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Una News: 170 रुपये की एंट्री फीस पर भड़के छोटे मालवाहक चालक, बैरियरों पर विरोध
Fri, 03 Apr 2026 06:53 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Fri, 03 Apr 2026 06:53 AM IST
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प्रवेश बैरियर पर काटी गई 170 रुपये की पर्ची। संवाद
ऊना। हिमाचल प्रदेश में छोटे मालवाहक वाहनों से बैरियरों पर प्रतिदिन 170 रुपये की एंट्री फीस वसूलने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। पिकअप, छोटा हाथी और अन्य छोटे मालवाहक वाहनों के चालकों ने इस व्यवस्था का विरोध शुरू कर दिया है। वीरवार को कई स्थानों पर वाहन चालकों ने बैरियरों पर पहुंचकर विरोध जताया और कहा कि पहले ही वे सालाना टैक्स अदा कर रहे हैं, ऐसे में हर दिन अतिरिक्त शुल्क लेना उनके साथ अन्याय है।
चालकों का कहना है कि प्रदेश में प्रवेश करने वाले पिकअप और छोटे मालवाहक वाहनों से 170 रुपये प्रतिदिन लिए जा रहे हैं। इसका असर उन स्थानीय लोगों पर भी पड़ रहा है जो सीमा से पांच किलोमीटर के दायरे में रहते हैं या प्रदेश के निवासी हैं। वाहन चालकों के अनुसार उन्हें भी किसी प्रकार की छूट नहीं दी जा रही है।
सूत्रों के अनुसार वीरवार को बैरियरों पर पहुंचे कई वाहन चालकों ने शुल्क देने से पहले संबंधित आदेश की प्रति दिखाने की मांग की। हालांकि बैरियर संचालकों के पास भी कोई स्पष्ट लिखित आदेश उपलब्ध नहीं था। इससे वाहन चालकों में और अधिक रोष फैल गया। उनका कहना था कि जब तक सरकार की ओर से स्पष्ट आदेश जारी नहीं किए जाते, तब तक इस प्रकार की वसूली उचित नहीं मानी जा सकती।
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वाहन चालक अमित कुमार ने बताया कि पिकअप और छोटे मालवाहक वाहनों पर पहले से ही सालाना टैक्स 3500 से 4500 रुपये तक लिया जाता है। इसके बावजूद यदि उन्हें प्रतिदिन 170 रुपये देने पड़े तो एक वर्ष में यह राशि करीब 61 हजार रुपये तक पहुंच जाएगी।
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चालक शुभम चौधरी ने कहा कि छोटे कारोबारियों, सब्जी विक्रेताओं, दूध सप्लाई करने वालों और दिहाड़ी पर माल ढुलाई करने वाले चालकों के लिए इतना अतिरिक्त खर्च उठाना संभव नहीं होगा। मुश्किल से घर का खर्च निकाल रहे हैं। इस बीच नई व्यवस्था की मार से उनका कारोबार संकट में आ जाएगा।
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चालक रजत ठाकुर ने कहा कि सीमावर्ती इलाकों के लोगों को महीने में कई बार पंजाब जाना पड़ता है। इस प्रकार की व्यवस्था से सीमावर्ती इलाकों के लोगों को राहत देने के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए। पांच किमी के दायरे में आने वाले इलाकों के चालकों से भी मनमाने तरीके से शुल्क वसूला जा रहा है।
चालक मोहित सहगल ने बताया कि एक आम वाहन चालक प्रतिवर्ष 61000 रुपये कैसे चुका पाएगा। पहले उनके कोई शुल्क नहीं लिया जाता था। अचानक 170 रुपये की पर्ची काटना कहां तक जायज है। कई चालकों ने किस्त पर वाहन खरीदे हैं। अगर प्रतिमाह 5100 रुपये बैरियर पर ही वसूल लिए जाएंगे तो चालक बचे पैसों से किस्त देगा या परिवार को पालेगा।
