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Una News: रोड़ा में 6.50 करोड़ से बन रहा प्रदेश का पहला अत्याधुनिक ट्रैफिक पार्क
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उप मुख्यमंत्री ने प्रदेश के पहले सेंसर-आधारित ड्राइविंग ट्रेनिंग ट्रैक एवं ट्रैफिक पार्क का किया निरीक्षण
संवाद न्यूज एजेंसी
हरोली (ऊना)। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने सोमवार देर शाम हरोली के रोड़ा में 6.50 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे ड्राइविंग ट्रेनिंग ट्रैक एवं ट्रैफिक पार्क की प्रगति का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को कार्य में गति लाने और गुणवत्ता मानकों से किसी भी प्रकार का समझौता न करने के निर्देश दिए। उपमुख्यमंत्री ने निर्माण एजेंसी और विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट किया कि सभी कार्य समयबद्ध और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं। यह मॉडल पार्क पूरे प्रदेश के लिए एक मिसाल बनेगा। यह पार्क प्रदेश का पहला सेंसर-आधारित अत्याधुनिक ट्रैफिक पार्क होगा। इसमें लाइसेंस ट्रायल के लिए नवीनतम तकनीक, वाहन पासिंग और जांच के लिए सेंसरयुक्त ऑटोमेटिक सिस्टम, सड़क सुरक्षा प्रशिक्षण और जागरूकता गतिविधियों की आधुनिक व्यवस्था होगी। यहां वाहन चालकों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार ट्रैफिक नियमों और सुरक्षित ड्राइविंग का प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीक संपन्न प्रणाली से लाइसेंस प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, तेज और निष्पक्ष बनेगी। वाहन फिटनेस और जांच प्रक्रिया में दक्षता आएगी, जिससे सड़क सुरक्षा मजबूत होगी। यह ट्रैफिक पार्क युवाओं को रोजगार और प्रशिक्षण दोनों के अवसर प्रदान करेगा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
हरोली (ऊना)। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने सोमवार देर शाम हरोली के रोड़ा में 6.50 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे ड्राइविंग ट्रेनिंग ट्रैक एवं ट्रैफिक पार्क की प्रगति का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को कार्य में गति लाने और गुणवत्ता मानकों से किसी भी प्रकार का समझौता न करने के निर्देश दिए। उपमुख्यमंत्री ने निर्माण एजेंसी और विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट किया कि सभी कार्य समयबद्ध और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं। यह मॉडल पार्क पूरे प्रदेश के लिए एक मिसाल बनेगा। यह पार्क प्रदेश का पहला सेंसर-आधारित अत्याधुनिक ट्रैफिक पार्क होगा। इसमें लाइसेंस ट्रायल के लिए नवीनतम तकनीक, वाहन पासिंग और जांच के लिए सेंसरयुक्त ऑटोमेटिक सिस्टम, सड़क सुरक्षा प्रशिक्षण और जागरूकता गतिविधियों की आधुनिक व्यवस्था होगी। यहां वाहन चालकों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार ट्रैफिक नियमों और सुरक्षित ड्राइविंग का प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीक संपन्न प्रणाली से लाइसेंस प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, तेज और निष्पक्ष बनेगी। वाहन फिटनेस और जांच प्रक्रिया में दक्षता आएगी, जिससे सड़क सुरक्षा मजबूत होगी। यह ट्रैफिक पार्क युवाओं को रोजगार और प्रशिक्षण दोनों के अवसर प्रदान करेगा।