फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Una News ›   Spray courazane to protect maize from fall army worm: Dr. Dhiman

फॉल आर्मी वर्म से मक्की के बचाव के लिए करें कौराजेन का स्प्रे : डॉ. धीमान

Sun, 21 Jul 2024 02:00 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना Updated Sun, 21 Jul 2024 02:00 AM IST
विज्ञापन
Spray courazane to protect maize from fall army worm: Dr. Dhiman
ऊना। मक्की को बचाने के लिए कृषि विभाग के पास कौराजेन कीटनाशक सभी विकास खंडों में उपलब्ध है। कौराजेन का पहला स्प्रे बुआई के दस दिन बाद मक्की के पत्तों के भंवर में करें। स्प्रे को सुबह के शुरुआती घंटों में या शाम के समय में करना चाहिए और स्प्रे नोजल को पत्ती भंवर की ओर रखा जाना चाहिए, जिसमें लार्वा आमतौर पर फीड करते हैं।
विज्ञापन

बुआई के 18-22 दिन के बाद स्प्रे को दोहरायें। यह जानकारी देते हुए कृषि विभाग के उप-निदेशक डॉ. कुलभूषण धीमान ने कहा कि खरीफ मक्का की फसल में फॉल आर्मी वर्म का अधिक प्रकोप दिखाई दे रहा है। इसका अधिक प्रकोप होने पर फसल को एक ही रात में भारी नुकसान पहुंच सकता है। इस कीट की व्यस्क मादा मोथ पौधों की पत्तियों और तनों पर अंडे देती है। एक बार में मादा 50-200 अंडे देती है। यह अंडे 3-4 दिन में फूट जाते हैं तथा इनसे निकलने वाले लार्वा 14-22 दिन तक इस अवस्था में रहते हैं। कीट के लार्वा के जीवन चक्र की तीसरी अवस्था तक इसकी पहचान करना मुश्किल है, लेकिन चौथी अवस्था में इसकी पहचान आसानी से की जा सकती है। डॉ. धीमान ने कहा कि चौथी अवस्था में लार्वा के सिर पर अंग्रेजी के उल्टे ‘वाई’ आकार का सफेद निशान दिखाई देता है। इसके लार्वा पौधों की पत्तियों को खुरचकर खाता है, जिससे पत्तियों पर सफेद धारियां दिखाई देती हैं। जैसे-जैसे लार्वा बड़ा होता है, पौधों की ऊपरी पत्तियों को खाता है और बाद में पौधों के भुट्टे में घुसकर अपना भोजन प्राप्त करता है।
विज्ञापन

80 से अधिक फसलों को पहुंचाता है नुकसान
उपनिदेशक ने कहा कि यह कीट बहु फसल भक्षी है, जो 80 से अधिक फसलों को नुकसान पहुंचाता है। अगर समय रहते फॉल आर्मी वर्म कीट की पहचान कर इस पर नियंत्रण नहीं किया गया, तो आने वाले समय में मक्का एवं अन्य फसलों में भारी तबाही हो सकती है। फसल के लिए लार्वा अवस्था हानिकारक होती है। उन्होंने किसानों से कहा कि भूमि की गहरी जुताई करें, ताकि कीट की लार्वा अवस्था या प्यूपा भूमि में गहरा दब जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन

यहां करें संपर्क
अधिक जानकारी के लिए विकास खंड अम्ब, विषयवाद विशेषज्ञ रमेश लाल मोबाइल नंबर 9418004250, विकास खंड बंगाणा में सतपाल धीमान मोबाइल नंबर 9418160124, विकास खंड गगरेट में नवदीप कौंडल मोबाइल नंबर 8219170865, विकास खंड हरोली में लेखराज संधू मोबाइल नंबर 9816206687 और विकास खंड ऊना में प्यारो देवी मोबाइल नंबर 8628945916 पर संपर्क किया जा सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed