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Una News: शत-प्रतिशत सरकारी स्कूलों में नहीं हो रहा स्मार्ट कक्षाओं का इस्तेमाल
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विभाग ने कहा, कई शिक्षण संस्थान नहीं कर रहे स्मार्ट कक्षाओं का बेहतर इस्तेमाल
शिक्षा विभाग ने सभी स्कूलों को इस दिशा में गंभीरता के साथ कार्य करने को कहा
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिले के शत-प्रतिशत सरकारी स्कूलों में स्मार्ट कक्षाओं का इस्तेमाल नहीं हो रहा। इसे लेकर विभाग ने सभी स्कूलों के नाम एक पत्र जारी कर कहा कि स्मार्ट कक्षाओं के सुनियोजित इस्तेमाल को लेकर गंभीरता दिखाएं। बच्चों की पढ़ाई के लिहाज से यह बेहद जरूरी है। शिक्षा विभाग की ओर से स्कूलों को जारी पत्र में कहा गया कि बीते शैक्षणिक सत्र के दौरान देखने में आया कि कई स्कूलों में स्मार्ट कक्षाओं की सुविधा तो है लेकिन बच्चों की पढ़ाई में इसका इस्तेमाल करने में कोताही बरती जा रही। विभाग ने स्पष्ट किया कि मौजूदा शैक्षणिक सत्र में यह कोताही नहीं होनी चाहिए। बच्चों को शिक्षा से जुड़े बदलते दौर के साथ मिलकर पढ़ाई करवाना जरूरी है। विभाग ने स्मार्ट कक्षाओं की सुविधा वाले स्कूलों को हिदायत दी है कि इससे जुड़ा रिकाॅर्ड रजिस्टर पर बनाकर रखें। विद्यार्थियों को एलईडी बोर्ड और स्मार्ट कक्षाओं से जुड़ी एप्स के माध्यम से पढ़ाई करवाएं। विभाग ने कहा कि इसे लेकर सभी स्कूलों के शिक्षकों को प्रशिक्षित किया गया है। अगर किसी अध्यापक को कहीं समस्या आती है तो प्रशिक्षण हासिल कर चुके अध्यापकों से मदद लें।
उपनिदेशक जिला प्रारंभिक शिक्षा विभाग सोमलाल धीमान ने कहा कि स्मार्ट कक्षाओं की सुविधा वाले सरकारी स्कूल गंभीरता के साथ इसका इस्तेमाल करें। डिजिटल युग में विद्यार्थियों को बदलती तकनीक से रूबरू कराना बेहद जरूरी है। आगामी दिनों में शिक्षा विभाग की ओर से जब स्कूलों का औचक निरीक्षण किया जाएगा तो स्मार्ट कक्षाओं की स्थिति भी परखी जाएगी। इसमें बच्चों से भी बातचीत होगी। कहीं, लापरवाही पाई गई तो निश्चित तौर पर कार्रवाई होगी।
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शिक्षा विभाग ने सभी स्कूलों को इस दिशा में गंभीरता के साथ कार्य करने को कहा
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिले के शत-प्रतिशत सरकारी स्कूलों में स्मार्ट कक्षाओं का इस्तेमाल नहीं हो रहा। इसे लेकर विभाग ने सभी स्कूलों के नाम एक पत्र जारी कर कहा कि स्मार्ट कक्षाओं के सुनियोजित इस्तेमाल को लेकर गंभीरता दिखाएं। बच्चों की पढ़ाई के लिहाज से यह बेहद जरूरी है। शिक्षा विभाग की ओर से स्कूलों को जारी पत्र में कहा गया कि बीते शैक्षणिक सत्र के दौरान देखने में आया कि कई स्कूलों में स्मार्ट कक्षाओं की सुविधा तो है लेकिन बच्चों की पढ़ाई में इसका इस्तेमाल करने में कोताही बरती जा रही। विभाग ने स्पष्ट किया कि मौजूदा शैक्षणिक सत्र में यह कोताही नहीं होनी चाहिए। बच्चों को शिक्षा से जुड़े बदलते दौर के साथ मिलकर पढ़ाई करवाना जरूरी है। विभाग ने स्मार्ट कक्षाओं की सुविधा वाले स्कूलों को हिदायत दी है कि इससे जुड़ा रिकाॅर्ड रजिस्टर पर बनाकर रखें। विद्यार्थियों को एलईडी बोर्ड और स्मार्ट कक्षाओं से जुड़ी एप्स के माध्यम से पढ़ाई करवाएं। विभाग ने कहा कि इसे लेकर सभी स्कूलों के शिक्षकों को प्रशिक्षित किया गया है। अगर किसी अध्यापक को कहीं समस्या आती है तो प्रशिक्षण हासिल कर चुके अध्यापकों से मदद लें।
उपनिदेशक जिला प्रारंभिक शिक्षा विभाग सोमलाल धीमान ने कहा कि स्मार्ट कक्षाओं की सुविधा वाले सरकारी स्कूल गंभीरता के साथ इसका इस्तेमाल करें। डिजिटल युग में विद्यार्थियों को बदलती तकनीक से रूबरू कराना बेहद जरूरी है। आगामी दिनों में शिक्षा विभाग की ओर से जब स्कूलों का औचक निरीक्षण किया जाएगा तो स्मार्ट कक्षाओं की स्थिति भी परखी जाएगी। इसमें बच्चों से भी बातचीत होगी। कहीं, लापरवाही पाई गई तो निश्चित तौर पर कार्रवाई होगी।
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