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Una News: बंगाणा के डूमखर में बनी सब्जी मंडी बदहाल
Thu, 19 Mar 2026 06:26 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Thu, 19 Mar 2026 06:26 AM IST
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बंगाणा के डूमखर सब्जी मंडी का चित्र।
लठियाणी (ऊना)। उपमंडल बंगाणा के तहत डूमखर में किसानों की सुविधा और क्षेत्र के आर्थिक विकास के दावे के साथ निर्मित सब्जी मंडी स्वयं अपनी बदहाली पर आंसू बहा रही है। लाखों रुपये की लागत से तैयार यह भवन देखरेख के अभाव में खंडहर में तब्दील हो रहा है। भवन के चारों तरफ गंदगी का साम्राज्य है और दुकानें बंद पड़ी हैं। भवन के चारों तरफ उगी झाड़ियां और गंदगी स्वच्छता अभियान की धज्जियां उड़ा रही हैं। लाखों की लागत से बनाई गई दुकानें पिछले लंबे समय से बंद पड़ी हैं और धूल फांक रही हैं। रखरखाव न होने के कारण भवन के ढांचे को भी नुकसान पहुंच रहा है, जिससे भविष्य में इसकी मरम्मत पर और भी अधिक खर्च होने की संभावना है।
अन्य विभाग को हस्तांतरित किया जाए भवन
ग्रामीणों में टेक चंद, ओंकार सिंह, किशोरी लाल, प्रकाश चंद, शशि बाला, उमा कुमारी, रजनी, उषा, तृप्ता का कहना है कि यदि संबंधित विभाग इस मंडी के संचालन में असमर्थ है तो इसे किसी अन्य विभाग को हस्तांतरित कर देना चाहिए। लोगों का सुझाव है कि इस आलीशान बिल्डिंग का उपयोग सरकारी कार्यालय या किसी अन्य सार्वजनिक कार्य के लिए किया जा सकता है ताकि भवन का रखरखाव हो सके और यह असामाजिक तत्वों का अड्डा न बने।
प्रशासन और सरकार से सवाल है कि आखिर इतनी बड़ी संपत्ति को लावारिस क्यों छोड़ दिया गया है। क्या लाखों रुपये सिर्फ इमारतें खड़ी करने के लिए खर्च किए जाते हैं या उनका उपयोग जनता की सेवा के लिए भी होगा। उन्होंने मांग की है कि जल्द से जल्द इस परिसर की सफाई करवाई जाए और इसे किसी सक्रिय विभाग या निजी ऑपरेटर को सौंपकर क्रियाशील बनाया जाए।
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-सतीश कुमार, स्थानीय निवासी
लाखों की सरकारी संपत्ति देखरेख के बिना खराब हो रही है। परिसर भी कचरा घर बनकर रह गया है। स्वच्छता के दावों की तस्वीरें खुलकर पोल खोल रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी संपत्ति धीरे धीरे खंडहर में तबदील हो रही है। सरकारी धन का दुरुपयोग हो रहा है।
-अजय कुमार, स्थानीय निवासी
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अन्य विभाग को हस्तांतरित किया जाए भवन
ग्रामीणों में टेक चंद, ओंकार सिंह, किशोरी लाल, प्रकाश चंद, शशि बाला, उमा कुमारी, रजनी, उषा, तृप्ता का कहना है कि यदि संबंधित विभाग इस मंडी के संचालन में असमर्थ है तो इसे किसी अन्य विभाग को हस्तांतरित कर देना चाहिए। लोगों का सुझाव है कि इस आलीशान बिल्डिंग का उपयोग सरकारी कार्यालय या किसी अन्य सार्वजनिक कार्य के लिए किया जा सकता है ताकि भवन का रखरखाव हो सके और यह असामाजिक तत्वों का अड्डा न बने।
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प्रशासन और सरकार से सवाल है कि आखिर इतनी बड़ी संपत्ति को लावारिस क्यों छोड़ दिया गया है। क्या लाखों रुपये सिर्फ इमारतें खड़ी करने के लिए खर्च किए जाते हैं या उनका उपयोग जनता की सेवा के लिए भी होगा। उन्होंने मांग की है कि जल्द से जल्द इस परिसर की सफाई करवाई जाए और इसे किसी सक्रिय विभाग या निजी ऑपरेटर को सौंपकर क्रियाशील बनाया जाए।
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-सतीश कुमार, स्थानीय निवासी
लाखों की सरकारी संपत्ति देखरेख के बिना खराब हो रही है। परिसर भी कचरा घर बनकर रह गया है। स्वच्छता के दावों की तस्वीरें खुलकर पोल खोल रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी संपत्ति धीरे धीरे खंडहर में तबदील हो रही है। सरकारी धन का दुरुपयोग हो रहा है।
-अजय कुमार, स्थानीय निवासी