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Una News: अधीक्षक और वरिष्ठ सहायक ई ऑफिस प्रणाली के बारे में होंगे प्रशिक्षित
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एससीईआरटी सोलन में दो से सात दिसंबर तक चलेगा प्रशिक्षण कार्यक्रम
प्रथम चरण में छह जिलों से 50 अधीक्षक और वरिष्ठ सहायक होंगे शामिल
सरकार के पेपरलेस ऑफिस बनाने की मुहिम को शिक्षा विभाग ने तेज की मुहिम
सर्विस दस्तावेजों के अलावा कार्यप्रणाली में आए बदलाव की भी दी जाएगी जानकारी
जसवीर ठाकुर
ऊना। शिक्षा विभाग में ई ऑफिस प्रणाली को पुख्ता करने के लिए राज्य शैक्षणिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद सोलन में प्रथम चरण में अधीक्षक और वरिष्ठ सहायक को प्रशिक्षित किया जाएगा। इस संदर्भ में परिषद की ओर से शेड्यूल जारी कर दिया गया है। छह दिवसीय प्रशिक्षण शिविर दो दिसंबर से लेकर सात दिसंबर तक शुरू किया जा रहा है। इसमें हिमाचल प्रदेश के शिमला, सोलन, सिरमौर, कांगड़ा, बिलासपुर और ऊना जिला के अधीक्षक और वरिष्ठ सहायक शामिल होंगे। 50 कर्मचारियों को छह दिन तक चलने वाले इस प्रशिक्षण शिविर में जहां डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के तहत ई ऑफिस प्रणाली को प्रभावी ढंग से कार्यालय में लागू करने के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा वहीं प्रशिक्षण शिविर के दौरान कार्यप्रणाली में आए दिन आ रहे बदलाव के बारे में भी प्रशिक्षित किया जाएगा। साथ में ही नए नियमों और इंप्लाइज की सर्विस के दस्तावेजों के बारे में भी प्रशिक्षित किया जाएगा। परिषद के समन्वयक डॉक्टर देवेंद्र प्रकाश शर्मा ने बताया कि परिषद ने प्रारंभिक चरण में छह जिलों के अधीक्षक और वरिष्ठ सहायक को इस प्रशिक्षण में शामिल किया है। दूसरे चरण में शेष जिलों के अधीक्षक और वरिष्ठ सहायक को शामिल किया जाएगा। प्रदेश कांग्रेस सरकार ने सत्तासीन होते ही डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के तहत एक कदम आगे बढ़ाया है और हिमाचल प्रदेश के सभी दफ्तरों में पेपरलेस पद्धति से काम करने के लिए सख्त हिदायत दी है। इसे धरातल पर अमलीजामा पहनाने के लिए अन्य विभागों की तर्ज पर शिक्षा विभाग ने भी कमर कस ली है और कर्मचारियों-अधिकारियों को प्रशिक्षित किया जा रहा है ताकि सरकार की इस मुहिम को सिरे चढ़ाया जा सके। ई ऑफिस पद्धति लागू होने से जहां कार्य में पारदर्शिता आएगी। वहीं, काम करने को वक्त भी कम लगेगा। निर्णय लेने में भी ई ऑफिस की पद्धति सहायक सिद्ध होगी। कार्यालय पेपरलेस होने से जहां काम जल्द निपट सकेंगे। दूसरी ओर अधिकारी, कर्मचारी और आम जनता को भी बार-बार कार्यालयों के चक्कर काटने से भी काफी हद तक राहत मिलेगी। प्रदेश के कई विभागों में ई ऑफिस पद्धति को अपना लिया गया है। दूसरी ओर विभागों में सबसे बड़े शिक्षा विभाग में भी इस ओर संजीदगी से काम करने की दिशा में आला अधिकारियों ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। इसके लिए बाकायदा अधिकारियों-कर्मचारियों को प्रशिक्षण भी प्रदान किया जा रहा है। हर जिला स्तर पर ट्रेनर भी नियुक्त कर दिए गए हैं ताकि ई ऑफिस पद्धति के तहत काम किया जा सके। उधर, शिक्षा विभाग उच्चतर ऊना के उपनिदेशक राजेंद्र कौशल ने बताया कि एससीईआरटी सोलन में अधीक्षक और वरिष्ठ सहायक के लिए 2 दिसंबर से सात दिसंबर तक प्रशिक्षण तय किया गया है। इसमें ऊना जिले से नौ अधीक्षक और वरिष्ठ सहायक प्रशिक्षण लेंगे।
