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ऊना से बस में यूपी भेजे 33 प्रवासी
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ऊना से बस में सावर होकर यूपी के लिए जाते क्वारंटीन अवधि पूरा कर चुके लोग
- फोटो : Una
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ऊना। यूपी के लिए बस जैसे ही ऊना से रवाना हुई, यात्रियों ने मुस्कुराते हुए राधा स्वामी कह कर सत्संग घर के स्वयंसेवकों का धन्यवाद किया। जिला ऊना में कर्फ्यू की अवहेलना करने वाले ऐसे ही उत्तर प्रदेश के 33 प्रवासियों को उनके राज्य रवाना किया गया।
36 दिन की क्वारंटीन अवधि पूरा कर चुके सहारनपुर निवासी श्रीओम ने कहा कि कांगड़ा से आते हुए पुलिस ने उन्हें पकड़ा और क्वांरटीन सेंटर में भेज दिया। तब से क्वारंटीन में थे। आज घर वापस जाने के लिए जिला प्रशासन ऊना ने बस का प्रबंध किया है, जिसके लिए वह प्रदेश सरकार और ऊना प्रशासन के आभारी हैं।
सहारनुपर निवासी गुलफाम भी 36 दिन तक क्वांरटीन सेंटर में बिताने के बाद बस से रवाना हुए। गुलफाम ने कहा कि वे कांगड़ा जिला में वन विभाग के साथ काम कर रहे थे और क्वारंटीन रहने के दौरान किसी तरह की दिक्कत नहीं हुई। रमजान के महीने में प्रशासन ने रोजा रखने के लिए भी बेहतर प्रबंध किया हुआ था। इसके अलावा बरेली निवासी राम प्रसाद ने बताया कि काम से वापस घर लौटते हुए पुलिस ने पकड़ लिया था और तब से क्वारंटीन सेंटर में ही रह रहा था। आज बरेली वापस जाने पर बेहद खुशी हो रही है।
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प्रशासन ने किया भेजने का प्रबंध : उपायुक्त
उपायुक्त संदीप कुमार ने बताया कि सभी लोगों को पीर निगाह रोड पर स्थित सत्संग घर ऊना में रखा था। इनमें से कुछ लोग सहारनपुर, बरेली, बदायूं, गाजियाबाद और शामली जिलों के रहने वाले हैं। अधिकतर मजदूरी करते हैं। क्वारंटीन अवधि पूरा करने के बाद सोमवार को एक बस से सभी को यूपी के लिए रवाना कर दिया है। जिला प्रशासन ने इनकी वापसी के लिए बस का प्रबंध किया था। बसों में बिठाने से पहले बसों का सैनिटाइज किया गया है। इस मौके पर एसडीएम ऊना डॉ. सुरेश जसवाल, डीएसपी अशोक वर्मा, तहसीलदार विजय राय, सीडीपीओ कुलदीप दयाल सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।
खाने की सामग्री और पानी की बोतलें भी दीं
लोगों को यूपी रवाना करने से पहले भोजन कराया गया। रास्ते के लिए खाने के पैकेट और पानी की बोतलें भी दी गईं। उपायुक्त ने सत्संग घर में सेवा के लिए डेरा के सभी स्वयंसेवकों का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि उनके सहयोग के बिना जिला प्रशासन यह काम पूरा नहीं कर सकता था।
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36 दिन की क्वारंटीन अवधि पूरा कर चुके सहारनपुर निवासी श्रीओम ने कहा कि कांगड़ा से आते हुए पुलिस ने उन्हें पकड़ा और क्वांरटीन सेंटर में भेज दिया। तब से क्वारंटीन में थे। आज घर वापस जाने के लिए जिला प्रशासन ऊना ने बस का प्रबंध किया है, जिसके लिए वह प्रदेश सरकार और ऊना प्रशासन के आभारी हैं।
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सहारनुपर निवासी गुलफाम भी 36 दिन तक क्वांरटीन सेंटर में बिताने के बाद बस से रवाना हुए। गुलफाम ने कहा कि वे कांगड़ा जिला में वन विभाग के साथ काम कर रहे थे और क्वारंटीन रहने के दौरान किसी तरह की दिक्कत नहीं हुई। रमजान के महीने में प्रशासन ने रोजा रखने के लिए भी बेहतर प्रबंध किया हुआ था। इसके अलावा बरेली निवासी राम प्रसाद ने बताया कि काम से वापस घर लौटते हुए पुलिस ने पकड़ लिया था और तब से क्वारंटीन सेंटर में ही रह रहा था। आज बरेली वापस जाने पर बेहद खुशी हो रही है।
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प्रशासन ने किया भेजने का प्रबंध : उपायुक्त
उपायुक्त संदीप कुमार ने बताया कि सभी लोगों को पीर निगाह रोड पर स्थित सत्संग घर ऊना में रखा था। इनमें से कुछ लोग सहारनपुर, बरेली, बदायूं, गाजियाबाद और शामली जिलों के रहने वाले हैं। अधिकतर मजदूरी करते हैं। क्वारंटीन अवधि पूरा करने के बाद सोमवार को एक बस से सभी को यूपी के लिए रवाना कर दिया है। जिला प्रशासन ने इनकी वापसी के लिए बस का प्रबंध किया था। बसों में बिठाने से पहले बसों का सैनिटाइज किया गया है। इस मौके पर एसडीएम ऊना डॉ. सुरेश जसवाल, डीएसपी अशोक वर्मा, तहसीलदार विजय राय, सीडीपीओ कुलदीप दयाल सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।
खाने की सामग्री और पानी की बोतलें भी दीं
लोगों को यूपी रवाना करने से पहले भोजन कराया गया। रास्ते के लिए खाने के पैकेट और पानी की बोतलें भी दी गईं। उपायुक्त ने सत्संग घर में सेवा के लिए डेरा के सभी स्वयंसेवकों का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि उनके सहयोग के बिना जिला प्रशासन यह काम पूरा नहीं कर सकता था।