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Una News: स्कूलों में जाकर एनीमिया के बारे में जागरूक किए जाएंगे विद्यार्थी
Tue, 21 Jan 2025 05:18 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Tue, 21 Jan 2025 05:18 AM IST
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शिक्षा विभाग स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ मिलकर चलाएगा अभियान
विद्यार्थियों को पोषण युक्त खाना खाने और स्वच्छता के बताए जाएंगे मापदंड
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिला के स्कूलों में हर वर्ष की तरह इस शैक्षणिक सत्र में भी विद्यार्थियों में एनीमिया (खून की कमी) की जांच होगी। इसके साथ ही बच्चों को पोषण युक्त खाना खाने और स्वच्छता बनाए रखने को लेकर जागरूक किया जाएगा। इस अभियान को स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से संचालित किया जाएगा।
जानकारी के अनुसार छह माह से लेकर 10 साल तक के बच्चों में खून की कमी (एनीमिया) के कई मामले सामने आते हैं। इससे बचाव को लेकर हर वर्ष विशेष अभियान चलाया जाता है। अभियान के सुनियोजित संचालन के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से टीमों का गठन किया जाता है। पिछले साल इसके लिए विभाग की ओर से 20 टीमों का गठन किया गया। ये टीमें जिलेभर के आंगनबाड़ी केंद्रों और विद्यालयों में जाकर बच्चों के स्वास्थ्य की जांच करती हैं।
बता दें कि वर्ष 2023 में जिले में 10 साल से कम आयु के 250 बच्चे ऐसे पाए गए, जो कि एनीमिया की गंभीर स्थिति में थे। करीब 200 के आसपास बच्चे वर्ष 2024 में इस बीमारी के खतरे की जद में मिले। इसका मुख्य कारण बच्चों को उचित खुराक न मिलना बताया जा रहा है।
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अभियान में 50000 से अधिक बच्चों की जांच होती है। इस दौरान बच्चों और उनके अभिभावकों को सही खानपान से जुड़ी जानकारी भी दी जाती है। बच्चों में खून की कमी पाई जाने पर उन्हें आयरन की गोलियां भी दी जाती हैं। अभियान में आशा वर्कर की मदद भी ली जाती है।
छोटे बच्चों में खून की कमी होना गंभीर विषय है। इसे लेकर स्वास्थ्य विभाग लगातार सतर्क है। अभियान के बाद बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार के बारे में जानने के लिए दोबारा स्कूलों का रुख किए जाने पर विचार चल रहा है। -डॉ. एसके वर्मा त्रीय अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधिकारी
कोट्स
मिड डे मील की गुणवत्ता को लेकर स्कूलों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए गए। भोजन की जांच भी औचक निरीक्षण में की जाती है। स्वास्थ्य विभाग के अभियान में हमारी ओर से पूरा सहयोग हर वर्ष दिया जाता है।
सोमलाल धीमान, उपनिदेशक, जिला प्रारंभिक शिक्षा विभाग
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विद्यार्थियों को पोषण युक्त खाना खाने और स्वच्छता के बताए जाएंगे मापदंड
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिला के स्कूलों में हर वर्ष की तरह इस शैक्षणिक सत्र में भी विद्यार्थियों में एनीमिया (खून की कमी) की जांच होगी। इसके साथ ही बच्चों को पोषण युक्त खाना खाने और स्वच्छता बनाए रखने को लेकर जागरूक किया जाएगा। इस अभियान को स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से संचालित किया जाएगा।
जानकारी के अनुसार छह माह से लेकर 10 साल तक के बच्चों में खून की कमी (एनीमिया) के कई मामले सामने आते हैं। इससे बचाव को लेकर हर वर्ष विशेष अभियान चलाया जाता है। अभियान के सुनियोजित संचालन के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से टीमों का गठन किया जाता है। पिछले साल इसके लिए विभाग की ओर से 20 टीमों का गठन किया गया। ये टीमें जिलेभर के आंगनबाड़ी केंद्रों और विद्यालयों में जाकर बच्चों के स्वास्थ्य की जांच करती हैं।
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बता दें कि वर्ष 2023 में जिले में 10 साल से कम आयु के 250 बच्चे ऐसे पाए गए, जो कि एनीमिया की गंभीर स्थिति में थे। करीब 200 के आसपास बच्चे वर्ष 2024 में इस बीमारी के खतरे की जद में मिले। इसका मुख्य कारण बच्चों को उचित खुराक न मिलना बताया जा रहा है।
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अभियान में 50000 से अधिक बच्चों की जांच होती है। इस दौरान बच्चों और उनके अभिभावकों को सही खानपान से जुड़ी जानकारी भी दी जाती है। बच्चों में खून की कमी पाई जाने पर उन्हें आयरन की गोलियां भी दी जाती हैं। अभियान में आशा वर्कर की मदद भी ली जाती है।
छोटे बच्चों में खून की कमी होना गंभीर विषय है। इसे लेकर स्वास्थ्य विभाग लगातार सतर्क है। अभियान के बाद बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार के बारे में जानने के लिए दोबारा स्कूलों का रुख किए जाने पर विचार चल रहा है। -डॉ. एसके वर्मा त्रीय अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधिकारी
कोट्स
मिड डे मील की गुणवत्ता को लेकर स्कूलों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए गए। भोजन की जांच भी औचक निरीक्षण में की जाती है। स्वास्थ्य विभाग के अभियान में हमारी ओर से पूरा सहयोग हर वर्ष दिया जाता है।
सोमलाल धीमान, उपनिदेशक, जिला प्रारंभिक शिक्षा विभाग