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प्रथम चरण में छह जिलों से 50 अधीक्षक और वरिष्ठ सहायक होंगे शामिल
सरकार के पेपरलेस ऑफिस बनाने की मुहिम को शिक्षा विभाग ने तेज की मुहिम
सर्विस दस्तावेजों के अलावा कार्यप्रणाली में आए बदलाव की भी दी जाएगी जानकारी
जसवीर ठाकुर
ऊना। शिक्षा विभाग में ई ऑफिस प्रणाली को पुख्ता करने के लिए राज्य शैक्षणिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद सोलन में प्रथम चरण में अधीक्षक और वरिष्ठ सहायक को प्रशिक्षित किया जाएगा। इस संदर्भ में परिषद की ओर से शेड्यूल जारी कर दिया गया है। छह दिवसीय प्रशिक्षण शिविर दो दिसंबर से लेकर सात दिसंबर तक शुरू किया जा रहा है। इसमें हिमाचल प्रदेश के शिमला, सोलन, सिरमौर, कांगड़ा, बिलासपुर और ऊना जिला के अधीक्षक और वरिष्ठ सहायक शामिल होंगे। 50 कर्मचारियों को छह दिन तक चलने वाले इस प्रशिक्षण शिविर में जहां डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के तहत ई ऑफिस प्रणाली को प्रभावी ढंग से कार्यालय में लागू करने के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा वहीं प्रशिक्षण शिविर के दौरान कार्यप्रणाली में आए दिन आ रहे बदलाव के बारे में भी प्रशिक्षित किया जाएगा। साथ में ही नए नियमों और इंप्लाइज की सर्विस के दस्तावेजों के बारे में भी प्रशिक्षित किया जाएगा। परिषद के समन्वयक डॉक्टर देवेंद्र प्रकाश शर्मा ने बताया कि परिषद ने प्रारंभिक चरण में छह जिलों के अधीक्षक और वरिष्ठ सहायक को इस प्रशिक्षण में शामिल किया है। दूसरे चरण में शेष जिलों के अधीक्षक और वरिष्ठ सहायक को शामिल किया जाएगा। प्रदेश कांग्रेस सरकार ने सत्तासीन होते ही डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के तहत एक कदम आगे बढ़ाया है और हिमाचल प्रदेश के सभी दफ्तरों में पेपरलेस पद्धति से काम करने के लिए सख्त हिदायत दी है। इसे धरातल पर अमलीजामा पहनाने के लिए अन्य विभागों की तर्ज पर शिक्षा विभाग ने भी कमर कस ली है और कर्मचारियों-अधिकारियों को प्रशिक्षित किया जा रहा है ताकि सरकार की इस मुहिम को सिरे चढ़ाया जा सके। ई ऑफिस पद्धति लागू होने से जहां कार्य में पारदर्शिता आएगी। वहीं, काम करने को वक्त भी कम लगेगा। निर्णय लेने में भी ई ऑफिस की पद्धति सहायक सिद्ध होगी। कार्यालय पेपरलेस होने से जहां काम जल्द निपट सकेंगे। दूसरी ओर अधिकारी, कर्मचारी और आम जनता को भी बार-बार कार्यालयों के चक्कर काटने से भी काफी हद तक राहत मिलेगी। प्रदेश के कई विभागों में ई ऑफिस पद्धति को अपना लिया गया है। दूसरी ओर विभागों में सबसे बड़े शिक्षा विभाग में भी इस ओर संजीदगी से काम करने की दिशा में आला अधिकारियों ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। इसके लिए बाकायदा अधिकारियों-कर्मचारियों को प्रशिक्षण भी प्रदान किया जा रहा है। हर जिला स्तर पर ट्रेनर भी नियुक्त कर दिए गए हैं ताकि ई ऑफिस पद्धति के तहत काम किया जा सके। उधर, शिक्षा विभाग उच्चतर ऊना के उपनिदेशक राजेंद्र कौशल ने बताया कि एससीईआरटी सोलन में अधीक्षक और वरिष्ठ सहायक के लिए 2 दिसंबर से सात दिसंबर तक प्रशिक्षण तय किया गया है। इसमें ऊना जिले से नौ अधीक्षक और वरिष्ठ सहायक प्रशिक्षण लेंगे।