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Una News: परख शिक्षा सर्वेक्षण के लिए स्कूलों में लगेंगे दो विशेष पीरियड
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शिक्षा विभाग ने कहा, कुछ स्कूलों में नहीं हो रहा इससे जुड़ा कार्य
शिक्षा विभाग ने उपनिदेशकों को प्रतिदिन की रिपोर्ट भेजने को कहा
परियोजना के डिफाल्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी
विकास चौधरी
ऊना। परख शिक्षा सर्वेक्षण में स्कूलों का स्तर सुधारने के लिए शिक्षा निदेशालय बेहद गंभीर नजर आ रहा है। विद्यार्थियों को इस सर्वेक्षण के लिए तैयार करने में स्कूलों को लगातार दिशा-निर्देश दिए जा रहे। इस कड़ी में अब स्कूलों को दो विशेष पीरियड लगाकर बच्चों के बौद्धिक स्तर और बेहतर करने की हिदायत दी गई है। लापरवाही करने वालों को डिफाल्टर घोषित कर कार्रवाई की चेतावनी भी निदेशालय की ओर से दी गई।जानकारी के अनुसार परख शिक्षा सर्वेक्षण में बीते वर्ष प्रदेश के स्कूलों का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा। इसी सर्वेक्षण को आधार मानकर हर प्रदेश की स्कूली शिक्षा से जुड़ी रैंकिंग निर्धारित होती है। लेकिन, बीते साल इसे लेकर स्कूलों की ओर से कोई गंभीरता नहीं दिखाई गई। परिणाम यह हुआ कि विद्यार्थी अपनी पिछली कक्षा में पढ़ाए विषयों के बारे में भी सही से नहीं बता पाए। वहीं, भाषा में भी बच्चों की पकड़ कमजोर आंकी गई। इस कारण देशभर में प्रदेश की स्कूल शिक्षा गुणवत्ता की रैंकिंग 21वें स्थान पर चली गई।
परख शिक्षा सर्वेक्षण के बाद निर्धारित रैंकिंग को आधार मानकर ही हर राज्य को केंद्र सरकार की ओर से फंड जारी होते हैं। सर्व शिक्षा अभियान के तहत जारी होने वाले इस फंड की राशि रैंकिंग के आधार पर ही घटती चली जाती है। बताया जा रहा कि प्रदेश सरकार इस वर्ष परख शिक्षा सर्वेक्षण को लेकर बेहद गंभीर है। यही वजह है कि पहले स्कूलों में जीरो पीरियड लगाकर बच्चों को इस सर्वेक्षण के अनुसार तैयार करने के आदेश दिए गए। अब दो विशेष पीरियड लगाकर बच्चों को अभ्यास करवाने को कहा गया है। पहले प्रदेश में यह सर्वेक्षण नवंबर के दौरान होना था लेकिन किन्हीं कारणों से इस अब दिसंबर में करवाया जा रहा है। इससे स्कूलों को विद्यार्थियों की तैयारी करवाने का एक और मौका मिला है।
क्या है परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण
परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण भारत सरकार की ओर से आयोजित एक राष्ट्रीय मूल्यांकन सर्वेक्षण है। इसका मकसद विद्यार्थियों के शिक्षा स्तर और ज्ञान की गुणवत्ता को मापना है। इस सर्वेक्षण के ज़रिये शिक्षा की गुणवत्ता, विद्यार्थियों की समझ और गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान और भाषा जैसी विषयों में उनकी दक्षता का आकलन किया जाता है।
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कोट्स
सभी उच्च, वरिष्ठ, माध्यमिक स्कूलों और निजी संस्थानों में परख सर्वेक्षण को लेकर तैयारियां हो रही हैं। इसे लेकर सभी संस्थान गंभीरता दिखाएं। सर्वेक्षण से जुड़ी तैयारियों की प्रतिदिन की रिपोर्ट निदेशालय को भेजी जाएगी। विभाग की टीम स्कूलों की तैयारियों का नियमित जायजा लेगी। कहीं लापरवाही मिली तो कड़ी कार्रवाई होगी।
