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Una News: घ्योड़ और घरवासड़ा में खिसकने लगी पहाड़ी
Tue, 02 Sep 2025 06:43 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Tue, 02 Sep 2025 06:43 AM IST
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बंगाणा (ऊना)। कुटलैहड़ क्षेत्र की रामगढ़धार पर स्थित गांव घरवासड़ा और ग्राम पंचायत थहड़ा के गांव घ्योड़ भारी भूस्खलन के कारण खतरे की जद में हैं। यहां जमीन धंस रही है। जिसे देखकर क्षेत्र के ग्रामीण सहम गए हैं।
खंभे गिरने से बिजली सेवाएं भी बंद हो गई हैं। घरवासड़ा के करीब एक दर्जन मकान व गांव घ्योड़ में दो दर्जन से अधिक रिहायशी मकान हैं। भारी बारिश के चलते भूस्खलन के कारण इन रिहायशी मकानों पर खतरा मंडराने लगा है।
दोनों गांवों रामगढ़धार की पहाड़ी पर स्थित हैं। अब पूरे का पूरा पहाड़ ही दरकने लगा है, 35 परिवारों पर खतरा मंडरा रहा है। सोमवार को हुई भारी बारिश के दौरान गांव घरवासड़ा के जगदीश चंद, तरसेम लाल, पिंकी के मकान खाली करवाकर उन्हें सुरक्षित स्थान पर भेज दिया गया है।
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वहीं गांव घरवासड़ा के ही जगता व रमेश को भी खतरे के चलते सुरक्षित स्थान पर भेजा गया है। वहीं प्रशासन ने अन्य गांववासियों को भी सतर्क रहने के लिए कहा है। किसी भी प्रकार की घटना को देखते हुए तुरंत सूचना देने की अपील की है।
ग्राम पंचायत थहड़ा के प्रधान गुरनाम सिंह ने बताया कि उक्त परिवारों को सामुदायिक भवन, हाई स्कूल घरवासड़ा व वन विभाग के रेस्ट हाउस में शिफ्ट किया गया है। उन्होंने बताया कि प्रशासन द्वारा फौरी राहत के तौर पर उक्त परिवारों को तिरपाल दिए गए हैं।
गांववासियों ने बताया कि उनके मकानों के साथ लगते डंगे बुरी तरह से ध्वस्त हो गए हैं। वहीं उपजाऊ भूमि भी भूस्खलन की चपेट में आकर तहस-नहस हो गई।
इसके अलावा बिजली के खंभे भी गिर गए, जिससे उक्त गांव में बिजली भी बंद हो गई है। मोमन्यार वार्ड से जिला परिषद सदस्य कृष्णपाल शर्मा ने सरकार व प्रशासन से मांग की है कि पीड़ित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर रखा जाए। वहीं इन परिवारों को हरसंभव सहायता मुहैया करवाई जाए। अन्य परिवारों को भी वहां से शिफ्ट किया जाए।
उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि उक्त ग्रामीणों की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए।
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खंभे गिरने से बिजली सेवाएं भी बंद हो गई हैं। घरवासड़ा के करीब एक दर्जन मकान व गांव घ्योड़ में दो दर्जन से अधिक रिहायशी मकान हैं। भारी बारिश के चलते भूस्खलन के कारण इन रिहायशी मकानों पर खतरा मंडराने लगा है।
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दोनों गांवों रामगढ़धार की पहाड़ी पर स्थित हैं। अब पूरे का पूरा पहाड़ ही दरकने लगा है, 35 परिवारों पर खतरा मंडरा रहा है। सोमवार को हुई भारी बारिश के दौरान गांव घरवासड़ा के जगदीश चंद, तरसेम लाल, पिंकी के मकान खाली करवाकर उन्हें सुरक्षित स्थान पर भेज दिया गया है।
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वहीं गांव घरवासड़ा के ही जगता व रमेश को भी खतरे के चलते सुरक्षित स्थान पर भेजा गया है। वहीं प्रशासन ने अन्य गांववासियों को भी सतर्क रहने के लिए कहा है। किसी भी प्रकार की घटना को देखते हुए तुरंत सूचना देने की अपील की है।
ग्राम पंचायत थहड़ा के प्रधान गुरनाम सिंह ने बताया कि उक्त परिवारों को सामुदायिक भवन, हाई स्कूल घरवासड़ा व वन विभाग के रेस्ट हाउस में शिफ्ट किया गया है। उन्होंने बताया कि प्रशासन द्वारा फौरी राहत के तौर पर उक्त परिवारों को तिरपाल दिए गए हैं।
गांववासियों ने बताया कि उनके मकानों के साथ लगते डंगे बुरी तरह से ध्वस्त हो गए हैं। वहीं उपजाऊ भूमि भी भूस्खलन की चपेट में आकर तहस-नहस हो गई।
इसके अलावा बिजली के खंभे भी गिर गए, जिससे उक्त गांव में बिजली भी बंद हो गई है। मोमन्यार वार्ड से जिला परिषद सदस्य कृष्णपाल शर्मा ने सरकार व प्रशासन से मांग की है कि पीड़ित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर रखा जाए। वहीं इन परिवारों को हरसंभव सहायता मुहैया करवाई जाए। अन्य परिवारों को भी वहां से शिफ्ट किया जाए।
उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि उक्त ग्रामीणों की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए।