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500 करोड़ से बन रहा पीजीआई सैटेलाइट सेंटर जल्द जनता को समर्पित होगा : अनुराग
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कहा, हर तीर्थ स्थल से रेलवे कनेक्टिविटी से जुड़ रहा ऊना
प्रदेश सरकार वित्तीय अनुशासन बनाए रखने में असफल, आरडीजी हिमाचल नहीं 17 राज्यों में समाप्त
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। सांसद अनुराग ठाकुर ने ऊना के कोटला कलां स्थित राधाकृष्ण मंदिर समिति की ओर से आयोजित वार्षिक धार्मिक महासम्मेलन में भाग लिया। उन्होंने मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना कर माथा टेका और संत बाबा बाल से आशीर्वाद प्राप्त किया। अनुराग ठाकुर ने कहा कि वर्तमान में ऊना हर तीर्थ स्थल से रेलवे कनेक्टिविटी से जुड़ रहा है और जल्द ही 500 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे पीजीआई सैटेलाइट सेंटर को जनता को समर्पित किया जाएगा।
सांसद ने रेवेन्यू डिफिसिट ग्रांट (आरडीजी) के मुद्दे पर प्रदेश सरकार पर हमला बोला। कहा कि पिछले पांच वर्षों से वित्त आयोग ने स्पष्ट रूप से संकेत दिए थे कि हिमाचल प्रदेश की आरडीजी धीरे-धीरे घटाई जाएगी और इसे बंद करने की जानकारी समय-समय पर दी गई। इसके बावजूद प्रदेश सरकार ने खर्चों में कटौती के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए।
अनुराग ठाकुर ने उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश की तुलना करते हुए कहा कि उत्तराखंड की आमदनी 16 रुपये है और खर्च 15 रुपये, जबकि हिमाचल प्रदेश में आमदनी 18 रुपये और खर्च 21 रुपये है। 15वें वित्त आयोग ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि अब आरडीजी की जरूरत नहीं है। यह निर्णय केवल हिमाचल प्रदेश के लिए नहीं, बल्कि देश के 17 राज्यों के लिए लिया गया है। आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार इसे राजनीतिक मुद्दा बनाकर जनता को गुमराह कर रही है। केंद्र सरकार ने हिमाचल प्रदेश को डेढ़ लाख करोड़ रुपये से अधिक की सहायता दी है, लेकिन इसके बावजूद आरडीजी को लेकर हल्ला मचाया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश सरकार पुराने कर्ज का ब्याज चुकाने के लिए नया कर्ज ले रही है, जो भविष्य में प्रदेश की जनता के लिए गंभीर चुनौती बन सकता है।
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प्रदेश सरकार वित्तीय अनुशासन बनाए रखने में असफल, आरडीजी हिमाचल नहीं 17 राज्यों में समाप्त
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। सांसद अनुराग ठाकुर ने ऊना के कोटला कलां स्थित राधाकृष्ण मंदिर समिति की ओर से आयोजित वार्षिक धार्मिक महासम्मेलन में भाग लिया। उन्होंने मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना कर माथा टेका और संत बाबा बाल से आशीर्वाद प्राप्त किया। अनुराग ठाकुर ने कहा कि वर्तमान में ऊना हर तीर्थ स्थल से रेलवे कनेक्टिविटी से जुड़ रहा है और जल्द ही 500 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे पीजीआई सैटेलाइट सेंटर को जनता को समर्पित किया जाएगा।
सांसद ने रेवेन्यू डिफिसिट ग्रांट (आरडीजी) के मुद्दे पर प्रदेश सरकार पर हमला बोला। कहा कि पिछले पांच वर्षों से वित्त आयोग ने स्पष्ट रूप से संकेत दिए थे कि हिमाचल प्रदेश की आरडीजी धीरे-धीरे घटाई जाएगी और इसे बंद करने की जानकारी समय-समय पर दी गई। इसके बावजूद प्रदेश सरकार ने खर्चों में कटौती के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए।
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अनुराग ठाकुर ने उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश की तुलना करते हुए कहा कि उत्तराखंड की आमदनी 16 रुपये है और खर्च 15 रुपये, जबकि हिमाचल प्रदेश में आमदनी 18 रुपये और खर्च 21 रुपये है। 15वें वित्त आयोग ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि अब आरडीजी की जरूरत नहीं है। यह निर्णय केवल हिमाचल प्रदेश के लिए नहीं, बल्कि देश के 17 राज्यों के लिए लिया गया है। आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार इसे राजनीतिक मुद्दा बनाकर जनता को गुमराह कर रही है। केंद्र सरकार ने हिमाचल प्रदेश को डेढ़ लाख करोड़ रुपये से अधिक की सहायता दी है, लेकिन इसके बावजूद आरडीजी को लेकर हल्ला मचाया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश सरकार पुराने कर्ज का ब्याज चुकाने के लिए नया कर्ज ले रही है, जो भविष्य में प्रदेश की जनता के लिए गंभीर चुनौती बन सकता है।
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