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Una News: मंत्री ने आंगनबाड़ी केंद्रों की व्यवस्थाओं का लिया जायजा
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चिंतपूर्णी में आयोजित पोषण पखवाड़े में शामिल हुए
बोले- राज्य सरकार कुपोषण के उन्मूलन को लेकर प्रतिबद्ध
संवाद न्यूज एजेंसी
चिंतपूर्णी (ऊना)। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता और स्वास्थ्य मंत्री कर्नल डॉ. धनी राम शांडिल चिंतपूर्णी विधानसभा क्षेत्र के दौरे के दौरान चिंतपूर्णी में आयोजित पोषण पखवाड़ा कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और बच्चों से संवाद किया और केंद्रों की व्यवस्थाओं का जायज़ा लिया। डॉ. शांडिल ने कहा कि राज्य सरकार बच्चों, गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं के समग्र पोषण पर विशेष ध्यान दे रही है। पोषण पखवाड़ा जैसे कार्यक्रम न केवल जन जागरूकता फैलाते हैं, बल्कि समाज के कमजोर वर्गों के स्वास्थ्य और पोषण स्तर को भी सुदृढ़ करने में भी अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने संबंधित विभागीय अधिकारियों को आंगनबाड़ी केंद्रों की सुविधाओं में सुधार लाने और पोषण संबंधी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए। मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार कुपोषण को समाप्त करने के लिए दृढ़ संकल्पित है और इसके लिए विभिन्न योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने अपने बजट में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के मानदेय में वृद्धि की है। अब आंगनबाड़ी वर्करों को 10,500 रुपये, मिनी आंगनबाड़ी वर्करों को 7300 और सहायिकाओं को 5800 रुपये मानदेय दिया जाएगा। जिला कार्यक्रम अधिकारी (आइसीडीएस) नरेंद्र कुमार ने बताया कि इस वर्ष पोषण पखवाड़े में चार प्रमुख विषयों पर केंद्रित है। जीवन के पहले 1000 दिनों पर ध्यान, पोषण ट्रैकर के लाभार्थी, नागरिक मॉड्यूल का प्रचार-प्रसार, बेस्ड मैनेजमेंट ऑफ एक्यूट मालन्यूट्रिशन (सीएमएएम) के माध्यम से कुपोषण का प्रबंधन और बच्चों में मोटापे से निपटने के लिए स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देना। उन्होंने कहा कि इस पोषण पखवाड़े का मकसद पोषण के महत्व को रेखांकित करना और समाज में संतुलित व स्वस्थ आहार की आदतों को बढ़ावा देना है।
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बोले- राज्य सरकार कुपोषण के उन्मूलन को लेकर प्रतिबद्ध
संवाद न्यूज एजेंसी
चिंतपूर्णी (ऊना)। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता और स्वास्थ्य मंत्री कर्नल डॉ. धनी राम शांडिल चिंतपूर्णी विधानसभा क्षेत्र के दौरे के दौरान चिंतपूर्णी में आयोजित पोषण पखवाड़ा कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और बच्चों से संवाद किया और केंद्रों की व्यवस्थाओं का जायज़ा लिया। डॉ. शांडिल ने कहा कि राज्य सरकार बच्चों, गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं के समग्र पोषण पर विशेष ध्यान दे रही है। पोषण पखवाड़ा जैसे कार्यक्रम न केवल जन जागरूकता फैलाते हैं, बल्कि समाज के कमजोर वर्गों के स्वास्थ्य और पोषण स्तर को भी सुदृढ़ करने में भी अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने संबंधित विभागीय अधिकारियों को आंगनबाड़ी केंद्रों की सुविधाओं में सुधार लाने और पोषण संबंधी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए। मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार कुपोषण को समाप्त करने के लिए दृढ़ संकल्पित है और इसके लिए विभिन्न योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने अपने बजट में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के मानदेय में वृद्धि की है। अब आंगनबाड़ी वर्करों को 10,500 रुपये, मिनी आंगनबाड़ी वर्करों को 7300 और सहायिकाओं को 5800 रुपये मानदेय दिया जाएगा। जिला कार्यक्रम अधिकारी (आइसीडीएस) नरेंद्र कुमार ने बताया कि इस वर्ष पोषण पखवाड़े में चार प्रमुख विषयों पर केंद्रित है। जीवन के पहले 1000 दिनों पर ध्यान, पोषण ट्रैकर के लाभार्थी, नागरिक मॉड्यूल का प्रचार-प्रसार, बेस्ड मैनेजमेंट ऑफ एक्यूट मालन्यूट्रिशन (सीएमएएम) के माध्यम से कुपोषण का प्रबंधन और बच्चों में मोटापे से निपटने के लिए स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देना। उन्होंने कहा कि इस पोषण पखवाड़े का मकसद पोषण के महत्व को रेखांकित करना और समाज में संतुलित व स्वस्थ आहार की आदतों को बढ़ावा देना है।