{"_id":"668935fccd4010fa600140c6","slug":"the-cultivation-of-green-vegetables-is-attacked-by-caterpillars-crops-wither-farmers-helpless-una-news-c-93-1-una1002-127731-2024-07-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Una News: हरी सब्जियों की खेती पर सुंडी की मार, फसलें मुरझाईं, किसान लाचार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Una News: हरी सब्जियों की खेती पर सुंडी की मार, फसलें मुरझाईं, किसान लाचार
Sun, 07 Jul 2024 05:45 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Sun, 07 Jul 2024 05:45 AM IST
विज्ञापन
पंडोगा में बैगन के पौधों को लगा कीडा।संवाद
बैंगन के तने में घुसकर सुंडी कर रही हमला, उत्पादन हुआ प्रभावित
लगातार बारिश होने से जरूरी दवाओं का छिड़काव भी हो रहा बेअसर
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिले में बरसात के आगमन से फसलों की सिंचाई से तो किसानों को राहत मिली है, लेकिन फसलों पर सुंडी की मार ने किसानों को चिंता में डाल दिया है। हरी सब्जियां बारिश का लाभ होने के बावजूद मुरझाने लगी हैं। वहीं, किसान अगर जरूरी दवाओं का छिड़काव करते हैं, तो कुछ समय बाद ही बारिश से वह भी धुल रही हैं, जिससे उसका असर फसल पर नहीं हो पाता।
जानकारी के अनुसार जिले में बैंगन, फ्रांसबीन, शिमला मिर्च, टमाटर, घीया और कद्दू जैसी हरी सब्जियां इस समय खेतों में तैयार हो रही हैं। बीते दिनों भीषण गर्मी से फसलाें को बचाने के लिए किसानों को हर तीसरे दिन फसलों को सिंचित करना पड़ा। इस बीच जुलाई के आगमन से ही बारिश का सिलसिला शुरू हो गया, जिससे किसानों को सिंचाई से तो राहत मिली, लेकिन बारिश से खरपतवार बढ़ने लगे। किसान अभी उससे निपट ही रहे थे कि सुंडी की मार फसलों पर पड़ने लगी हैं। खासकर बैंगन की फसल को सुंडी तने और टहनियों में घुसकर चपेट में ले रही है। इससे एक दिन के भीतर पौधा मुरझा जाता है। आलम यह है कि फसलों का उम्मीद मुताबिक उत्पादन नहीं हो रहा। किसानों को मंडी लायक फसल का तुड़ान करने में एक सप्ताह तक का समय लग रहा है, जबकि आमूमन तीसरे से चौथे दिन तुड़ान होता है।
किसान प्रेम चंद, सुनील कुमार, विनोद कुमार, राजेश ने बताया कि सुंडी के खात्मे के लिए जरूरी दवाइयां भी छिड़क रहे हैं, लेकिन लाभ नहीं मिल रहा। क्योंकि सुबह-शाम हो रही बारिश से दवाई का छिड़काव धुल जाता है। इससे पौधों को कोई लाभ नहीं मिल रहा। कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि बारिश के बाद फसलें तेजी से वृद्धि करेंगी और उत्पादन भी अधिक होगा, लेकिन सुंडी के हमले ने सारी उम्मीदें तोड़ दीं।
विज्ञापन
हरी सब्जियों पर अगर सुंडी का हमला हुआ है, तो मौसम साफ होने के बाद जरूरी दवाओं का छिड़काव करें। इस बारे में परामर्श के लिए कृषि विभाग की टीमों को भी मौके पर भेजा जाएगा। किसान ऐसी परेशानी होने पर विभाग को सूचना जरूर दें।
-डाॅ. कुलभूषण धीमान, उपनिदेशक, जिला कृषि विभाग
विज्ञापन
लगातार बारिश होने से जरूरी दवाओं का छिड़काव भी हो रहा बेअसर
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिले में बरसात के आगमन से फसलों की सिंचाई से तो किसानों को राहत मिली है, लेकिन फसलों पर सुंडी की मार ने किसानों को चिंता में डाल दिया है। हरी सब्जियां बारिश का लाभ होने के बावजूद मुरझाने लगी हैं। वहीं, किसान अगर जरूरी दवाओं का छिड़काव करते हैं, तो कुछ समय बाद ही बारिश से वह भी धुल रही हैं, जिससे उसका असर फसल पर नहीं हो पाता।
जानकारी के अनुसार जिले में बैंगन, फ्रांसबीन, शिमला मिर्च, टमाटर, घीया और कद्दू जैसी हरी सब्जियां इस समय खेतों में तैयार हो रही हैं। बीते दिनों भीषण गर्मी से फसलाें को बचाने के लिए किसानों को हर तीसरे दिन फसलों को सिंचित करना पड़ा। इस बीच जुलाई के आगमन से ही बारिश का सिलसिला शुरू हो गया, जिससे किसानों को सिंचाई से तो राहत मिली, लेकिन बारिश से खरपतवार बढ़ने लगे। किसान अभी उससे निपट ही रहे थे कि सुंडी की मार फसलों पर पड़ने लगी हैं। खासकर बैंगन की फसल को सुंडी तने और टहनियों में घुसकर चपेट में ले रही है। इससे एक दिन के भीतर पौधा मुरझा जाता है। आलम यह है कि फसलों का उम्मीद मुताबिक उत्पादन नहीं हो रहा। किसानों को मंडी लायक फसल का तुड़ान करने में एक सप्ताह तक का समय लग रहा है, जबकि आमूमन तीसरे से चौथे दिन तुड़ान होता है।
विज्ञापन
किसान प्रेम चंद, सुनील कुमार, विनोद कुमार, राजेश ने बताया कि सुंडी के खात्मे के लिए जरूरी दवाइयां भी छिड़क रहे हैं, लेकिन लाभ नहीं मिल रहा। क्योंकि सुबह-शाम हो रही बारिश से दवाई का छिड़काव धुल जाता है। इससे पौधों को कोई लाभ नहीं मिल रहा। कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि बारिश के बाद फसलें तेजी से वृद्धि करेंगी और उत्पादन भी अधिक होगा, लेकिन सुंडी के हमले ने सारी उम्मीदें तोड़ दीं।
विज्ञापन
हरी सब्जियों पर अगर सुंडी का हमला हुआ है, तो मौसम साफ होने के बाद जरूरी दवाओं का छिड़काव करें। इस बारे में परामर्श के लिए कृषि विभाग की टीमों को भी मौके पर भेजा जाएगा। किसान ऐसी परेशानी होने पर विभाग को सूचना जरूर दें।
-डाॅ. कुलभूषण धीमान, उपनिदेशक, जिला कृषि विभाग

पंडोगा में बैगन के पौधों को लगा कीडा।संवाद

पंडोगा में बैगन के पौधों को लगा कीडा।संवाद

पंडोगा में बैगन के पौधों को लगा कीडा।संवाद