कुछ अन्य वाहन चालकों ने आरोप लगाया कि बैरियरों पर तैनात कर्मचारियों की ओर से यह स्पष्ट नहीं बताया जा रहा कि शुल्क किस आधार पर लिया जा रहा और किन वाहनों को इससे छूट मिलेगी। छोटे मालवाहक चालकों ने सरकार से मांग की है कि प्रदेश के निवासियों, सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों और पांच किलोमीटर के दायरे में आने वाले वाहन चालकों को इस शुल्क से राहत दी जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द स्पष्ट आदेश जारी नहीं किए गए तो आने वाले दिनों में विरोध और तेज किया जाएगा।
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चालकों का कहना है कि प्रदेश में प्रवेश करने वाले पिकअप और छोटे मालवाहक वाहनों से 170 रुपये प्रतिदिन लिए जा रहे हैं। इसका असर उन स्थानीय लोगों पर भी पड़ रहा है जो सीमा से पांच किलोमीटर के दायरे में रहते हैं या प्रदेश के निवासी हैं। वाहन चालकों के अनुसार उन्हें भी किसी प्रकार की छूट नहीं दी जा रही है।
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सूत्रों के अनुसार वीरवार को बैरियरों पर पहुंचे कई वाहन चालकों ने शुल्क देने से पहले संबंधित आदेश की प्रति दिखाने की मांग की। हालांकि बैरियर संचालकों के पास भी कोई स्पष्ट लिखित आदेश उपलब्ध नहीं था। इससे वाहन चालकों में और अधिक रोष फैल गया। उनका कहना था कि जब तक सरकार की ओर से स्पष्ट आदेश जारी नहीं किए जाते, तब तक इस प्रकार की वसूली उचित नहीं मानी जा सकती।
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वाहन चालक अमित कुमार ने बताया कि पिकअप और छोटे मालवाहक वाहनों पर पहले से ही सालाना टैक्स 3500 से 4500 रुपये तक लिया जाता है। इसके बावजूद यदि उन्हें प्रतिदिन 170 रुपये देने पड़े तो एक वर्ष में यह राशि करीब 61 हजार रुपये तक पहुंच जाएगी।
चालक शुभम चौधरी ने कहा कि छोटे कारोबारियों, सब्जी विक्रेताओं, दूध सप्लाई करने वालों और दिहाड़ी पर माल ढुलाई करने वाले चालकों के लिए इतना अतिरिक्त खर्च उठाना संभव नहीं होगा। मुश्किल से घर का खर्च निकाल रहे हैं। इस बीच नई व्यवस्था की मार से उनका कारोबार संकट में आ जाएगा।
चालक रजत ठाकुर ने कहा कि सीमावर्ती इलाकों के लोगों को महीने में कई बार पंजाब जाना पड़ता है। इस प्रकार की व्यवस्था से सीमावर्ती इलाकों के लोगों को राहत देने के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए। पांच किमी के दायरे में आने वाले इलाकों के चालकों से भी मनमाने तरीके से शुल्क वसूला जा रहा है।
चालक मोहित सहगल ने बताया कि एक आम वाहन चालक प्रतिवर्ष 61000 रुपये कैसे चुका पाएगा। पहले उनके कोई शुल्क नहीं लिया जाता था। अचानक 170 रुपये की पर्ची काटना कहां तक जायज है। कई चालकों ने किस्त पर वाहन खरीदे हैं। अगर प्रतिमाह 5100 रुपये बैरियर पर ही वसूल लिए जाएंगे तो चालक बचे पैसों से किस्त देगा या परिवार को पालेगा।
कुछ अन्य वाहन चालकों ने आरोप लगाया कि बैरियरों पर तैनात कर्मचारियों की ओर से यह स्पष्ट नहीं बताया जा रहा कि शुल्क किस आधार पर लिया जा रहा और किन वाहनों को इससे छूट मिलेगी। छोटे मालवाहक चालकों ने सरकार से मांग की है कि प्रदेश के निवासियों, सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों और पांच किलोमीटर के दायरे में आने वाले वाहन चालकों को इस शुल्क से राहत दी जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द स्पष्ट आदेश जारी नहीं किए गए तो आने वाले दिनों में विरोध और तेज किया जाएगा।