राजेंद्र कौशल, उपनिदेशक, उच्च शिक्षा विभाग।
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शिक्षा विभाग ने उपनिदेशकों को प्रतिदिन की रिपोर्ट भेजने को कहा
परियोजना के डिफाल्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी
विकास चौधरी
ऊना। परख शिक्षा सर्वेक्षण में स्कूलों का स्तर सुधारने के लिए शिक्षा निदेशालय बेहद गंभीर नजर आ रहा है। विद्यार्थियों को इस सर्वेक्षण के लिए तैयार करने में स्कूलों को लगातार दिशा-निर्देश दिए जा रहे। इस कड़ी में अब स्कूलों को दो विशेष पीरियड लगाकर बच्चों के बौद्धिक स्तर और बेहतर करने की हिदायत दी गई है। लापरवाही करने वालों को डिफाल्टर घोषित कर कार्रवाई की चेतावनी भी निदेशालय की ओर से दी गई।जानकारी के अनुसार परख शिक्षा सर्वेक्षण में बीते वर्ष प्रदेश के स्कूलों का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा। इसी सर्वेक्षण को आधार मानकर हर प्रदेश की स्कूली शिक्षा से जुड़ी रैंकिंग निर्धारित होती है। लेकिन, बीते साल इसे लेकर स्कूलों की ओर से कोई गंभीरता नहीं दिखाई गई। परिणाम यह हुआ कि विद्यार्थी अपनी पिछली कक्षा में पढ़ाए विषयों के बारे में भी सही से नहीं बता पाए। वहीं, भाषा में भी बच्चों की पकड़ कमजोर आंकी गई। इस कारण देशभर में प्रदेश की स्कूल शिक्षा गुणवत्ता की रैंकिंग 21वें स्थान पर चली गई।
परख शिक्षा सर्वेक्षण के बाद निर्धारित रैंकिंग को आधार मानकर ही हर राज्य को केंद्र सरकार की ओर से फंड जारी होते हैं। सर्व शिक्षा अभियान के तहत जारी होने वाले इस फंड की राशि रैंकिंग के आधार पर ही घटती चली जाती है। बताया जा रहा कि प्रदेश सरकार इस वर्ष परख शिक्षा सर्वेक्षण को लेकर बेहद गंभीर है। यही वजह है कि पहले स्कूलों में जीरो पीरियड लगाकर बच्चों को इस सर्वेक्षण के अनुसार तैयार करने के आदेश दिए गए। अब दो विशेष पीरियड लगाकर बच्चों को अभ्यास करवाने को कहा गया है। पहले प्रदेश में यह सर्वेक्षण नवंबर के दौरान होना था लेकिन किन्हीं कारणों से इस अब दिसंबर में करवाया जा रहा है। इससे स्कूलों को विद्यार्थियों की तैयारी करवाने का एक और मौका मिला है।
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क्या है परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण
परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण भारत सरकार की ओर से आयोजित एक राष्ट्रीय मूल्यांकन सर्वेक्षण है। इसका मकसद विद्यार्थियों के शिक्षा स्तर और ज्ञान की गुणवत्ता को मापना है। इस सर्वेक्षण के ज़रिये शिक्षा की गुणवत्ता, विद्यार्थियों की समझ और गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान और भाषा जैसी विषयों में उनकी दक्षता का आकलन किया जाता है।
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कोट्स
सभी उच्च, वरिष्ठ, माध्यमिक स्कूलों और निजी संस्थानों में परख सर्वेक्षण को लेकर तैयारियां हो रही हैं। इसे लेकर सभी संस्थान गंभीरता दिखाएं। सर्वेक्षण से जुड़ी तैयारियों की प्रतिदिन की रिपोर्ट निदेशालय को भेजी जाएगी। विभाग की टीम स्कूलों की तैयारियों का नियमित जायजा लेगी। कहीं लापरवाही मिली तो कड़ी कार्रवाई होगी।
राजेंद्र कौशल, उपनिदेशक, उच्च शिक्षा विभाग।