{"_id":"6aa996099b2e5b5bbe06b3a8","slug":"senior-citizens-forum-raises-issues-of-employment-health-and-stray-dogs-una-news-c-93-1-ssml1047-206081-2026-09-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Una News: वरिष्ठ नागरिक फोरम ने उठाया रोजगार स्वास्थ्य और लावारिस कुत्तों का मुद्दा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Una News: वरिष्ठ नागरिक फोरम ने उठाया रोजगार स्वास्थ्य और लावारिस कुत्तों का मुद्दा
Wed, 16 Sep 2026 12:31 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Wed, 16 Sep 2026 12:31 AM IST
विज्ञापन
ऊना। वरिष्ठ नागरिक फोरम ऊना ने युवाओं के रोजगार, बुजुर्गों की स्वास्थ्य सुविधाओं और शहर में बढ़ते लावारिस कुत्तों के आतंक समेत कई मुद्दे उठाए हैं।
मंगलवार को आयोजित फोरम की बैठक में सरकार और प्रशासन से इन समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है। बैठक की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष जीआर वर्मा ने की।
उन्होंने कहा कि शिक्षा, बिजली, पानी और परिवहन जैसी सुविधाओं में सुधार हुआ है लेकिन पढ़ाई पूरी करने के बाद युवाओं के सामने रोजगार की चुनौती बनी हुई है।
उन्होंने युवाओं को सरकारी नौकरियों के साथ स्वरोजगार और तकनीकी कौशल की ओर बढ़ने की जरूरत बताई। बढ़ते कंप्यूटरीकरण और मैकेनाइजेशन से रोजगार का स्वरूप तेजी से बदला है।
विज्ञापन
बैंकिंग क्षेत्र का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि वर्ष 1972 में 50 करोड़ रुपये की कार्यशील पूंजी का काम 26 कर्मचारी संभालते थे, जबकि आज करीब 400 करोड़ रुपये का काम छह कर्मचारी संभाल रहे हैं। ऐसे में युवाओं को समय के अनुसार तकनीकी रूप से दक्ष होना होगा।
फोरम अध्यक्ष ने बुजुर्गों की स्वास्थ्य सुविधाओं पर चिंता जताते हुए कहा कि हृदय रोग से पीड़ित वरिष्ठ नागरिकों को जिला अस्पताल में कार्डियोलॉजिस्ट की सुविधा न होने के कारण उपचार के लिए दूसरे शहरों का रुख करना पड़ता है।
इससे बुजुर्गों और उनके परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ता है। उन्होंने जिला अस्पताल में हृदय रोग विशेषज्ञ की व्यवस्था करने की मांग की। स्वास्थ्य बीमा योजनाओं में बार-बार बदलाव पर भी उन्होंने सवाल उठाए।
सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर घूम रहे लावारिस कुत्ते बच्चों और बुजुर्गों के लिए खतरा बने हुए हैं। उन्होंने प्रशासन से लोगों की सुरक्षा के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाने की मांग की।
इस मौके पर डीडी वशिष्ठ, रोशन लाल चौधरी सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।
विज्ञापन
मंगलवार को आयोजित फोरम की बैठक में सरकार और प्रशासन से इन समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है। बैठक की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष जीआर वर्मा ने की।
उन्होंने कहा कि शिक्षा, बिजली, पानी और परिवहन जैसी सुविधाओं में सुधार हुआ है लेकिन पढ़ाई पूरी करने के बाद युवाओं के सामने रोजगार की चुनौती बनी हुई है।
विज्ञापन
उन्होंने युवाओं को सरकारी नौकरियों के साथ स्वरोजगार और तकनीकी कौशल की ओर बढ़ने की जरूरत बताई। बढ़ते कंप्यूटरीकरण और मैकेनाइजेशन से रोजगार का स्वरूप तेजी से बदला है।
विज्ञापन
बैंकिंग क्षेत्र का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि वर्ष 1972 में 50 करोड़ रुपये की कार्यशील पूंजी का काम 26 कर्मचारी संभालते थे, जबकि आज करीब 400 करोड़ रुपये का काम छह कर्मचारी संभाल रहे हैं। ऐसे में युवाओं को समय के अनुसार तकनीकी रूप से दक्ष होना होगा।
फोरम अध्यक्ष ने बुजुर्गों की स्वास्थ्य सुविधाओं पर चिंता जताते हुए कहा कि हृदय रोग से पीड़ित वरिष्ठ नागरिकों को जिला अस्पताल में कार्डियोलॉजिस्ट की सुविधा न होने के कारण उपचार के लिए दूसरे शहरों का रुख करना पड़ता है।
इससे बुजुर्गों और उनके परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ता है। उन्होंने जिला अस्पताल में हृदय रोग विशेषज्ञ की व्यवस्था करने की मांग की। स्वास्थ्य बीमा योजनाओं में बार-बार बदलाव पर भी उन्होंने सवाल उठाए।
सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर घूम रहे लावारिस कुत्ते बच्चों और बुजुर्गों के लिए खतरा बने हुए हैं। उन्होंने प्रशासन से लोगों की सुरक्षा के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाने की मांग की।
इस मौके पर डीडी वशिष्ठ, रोशन लाल चौधरी सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।