर से जरूरतमंद बच्चों को करीब दो लाख रुपये की पाठ्य सामग्री वितरित की। इसमें पुस्तकें, स्कूल बैग, कॉपियां, फीस और जूते शामिल रहे। ईं. बलवीर चौधरी ने प्रदेश सरकार से आग्रह किया कि सरकारी स्कूलों में नियमित एनटीटी शिक्षकों की नियुक्ति की जाए। केंद्र सरकार की ओर से वर्ष 2010 में लागू किए गए शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत यह प्रावधान है कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण निशुल्क शिक्षा प्रदान करने के लिए केवल नियमित शिक्षक ही तैनात किए जाएं। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि पिछले पांच वर्षों में हिमाचल सरकार ने 3840 प्री-प्राइमरी शिक्षकों में से एक भी नियुक्ति नहीं की। इससे शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू करने में बाधा आ रही है। ईं. चौधरी ने बच्चों को खेलों में भाग लेने और नशे से दूर रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि नशा एक धीमा ज़हर है और बच्चों को इससे बचाना अत्यंत आवश्यक है।
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बैकवर्ड वेलफेयर सोसाइटी ने मनाया 21वां वार्षिक सम्मेलन
संवाद न्यूज एजेंसी
नंदपुर (ऊना)। बैकवर्ड वेलफेयर सोसायटी ऊना ने रविवार को 21वां वार्षिक सम्मेलन चुरुडू के मुख्यमंत्री लोक भवन में धूमधाम से मनाया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सोसायटी अध्यक्ष ईं. बलवीर चौधरी ने की। सोसायटी की ओर से जरूरतमंद बच्चों को करीब दो लाख रुपये की पाठ्य सामग्री वितरित की। इसमें पुस्तकें, स्कूल बैग, कॉपियां, फीस और जूते शामिल रहे। ईं. बलवीर चौधरी ने प्रदेश सरकार से आग्रह किया कि सरकारी स्कूलों में नियमित एनटीटी शिक्षकों की नियुक्ति की जाए। केंद्र सरकार की ओर से वर्ष 2010 में लागू किए गए शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत यह प्रावधान है कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण निशुल्क शिक्षा प्रदान करने के लिए केवल नियमित शिक्षक ही तैनात किए जाएं। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि पिछले पांच वर्षों में हिमाचल सरकार ने 3840 प्री-प्राइमरी शिक्षकों में से एक भी नियुक्ति नहीं की। इससे शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू करने में बाधा आ रही है। ईं. चौधरी ने बच्चों को खेलों में भाग लेने और नशे से दूर रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि नशा एक धीमा ज़हर है और बच्चों को इससे बचाना अत्यंत आवश्यक है।