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Una News: झुग्गी-झोपड़ियों और औद्योगिक क्षेत्रों में तलाशे जाएंगे टीबी रोगी
Thu, 20 Nov 2025 06:09 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Thu, 20 Nov 2025 06:09 AM IST
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ऊना। जिले में टीबी के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग अब एक्टिव केस फाइंडिंग (एसीएफ) अभियान के तहत प्रवासी मजदूरों की जांच करेगा। हर रविवार एसीएफ टीमें प्रवासी बस्तियों और औद्योगिक क्षेत्रों में पहुंचकर संभावित मरीजों का एक्स-रे और अन्य जांचें करेंगी।
जिले में हजारों प्रवासी मजदूर भवन निर्माण, रेहड़ी-फड़ी और अन्य कामों में लगे हैं। इनमें से अधिकांश अस्थायी झुग्गियों में रहते हैं, जहां क्षय रोग फैलने की संभावना अधिक रहती है। समय पर पहचान न होने से कई मरीज गंभीर अवस्था तक पहुंच जाते हैं और मौत का जोखिम बढ़ जाता है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग टीमें प्रवासी क्षेत्रों में जाकर मौके पर ही स्क्रीनिंग करेंगी, ताकि समय रहते उपचार शुरू हो सके।
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. विशाल ठाकुर ने बताया कि वर्तमान में जिले में सामने आने वाले टीबी मामलों में बड़ी संख्या प्रवासी मजदूरों की होती है। इसलिए विशेष रूप से इनके लिए एसीएफ अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रवासी क्षेत्रों में टीबी लक्षण वाले लोगों की पहचान कर तुरंत जांच व इलाज सुनिश्चित किया जाएगा। संवाद
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जिले में हजारों प्रवासी मजदूर भवन निर्माण, रेहड़ी-फड़ी और अन्य कामों में लगे हैं। इनमें से अधिकांश अस्थायी झुग्गियों में रहते हैं, जहां क्षय रोग फैलने की संभावना अधिक रहती है। समय पर पहचान न होने से कई मरीज गंभीर अवस्था तक पहुंच जाते हैं और मौत का जोखिम बढ़ जाता है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग टीमें प्रवासी क्षेत्रों में जाकर मौके पर ही स्क्रीनिंग करेंगी, ताकि समय रहते उपचार शुरू हो सके।
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जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. विशाल ठाकुर ने बताया कि वर्तमान में जिले में सामने आने वाले टीबी मामलों में बड़ी संख्या प्रवासी मजदूरों की होती है। इसलिए विशेष रूप से इनके लिए एसीएफ अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रवासी क्षेत्रों में टीबी लक्षण वाले लोगों की पहचान कर तुरंत जांच व इलाज सुनिश्चित किया जाएगा। संवाद
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