फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Una News ›   Tudi prices reach Rs 1,300 per quintal

तूड़ी के दाम 1300 रुपये प्रति क्विंटल, पशुपालकों मे मांगी सब्सिडी

Fri, 27 May 2022 11:00 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Fri, 27 May 2022 11:00 PM IST
विज्ञापन
Tudi prices reach Rs 1,300 per quintal
झलेड़ा के एक पशुपालक ने पशुशाला में स्टोर की तूड़ी। तूड़ी के बढ़ते दामों से पशुपालक परेशान हैं। स - फोटो : Una
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

ऊना। जिला में तूड़ी के दाम बेलगाम तरीके से बढ़ते जा रहे हैं। गेहूं की कटाई अभी खत्म ही हुई है और तूड़ी की कीमत 1,300 रुपये प्रति क्विंटल तक जा पहुंची है। यही आलम रहा तो जल्द ही गेहूं और तूड़ी की कीमत एक समान हो जाएगी।
खास बात यह है कि क्षेत्र में हाल ही में गेहूं की कटाई खत्म हुई है। इन दिनों में तूड़ी के भाव अपने न्यूनतम स्तर 600 या 700 रुपये प्रति क्विंटल तक रहते हैं, लेकिन इस बार तूड़ी की कीमत इससे दोगुनी हो चुकी है। पशुपालकों को चिंता सता रही है कि आने वाले दिनों में तूड़ी किस कीमत पर बिकेगी। तूड़ी पशुओं के लिए सबसे सस्ता चारा माना जाता रहा है। इसकी कीमत बढ़ना किसी झटके से कम नहीं है।
विज्ञापन

पशुपालक सोमनाथ, सुभाष चंद, प्रवीण कुमार और सुखदेव का कहना है इस समय एक पशु पर दिन में 500 रुपये से अधिक का खर्च आ रहा है। इसके मुकाबले आय 300 रुपये के आसपास हो रही है। ऐसे में 200 रुपये का प्रतिदिन नुकसान हो रहा है। कहा कि एक पशुपालक प्रतिदिन इतना घाटा सहन नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि बरसात के मौसम में हरी घास होने के कारण तूड़ी की जरूरत कम पड़ती है, लेकिन उसके बाद तूड़ी का प्रतिदिन इस्तेमाल होता है। कहा कि सर्दी के मौसम में तूड़ी की कीमत दो हजार रुपये या इससे अधिक पहुंचना तय है। ऐसे में गेहूं और तूड़ी के भाव एक समान हो जाएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

पंजाब में बड़ी मात्रा में स्टॉक होती है तूड़ी
बता दें कि क्षेत्र में इन दिनों महंगी कीमत पर बेची जा रही तूड़ी पंजाब से सप्लाई की जाती है। पंजाब के सीमावर्ती इलाकों में गेहूं की कटाई के समय बड़ी मात्रा में तूड़ी को स्टॉक कर लिया जाता है और दाम बढ़ने पर महंगी दरों पर सप्लाई की जाती है।

भारतीय किसान संघ ऊना ब्लॉक के अध्यक्ष चैंचल सिंह ने बताया कि 1,300 रुपये एक क्विंटल तूड़ी पर खर्च करने के बाद पशुपालक के हिस्से कुछ नहीं बचता। कहा कि महंगे चारे के कारण कई पशुपालक अपने दुधारु पशुओं को सड़कों पर छोड़ने को मजबूर हैं। कहा कि पशुपालकों को राहत देने के लिए सरकार को सब्सिडी मुहैया करवाई जानी चाहिए।
तूड़ी के लगातार बढ़ रहे दाम का मामला ध्यान में है। पशुपालकों को राहत देने के लिए जल्द कदम उठाए जाएंगे।
-जेएस सेन, उपनिदेशक जिला पशुपालन विभाग।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed