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Una News: खिलौनों से संवरी अंशु निर्मला की तकदीर
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क्षेत्र की महिलाओं को प्रशिक्षित करके हर महीने कमा रहीं आजीविका
आठ समूह बनाकर 80 महिलाओं को भी स्वरोजगार से जोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी
नारी (ऊना)। आज घरेलू महिलाएं भी जागरूक होकर हर अवसर का लाभ उठा रही हैं और आत्मनिर्भर बनना पसंद कर रही हैं। ऐसा ही प्रेरणादायक उदाहरण घनारी की अंशु निर्मला ने प्रस्तुत किया है। अंशु निर्मला घर पर ही फर, रूई, बटन और फाइबर से आकर्षक खिलौने व डेकोरेशन आइटम तैयार कर प्रतिमाह लगभग 25 हजार रुपये की आमदनी कर रही हैं। उन्होंने पीएनबी आरसेटी के माध्यम से प्रशिक्षण प्राप्त कर यह मुकाम हासिल किया। इसके अलावा राज्य स्तर पर आयोजित विभिन्न प्रशिक्षण सेमिनारों में भाग लेकर उन्होंने अपनी दक्षता को और निखारा, जिसके बाद वे मास्टर ट्रेनर बन गईं। वर्तमान में वे न केवल जिले के भीतर महिलाओं को प्रशिक्षण दे रही हैं, बल्कि विकास खंड अधिकारी के माध्यम से जिले से बाहर भी उन्हें महिलाओं को प्रशिक्षित करने के लिए भेजा जाता है। इस कार्य के बदले उन्हें प्रतिदिन लगभग 3 हजार रुपये तक की आय हो जाती है।
अंशु निर्मला बताती हैं कि खिलौने बनाने के लिए कच्चा माल वे दिल्ली से मंगवाती हैं, जहां बेहतर गुणवत्ता के साथ सस्ते दामों पर सामग्री उपलब्ध हो जाती है। उनके द्वारा तैयार किए जाने वाले उत्पादों में टेडी बियर, खरगोश, शेर, विभिन्न मुद्राओं में मानव आकृतियां, तरह-तरह की गुड़ियां, घड़ियां, झूले और अन्य सजावटी सामान शामिल हैं, जो घर पर ही तैयार किए जाते हैं।
उन्होंने अब तक महिलाओं के आठ समूह बनाए हैं, जिनमें करीब 80 महिलाएं शामिल हैं। ये महिलाएं भी प्रशिक्षण लेकर इस कार्य को आगे बढ़ा रही हैं और प्रतिमाह 10 से 15 हजार रुपये तक की आय अर्जित कर रही हैं। समूहों द्वारा बनाए गए उत्पादों को खरीदने वाले ग्राहक स्वयं घर से ही सामान उठा लेते हैं। इसके अलावा प्रदर्शनियों में स्टॉल लगाने पर भी अच्छी बिक्री हो जाती है। जिले के बाहर भी इनके उत्पादों की अच्छी मांग है।
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अंशु निर्मला से प्रशिक्षण लेकर महिलाएं भी घर बैठे स्वरोजगार प्राप्त कर आत्मनिर्भर बन रही हैं। अंशु निर्मला का कहना है कि मेहनत के काम में कभी पीछे नहीं हटना चाहिए। जितनी अधिक मेहनत की जाएगी, उतनी ही अधिक आय होगी। आज महिलाएं स्वरोजगार के माध्यम से अबला नहीं, बल्कि सबला बन रही हैं और उन्हें किसी के आगे हाथ फैलाने की जरूरत नहीं है।
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आठ समूह बनाकर 80 महिलाओं को भी स्वरोजगार से जोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी
नारी (ऊना)। आज घरेलू महिलाएं भी जागरूक होकर हर अवसर का लाभ उठा रही हैं और आत्मनिर्भर बनना पसंद कर रही हैं। ऐसा ही प्रेरणादायक उदाहरण घनारी की अंशु निर्मला ने प्रस्तुत किया है। अंशु निर्मला घर पर ही फर, रूई, बटन और फाइबर से आकर्षक खिलौने व डेकोरेशन आइटम तैयार कर प्रतिमाह लगभग 25 हजार रुपये की आमदनी कर रही हैं। उन्होंने पीएनबी आरसेटी के माध्यम से प्रशिक्षण प्राप्त कर यह मुकाम हासिल किया। इसके अलावा राज्य स्तर पर आयोजित विभिन्न प्रशिक्षण सेमिनारों में भाग लेकर उन्होंने अपनी दक्षता को और निखारा, जिसके बाद वे मास्टर ट्रेनर बन गईं। वर्तमान में वे न केवल जिले के भीतर महिलाओं को प्रशिक्षण दे रही हैं, बल्कि विकास खंड अधिकारी के माध्यम से जिले से बाहर भी उन्हें महिलाओं को प्रशिक्षित करने के लिए भेजा जाता है। इस कार्य के बदले उन्हें प्रतिदिन लगभग 3 हजार रुपये तक की आय हो जाती है।
अंशु निर्मला बताती हैं कि खिलौने बनाने के लिए कच्चा माल वे दिल्ली से मंगवाती हैं, जहां बेहतर गुणवत्ता के साथ सस्ते दामों पर सामग्री उपलब्ध हो जाती है। उनके द्वारा तैयार किए जाने वाले उत्पादों में टेडी बियर, खरगोश, शेर, विभिन्न मुद्राओं में मानव आकृतियां, तरह-तरह की गुड़ियां, घड़ियां, झूले और अन्य सजावटी सामान शामिल हैं, जो घर पर ही तैयार किए जाते हैं।
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उन्होंने अब तक महिलाओं के आठ समूह बनाए हैं, जिनमें करीब 80 महिलाएं शामिल हैं। ये महिलाएं भी प्रशिक्षण लेकर इस कार्य को आगे बढ़ा रही हैं और प्रतिमाह 10 से 15 हजार रुपये तक की आय अर्जित कर रही हैं। समूहों द्वारा बनाए गए उत्पादों को खरीदने वाले ग्राहक स्वयं घर से ही सामान उठा लेते हैं। इसके अलावा प्रदर्शनियों में स्टॉल लगाने पर भी अच्छी बिक्री हो जाती है। जिले के बाहर भी इनके उत्पादों की अच्छी मांग है।
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अंशु निर्मला से प्रशिक्षण लेकर महिलाएं भी घर बैठे स्वरोजगार प्राप्त कर आत्मनिर्भर बन रही हैं। अंशु निर्मला का कहना है कि मेहनत के काम में कभी पीछे नहीं हटना चाहिए। जितनी अधिक मेहनत की जाएगी, उतनी ही अधिक आय होगी। आज महिलाएं स्वरोजगार के माध्यम से अबला नहीं, बल्कि सबला बन रही हैं और उन्हें किसी के आगे हाथ फैलाने की जरूरत नहीं है।