{"_id":"6a6900257c6cce28ee0dc1ba","slug":"the-adc-reviewed-the-effective-implementation-of-solid-waste-management-una-news-c-93-1-una1002-200291-2026-07-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Una News: एडीसी ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा की","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Una News: एडीसी ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा की
Wed, 29 Jul 2026 12:46 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Wed, 29 Jul 2026 12:46 AM IST
विज्ञापन
ऊना। जिला ऊना में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 के प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) ऊना इशांत जसवाल की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में हिमाचल प्रदेश राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, विभिन्न शहरी स्थानीय निकायों, ग्रामीण विकास विभाग तथा संबंधित विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया।
बैठक में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन से संबंधित जारी निर्देशों के अनुपालन की विस्तृत समीक्षा की गई तथा जिला स्तरीय कार्यान्वयन समिति के सदस्यों को सौंपे गए दायित्वों की प्रगति पर चर्चा की गई। साथ ही, प्रत्येक शहरी निकाय एवं खंड विकास कार्यालय द्वारा उत्पन्न कचरे की मात्रा, संग्रहण दक्षता, परिवहन व्यवस्था, प्रसंस्करण क्षमता तथा अंतिम निस्तारण व्यवस्था का भी आकलन किया गया। एडीसी ने स्रोत स्तर पर चार-स्तरीय कचरा पृथक्करण (फोर-वे सेग्रीगेशन) को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गीले, सूखे, घरेलू खतरनाक एवं सैनिटरी अपशिष्ट के पृथक संग्रहण, परिवहन, प्रसंस्करण और निस्तारण की व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाया जाए। इसके साथ ही बल्क वेस्ट जनरेटर्स (बीडब्ल्यूजी) की पहचान, पंजीकरण तथा स्थल पर ही अपशिष्ट प्रसंस्करण सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया।
विज्ञापन
बैठक में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन से संबंधित जारी निर्देशों के अनुपालन की विस्तृत समीक्षा की गई तथा जिला स्तरीय कार्यान्वयन समिति के सदस्यों को सौंपे गए दायित्वों की प्रगति पर चर्चा की गई। साथ ही, प्रत्येक शहरी निकाय एवं खंड विकास कार्यालय द्वारा उत्पन्न कचरे की मात्रा, संग्रहण दक्षता, परिवहन व्यवस्था, प्रसंस्करण क्षमता तथा अंतिम निस्तारण व्यवस्था का भी आकलन किया गया। एडीसी ने स्रोत स्तर पर चार-स्तरीय कचरा पृथक्करण (फोर-वे सेग्रीगेशन) को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गीले, सूखे, घरेलू खतरनाक एवं सैनिटरी अपशिष्ट के पृथक संग्रहण, परिवहन, प्रसंस्करण और निस्तारण की व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाया जाए। इसके साथ ही बल्क वेस्ट जनरेटर्स (बीडब्ल्यूजी) की पहचान, पंजीकरण तथा स्थल पर ही अपशिष्ट प्रसंस्करण सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया।
विज्ञापन