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Una News: बजट में पेंशनरों की देनदारियों के लिए कोई प्रावधान नहीं
Tue, 24 Mar 2026 05:52 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Tue, 24 Mar 2026 05:52 AM IST
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अंब(ऊना)। हिम-आंचल पेंशनर्स संघ जिला ऊना के प्रधान राम कुमार और महासचिव देव राज शांडिल ने सरकार द्वारा बजट में पेंशनरों की देनदारियों के लिए कोई प्रावधान न रखने पर गहरा रोष प्रकट किया है। जारी संयुक्त बयान में उन्होंने कहा कि बार-बार अनुरोध के बावजूद 21 मार्च को पेश किए गए बजट में पेंशनरों के हितों की अनदेखी की गई है जो बेहद दुखद है।
उन्होंने बताया कि 1 जनवरी 2016 से 31 जनवरी 2022 के बीच सेवानिवृत्त हुए पेंशनरों की ग्रेच्युटी, लीव इनकैशमेंट और कम्यूटेशन का भुगतान पिछले चार साल से अटका हुआ है। बजट में इसके लिए राशि आवंटित करना अनिवार्य था। संघ ने आरोप लगाया कि 31 जनवरी 2022 के बाद सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों को ये लाभ दे दिए गए हैं जो पेंशनरों को आपस में बांटने की कोशिश है। इसके अलावा 13 प्रतिशत डीए और जुलाई 2023 से जुलाई 2025 तक के एरियर पर भी स्थिति स्पष्ट नहीं है।
पेंशनर्स संघ ने चिंता जताई कि विभिन्न विभागों में लाखों रुपये के मेडिकल बिल लंबित हैं और कई पेंशनभोगी बिना आर्थिक लाभ पाए ही दुनिया से चले गए हैं। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के संशोधित वेतनमान पर भी केवल दोहराव ही किया गया है। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने समय रहते बुजुर्गों के आर्थिक लाभों पर विचार नहीं किया और संयुक्त संघर्ष समिति की बैठक नहीं बुलाई तो प्रदेश का सबसे बड़ा पेंशनभोगी संगठन सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने के लिए मजबूर होगा।
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उन्होंने बताया कि 1 जनवरी 2016 से 31 जनवरी 2022 के बीच सेवानिवृत्त हुए पेंशनरों की ग्रेच्युटी, लीव इनकैशमेंट और कम्यूटेशन का भुगतान पिछले चार साल से अटका हुआ है। बजट में इसके लिए राशि आवंटित करना अनिवार्य था। संघ ने आरोप लगाया कि 31 जनवरी 2022 के बाद सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों को ये लाभ दे दिए गए हैं जो पेंशनरों को आपस में बांटने की कोशिश है। इसके अलावा 13 प्रतिशत डीए और जुलाई 2023 से जुलाई 2025 तक के एरियर पर भी स्थिति स्पष्ट नहीं है।
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पेंशनर्स संघ ने चिंता जताई कि विभिन्न विभागों में लाखों रुपये के मेडिकल बिल लंबित हैं और कई पेंशनभोगी बिना आर्थिक लाभ पाए ही दुनिया से चले गए हैं। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के संशोधित वेतनमान पर भी केवल दोहराव ही किया गया है। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने समय रहते बुजुर्गों के आर्थिक लाभों पर विचार नहीं किया और संयुक्त संघर्ष समिति की बैठक नहीं बुलाई तो प्रदेश का सबसे बड़ा पेंशनभोगी संगठन सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने के लिए मजबूर होगा।
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