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Una News: मातृ शिशु अस्पताल में सेंट्रल एसी लगाने की प्रक्रिया टेंडरों में उलझी
Tue, 14 Nov 2023 05:07 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Tue, 14 Nov 2023 05:07 AM IST
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ऊना का मातृ शिशु अस्पताल। फाइल फोटो
ऊना। जिला मुख्यालय में स्थापित किए गए मातृ शिशु अस्पताल (एमसीएच) का लाभ लोगों को नहीं मिल पा रहा है। अस्पताल में लगने वाले सेंट्रल एसी का काम तीन बार टेंडर प्रक्रिया होने के बाद भी अधूरा है। लोक निर्माण विभाग की विद्युत विंग ने तीसरी बार टेंडर करवाए। टेंडर प्रक्रिया में कुल चार कंपनियों ने आवेदन किया था, जिसमें सबसे कम बोली लगाने वाली चंडीगढ़ की एक निजी कंपनी को टेंडर अवार्ड किया गया।
इस प्रक्रिया पर अब दूसरी कंपनी ने टेंडर लेने वाली कंपनी पर सरकारी काम करने के सभी मानक पूरे न करने के आरोप लगाए हैं। ऐसे में अब यह मामला विभाग के उच्च अधिकारियों के पास जांच के लिए विचाराधीन है। इन सबके बीच अब तीसरी बार अस्पताल में सेंट्रल एसी लगाने का काम लटक गया है। इससे मातृ शिशु अस्पताल में शिशु रोग ओपीडी से लेकर, ओटी, अल्ट्रासाउंड रूम और लेबर रूम सहित सभी सुविधाएं शुरू नहीं हो पा रही हैं।
क्षेत्रीय अस्पताल ऊना के समीप ही मातृ शिशु अस्पताल के लोकार्पण को हुए एक साल से अधिक समय हो गया है। इसके बावजूद अभी तक नए भवन में केवल गायनी ओपीडी ही शुरू हो पाई है। इसके अलावा ऑपरेशन थियेटर, लेबर रूम, गायनी वार्ड, शिशु रोग ओपीडी, अल्ट्रासाउंड, मैमोग्राफी सहित अन्य सुविधाएं शुरू नहीं हो पा रही हैं।
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बता दें कि मातृ शिशु अस्पताल मेंं सेंट्रल एसी लगाने के लिए लोक निर्माण विभाग के विद्युत विंग ने निविदाएं आमंत्रित की थी। पहली बार कोई भी कंपनी आगे नहीं आई। दूसरी बार एक ही कंपनी ने टेंडर प्रक्रिया में हिस्सा लिया। फिर तीसरी बार टेंडर प्रक्रिया शुरू की गई तो इसमें चार कंपनियों ने हिस्सा लिया। इसमें सबसे कम बोली लगाने वाली कंपनी पर अब दूसरी कंपनी ने सरकारी काम करने के सभी मानकों को पूरा न करने के आरोप लगाए हैं। ऐसे में एक साल से अधिक समय बीतने के बाद भी मातृ शिशु अस्पताल का जनता को लाभ नहीं मिल पा रहा है।
मातृ शिशु अस्पताल के भवन में सेंट्रल एसी लगाने को लेकर हुई टेंडर प्रक्रिया के तहत सबसे कम बोली लगाने वाली निजी कंपनी पर दूसरी कंपनी ने मानकों को लेकर सवाल खड़े किए हैं। इस मामले का निपटारा होने के बाद ही आगामी प्रक्रिया शुरू हो सकेगी।
- कर्म चंद, अधिशासी अभियंता, पीडब्ल्यूडी विद्युत विंग
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इस प्रक्रिया पर अब दूसरी कंपनी ने टेंडर लेने वाली कंपनी पर सरकारी काम करने के सभी मानक पूरे न करने के आरोप लगाए हैं। ऐसे में अब यह मामला विभाग के उच्च अधिकारियों के पास जांच के लिए विचाराधीन है। इन सबके बीच अब तीसरी बार अस्पताल में सेंट्रल एसी लगाने का काम लटक गया है। इससे मातृ शिशु अस्पताल में शिशु रोग ओपीडी से लेकर, ओटी, अल्ट्रासाउंड रूम और लेबर रूम सहित सभी सुविधाएं शुरू नहीं हो पा रही हैं।
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क्षेत्रीय अस्पताल ऊना के समीप ही मातृ शिशु अस्पताल के लोकार्पण को हुए एक साल से अधिक समय हो गया है। इसके बावजूद अभी तक नए भवन में केवल गायनी ओपीडी ही शुरू हो पाई है। इसके अलावा ऑपरेशन थियेटर, लेबर रूम, गायनी वार्ड, शिशु रोग ओपीडी, अल्ट्रासाउंड, मैमोग्राफी सहित अन्य सुविधाएं शुरू नहीं हो पा रही हैं।
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बता दें कि मातृ शिशु अस्पताल मेंं सेंट्रल एसी लगाने के लिए लोक निर्माण विभाग के विद्युत विंग ने निविदाएं आमंत्रित की थी। पहली बार कोई भी कंपनी आगे नहीं आई। दूसरी बार एक ही कंपनी ने टेंडर प्रक्रिया में हिस्सा लिया। फिर तीसरी बार टेंडर प्रक्रिया शुरू की गई तो इसमें चार कंपनियों ने हिस्सा लिया। इसमें सबसे कम बोली लगाने वाली कंपनी पर अब दूसरी कंपनी ने सरकारी काम करने के सभी मानकों को पूरा न करने के आरोप लगाए हैं। ऐसे में एक साल से अधिक समय बीतने के बाद भी मातृ शिशु अस्पताल का जनता को लाभ नहीं मिल पा रहा है।
मातृ शिशु अस्पताल के भवन में सेंट्रल एसी लगाने को लेकर हुई टेंडर प्रक्रिया के तहत सबसे कम बोली लगाने वाली निजी कंपनी पर दूसरी कंपनी ने मानकों को लेकर सवाल खड़े किए हैं। इस मामले का निपटारा होने के बाद ही आगामी प्रक्रिया शुरू हो सकेगी।
- कर्म चंद, अधिशासी अभियंता, पीडब्ल्यूडी विद्युत विंग