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Una News: चेक बाउंस मामले में दोषी को तीन माह का साधारण कारावास
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दोषी को 2.54 लाख रुपये का मुआवजा भी शिकायतकर्ता को देना पड़ेगा
मुआवजा न देने की एवज में 15 दिन का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। न्यायिक दंडाधिकारी ऊना की अदालत ने चेक बाउंस मामले में गांव टक्का जिला एवं तहसील ऊना के रहने वाले एक व्यक्ति को तीन महीने साधारण कारावास और 2.54 लाख रुपये मुआवजा शिकायतकर्ता को अदा करने की सजा सुनाई। जुर्माना न देने की एवज में शिकायतकर्ता को 15 दिन का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा। अधिवक्ता आशीष वर्मा ने बताया कि शिकायतकर्ता हेमराज ऊना लिक्विड की सेल परचेज का काम करता है। वर्ष 2018 में दोषी ने शिकायतकर्ता से दो लाख 61 हजार 659 रुपये के लिक्विड की खरीदारी की थी। पेमेंट की एवज में शिकायतकर्ता को 2.12 लाख का चेक जारी किया गया। इसे भुगतान के लिए शिकायतकर्ता ने बैंक में लगाया। लेकिन, पर्याप्त राशि न होने के कारण चेक बाउंस हो गया। इसकी सूचना दोषी को शिकायतकर्ता की ओर से फोन के माध्यम से दी गई और कानूनी नोटिस भी भेजा गया। लेकिन, दोषी ने शिकायतकर्ता को कोई पेमेंट नहीं की। इसके बाद मजबूरन शिकायतकर्ता को नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट की धारा 138 के अंतर्गत दोषी के खिलाफ न्यायालय में मुकदमा दर्ज करवाना पड़ा। कोर्ट ने सभी तथ्यों, साक्ष्यों की जांच करने के बाद शिकायतकर्ता की शिकायत को उचित मानते हुए दोषी को उपरोक्त सजा सुनाई।
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मुआवजा न देने की एवज में 15 दिन का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। न्यायिक दंडाधिकारी ऊना की अदालत ने चेक बाउंस मामले में गांव टक्का जिला एवं तहसील ऊना के रहने वाले एक व्यक्ति को तीन महीने साधारण कारावास और 2.54 लाख रुपये मुआवजा शिकायतकर्ता को अदा करने की सजा सुनाई। जुर्माना न देने की एवज में शिकायतकर्ता को 15 दिन का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा। अधिवक्ता आशीष वर्मा ने बताया कि शिकायतकर्ता हेमराज ऊना लिक्विड की सेल परचेज का काम करता है। वर्ष 2018 में दोषी ने शिकायतकर्ता से दो लाख 61 हजार 659 रुपये के लिक्विड की खरीदारी की थी। पेमेंट की एवज में शिकायतकर्ता को 2.12 लाख का चेक जारी किया गया। इसे भुगतान के लिए शिकायतकर्ता ने बैंक में लगाया। लेकिन, पर्याप्त राशि न होने के कारण चेक बाउंस हो गया। इसकी सूचना दोषी को शिकायतकर्ता की ओर से फोन के माध्यम से दी गई और कानूनी नोटिस भी भेजा गया। लेकिन, दोषी ने शिकायतकर्ता को कोई पेमेंट नहीं की। इसके बाद मजबूरन शिकायतकर्ता को नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट की धारा 138 के अंतर्गत दोषी के खिलाफ न्यायालय में मुकदमा दर्ज करवाना पड़ा। कोर्ट ने सभी तथ्यों, साक्ष्यों की जांच करने के बाद शिकायतकर्ता की शिकायत को उचित मानते हुए दोषी को उपरोक्त सजा सुनाई।