{"_id":"5739c3d64f1c1b6c17ac7b09","slug":"students-studying-in-hot-temprature-no-changes-in-school-time","type":"story","status":"publish","title_hn":"भयंकर गर्मी में पढ़ने को मजबूर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भयंकर गर्मी में पढ़ने को मजबूर
ब्यूरो/अमर उजाला/ऊना
Updated Mon, 16 May 2016 06:31 PM IST
विज्ञापन
भीषण गर्मी में पढ़ाई करने जातीं छात्राएं।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिले में पारा 42 डिग्री के पार पहुंच चुका है। इसका कहर सबसे अधिक स्कूलों में शिक्षा ग्रहण कर रहे छात्र-छात्राओं पर बरप रहा है। लेकिन, शिक्षा विभाग के अधिकारियों को शायद अपने केबिन में गर्मी महसूस नहीं होती। इसीलिए, छात्रों के दर्द को कोई महसूस नहीं कर रहा है। नौनिहाल भयंकर गर्मी के बीच शिक्षा ग्रहण करने को विवश हो चुके हैं। उधर, अभिभावकों में भी नौनिहालों के प्रति चिंताएं बढ़ती जा रही हैं।
विज्ञापन
शिक्षक संघों ने भी समयसारिणी बदलने की मांग की है। जिले में हर वर्ष गर्मी के बढ़ने से स्कूलों की समय सारिणी में बदलाव कर दिया जाता है। लेकिन, इस बार विभागीय अधिकारियों की निद्रा टूटने का नाम नहीं ले रही है, जबकि नौनिहालों पर भीषण गर्मी का कहर जमकर बरप रहा है। भीषण गर्मी के चलते नौनिहाल स्कूलों में चक्कर खाकर गिर रहे है, जिससे अभिभावकों की चिंता भी काफी बढ़ गई है।
विज्ञापन
अभिभावकों सुरेश कुमार, अंजना ठाकुर, देवेंद्र, राजेश राणा, अजय कुमार, राज कुमार और विपिन कुमार का कहना है कि गर्मी के चलते स्कूलों के समय में कटौती कर सुबह साढ़े सात से साढ़े बारह बजे तक कर दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मौसम की मार से नौनिहालों को बचाने का यही एकमात्र उपाय है।
विज्ञापन
उधर, उपायुक्त यूनुस का कहना है कि मामले के संदर्भ में विभागीय अधिकारियों से जल्द बात की जाएगी, जिससे भयंकर गर्मी में नौनिहालों को राहत देने के लिए प्रभावी कदम उठाए जा सकें।