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Una News: 224 हेक्टेयर भूमि पर फलदार पौधे लगाने का लक्ष्य
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शुरुआती चरण में ऊना ज़िले के बंगाणा विकास खंड में लागू है शिवा परियोजना
किसानों की बढ़ रही आय, स्वरोजगार के मिल रहे अवसर
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। हिमाचल सरकार की 1292 करोड़ रुपये की महत्वाकांक्षी एचपी शिवा परियोजना किसानों-बागवानों के जीवन को समृद्ध कर रही है। एशियन विकास बैंक के सहयोग से लागू इस योजना में ऊना ज़िला मिसाल बनकर उभरा है। आधुनिक तकनीक, गुणवत्तापूर्ण पौधारोपण और वैज्ञानिक मार्गदर्शन से किसानों की आय बढ़ी है और युवाओं को स्वरोजगार के नए अवसर मिले हैं। बागवानी विभाग ऊना के उपनिदेशक डॉ. केके भारद्वाज ने बताया कि आने वाले वर्षों में जिले की 224 हेक्टेयर भूमि को परियोजना के अंतर्गत लाया जाएगा। बीते तीन साल में बंगाणा क्षेत्र में लगभग 2 करोड़ की लागत से 11 हेक्टेयर भूमि पर अमरूद, अनार और माल्टा लगाए गए हैं। वर्ष 2024-25 में 15 हेक्टेयर भूमि पर 17 हजार अमरूद, जबकि 2025-26 में 50 हेक्टेयर पर 55 हज़ार अमरूद, मौसमी और माल्टा के पौधे लगाने का लक्ष्य है। परियोजना के तहत किसानों को शत-प्रतिशत सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के लिए सवा 15 करोड़ रुपये की 7 योजनाओं पर कार्य चल रहा है। इसमें उठाऊ पेयजल, पुरानी सिंचाई प्रणालियों का जीर्णोद्धार और चेक डैम शामिल हैं। साथ ही क्लस्टर विकास, ड्रिप इरीगेशन और कंपोजिट फेंसिंग पर भी पूर्ण अनुदान दिया जा रहा है। बागवानी विकास अधिकारी वीरेंद्र कुमार ने बताया कि जुलाई-अगस्त में 9 समूहों ने 40 हेक्टेयर भूमि पर 45,953 पौधों का रोपण किया, जिससे 386 किसानों को सीधा लाभ मिला।
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किसानों की बढ़ रही आय, स्वरोजगार के मिल रहे अवसर
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। हिमाचल सरकार की 1292 करोड़ रुपये की महत्वाकांक्षी एचपी शिवा परियोजना किसानों-बागवानों के जीवन को समृद्ध कर रही है। एशियन विकास बैंक के सहयोग से लागू इस योजना में ऊना ज़िला मिसाल बनकर उभरा है। आधुनिक तकनीक, गुणवत्तापूर्ण पौधारोपण और वैज्ञानिक मार्गदर्शन से किसानों की आय बढ़ी है और युवाओं को स्वरोजगार के नए अवसर मिले हैं। बागवानी विभाग ऊना के उपनिदेशक डॉ. केके भारद्वाज ने बताया कि आने वाले वर्षों में जिले की 224 हेक्टेयर भूमि को परियोजना के अंतर्गत लाया जाएगा। बीते तीन साल में बंगाणा क्षेत्र में लगभग 2 करोड़ की लागत से 11 हेक्टेयर भूमि पर अमरूद, अनार और माल्टा लगाए गए हैं। वर्ष 2024-25 में 15 हेक्टेयर भूमि पर 17 हजार अमरूद, जबकि 2025-26 में 50 हेक्टेयर पर 55 हज़ार अमरूद, मौसमी और माल्टा के पौधे लगाने का लक्ष्य है। परियोजना के तहत किसानों को शत-प्रतिशत सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के लिए सवा 15 करोड़ रुपये की 7 योजनाओं पर कार्य चल रहा है। इसमें उठाऊ पेयजल, पुरानी सिंचाई प्रणालियों का जीर्णोद्धार और चेक डैम शामिल हैं। साथ ही क्लस्टर विकास, ड्रिप इरीगेशन और कंपोजिट फेंसिंग पर भी पूर्ण अनुदान दिया जा रहा है। बागवानी विकास अधिकारी वीरेंद्र कुमार ने बताया कि जुलाई-अगस्त में 9 समूहों ने 40 हेक्टेयर भूमि पर 45,953 पौधों का रोपण किया, जिससे 386 किसानों को सीधा लाभ मिला।