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Una News: एमबीबीएस में स्कूल बोर्ड के छात्रों को 85 फीसदी आरक्षण का निर्णय सराहनीय
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प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन ने जताया सरकार का आभार
संवाद न्यूज एजेंसी
थानाकलां (ऊना)। हिमाचल सरकार की ओर से प्रदेश के विद्यार्थियों को मेडिकल शिक्षा में बढ़ावा देने के लिए एमबीबीएस पाठ्यक्रम में हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड से पढ़े छात्रों को 85 प्रतिशत आरक्षण देने के निर्णय का प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन जिला ऊना इकाई ने स्वागत किया है।
एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष लखनपाल शर्मा ने इस निर्णय को सराहनीय और जनहित में उठाया गया कदम करार दिया। कहा कि यह नीति राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों और सरकारी स्कूलों में शिक्षा प्राप्त करने वाले होनहार विद्यार्थियों के लिए सुनहरा अवसर है। वे मेडिकल क्षेत्र में आगे बढ़कर अपने सपनों को साकार कर सकेंगे। लखनपाल शर्मा ने कहा कि हिमाचल बोर्ड के छात्र पहले भी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में शानदार प्रदर्शन करते रहे हैं। यह आरक्षण नीति उन्हें एमबीबीएस जैसे प्रतिष्ठित कोर्स में उचित प्रतिनिधित्व दिलाने में सहायक सिद्ध होगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस आरक्षण का लाभ केवल उन्हीं छात्रों को मिलेगा जिन्होंने हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड से 10वीं और 12वीं या कम से कम कोई दो कक्षाएं उत्तीर्ण की हों।
एसोसिएशन ने आशा व्यक्त की है कि यह निर्णय प्रदेश के प्रतिभावान विद्यार्थियों को आगे बढ़ाने में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा, जिससे वे भविष्य में राज्य व देश सेवा के क्षेत्रों में अपना अमूल्य योगदान दे सकेंगे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
थानाकलां (ऊना)। हिमाचल सरकार की ओर से प्रदेश के विद्यार्थियों को मेडिकल शिक्षा में बढ़ावा देने के लिए एमबीबीएस पाठ्यक्रम में हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड से पढ़े छात्रों को 85 प्रतिशत आरक्षण देने के निर्णय का प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन जिला ऊना इकाई ने स्वागत किया है।
एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष लखनपाल शर्मा ने इस निर्णय को सराहनीय और जनहित में उठाया गया कदम करार दिया। कहा कि यह नीति राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों और सरकारी स्कूलों में शिक्षा प्राप्त करने वाले होनहार विद्यार्थियों के लिए सुनहरा अवसर है। वे मेडिकल क्षेत्र में आगे बढ़कर अपने सपनों को साकार कर सकेंगे। लखनपाल शर्मा ने कहा कि हिमाचल बोर्ड के छात्र पहले भी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में शानदार प्रदर्शन करते रहे हैं। यह आरक्षण नीति उन्हें एमबीबीएस जैसे प्रतिष्ठित कोर्स में उचित प्रतिनिधित्व दिलाने में सहायक सिद्ध होगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस आरक्षण का लाभ केवल उन्हीं छात्रों को मिलेगा जिन्होंने हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड से 10वीं और 12वीं या कम से कम कोई दो कक्षाएं उत्तीर्ण की हों।
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एसोसिएशन ने आशा व्यक्त की है कि यह निर्णय प्रदेश के प्रतिभावान विद्यार्थियों को आगे बढ़ाने में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा, जिससे वे भविष्य में राज्य व देश सेवा के क्षेत्रों में अपना अमूल्य योगदान दे सकेंगे।
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