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फॉरेस्ट लैंड पर कब्जे वालों को मिलेगा मालिकाना हक : विवेक
Thu, 03 Apr 2025 05:49 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Thu, 03 Apr 2025 05:49 AM IST
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बंगाणा (ऊना)। कुटलैहड़ के विधायक विवेक शर्मा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार ने 2005 के वन अधिनियम में महत्वपूर्ण संशोधन किया है। इससे प्रदेश के लाखों नागरिकों को राहत मिलेगी। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में सरकार ने फॉरेस्ट लैंड पर दशकों से काबिज लोगों को मालिकाना हक देने का फैसला लिया है।
यहां जारी बयान में विधायक विवेक ने बताया कि इस संशोधन के तहत वन भूमि पर काबिज लोगों को 75 साल तक का स्थानीय निवासी होने का हलफनामा देना होगा। यह उन लोगों के लिए बड़ी राहत है, जो पीढ़ियों से इस भूमि पर खेती कर रहे थे। मगर कानूनी अड़चनों का सामना कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि धर्मशाला में राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया। उन्होंने कहा कि विधानसभा सत्र में पास हुआ यह संशोधन विधेयक हिमाचल प्रदेश के विकास में अहम भूमिका निभाएगा। उन्होंने इस फैसले के लिए मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह फैसला राज्य के किसानों, भूमि धारकों और आम जनता के हितों की रक्षा करेगा। यह कदम प्रदेश की सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार लाएगा और विकास की नई दिशा खोलेगा।
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यहां जारी बयान में विधायक विवेक ने बताया कि इस संशोधन के तहत वन भूमि पर काबिज लोगों को 75 साल तक का स्थानीय निवासी होने का हलफनामा देना होगा। यह उन लोगों के लिए बड़ी राहत है, जो पीढ़ियों से इस भूमि पर खेती कर रहे थे। मगर कानूनी अड़चनों का सामना कर रहे थे।
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उन्होंने कहा कि धर्मशाला में राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया। उन्होंने कहा कि विधानसभा सत्र में पास हुआ यह संशोधन विधेयक हिमाचल प्रदेश के विकास में अहम भूमिका निभाएगा। उन्होंने इस फैसले के लिए मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह फैसला राज्य के किसानों, भूमि धारकों और आम जनता के हितों की रक्षा करेगा। यह कदम प्रदेश की सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार लाएगा और विकास की नई दिशा खोलेगा।
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