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जाति या वर्ग के नहीं, संपूर्ण मानवता के होते हैं संत : सत्ती
Wed, 05 Aug 2026 11:39 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Wed, 05 Aug 2026 11:39 AM IST
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ऊना। ऊना सदर के विधायक एवं भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती ने कहा कि कुछ लोगों ने यह भ्रम फैला रखा है कि गुरु रविदास जी केवल एक जाति विशेष के संत थे, जबकि संत किसी जाति या वर्ग के नहीं बल्कि संपूर्ण मानवता के होते हैं।
उन्होंने कहा कि संत शिरोमणि गुरु रविदास जी को महान संतों में स्थान प्राप्त है और उनकी शिक्षाएं समाज में समानता, भाईचारे और मानवता का संदेश देती हैं। भाजपा इन्हीं मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य कर रही है।
कांग्रेस द्वारा कार्यक्रम की आलोचना पर प्रतिक्रिया देते हुए सत्ती ने कहा कि कांग्रेस को ऐसे आयोजनों का विरोध करने के बजाय उनमें भाग लेना चाहिए। कांग्रेस के राष्ट्रीय नेताओं को समाज को बांटने वालों के बजाय संतों और महापुरुषों के आदर्शों के साथ खड़ा होना चाहिए। धर्म का अर्थ राजनीति नहीं बल्कि मानवता, सेवा और सदाचार है। सत्ती ने आरोप लगाया कि कांग्रेस समाज को जोड़ने के बजाय तोड़ने की राजनीति करती है।
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उन्होंने कहा कि संत शिरोमणि गुरु रविदास जी को महान संतों में स्थान प्राप्त है और उनकी शिक्षाएं समाज में समानता, भाईचारे और मानवता का संदेश देती हैं। भाजपा इन्हीं मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य कर रही है।
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कांग्रेस द्वारा कार्यक्रम की आलोचना पर प्रतिक्रिया देते हुए सत्ती ने कहा कि कांग्रेस को ऐसे आयोजनों का विरोध करने के बजाय उनमें भाग लेना चाहिए। कांग्रेस के राष्ट्रीय नेताओं को समाज को बांटने वालों के बजाय संतों और महापुरुषों के आदर्शों के साथ खड़ा होना चाहिए। धर्म का अर्थ राजनीति नहीं बल्कि मानवता, सेवा और सदाचार है। सत्ती ने आरोप लगाया कि कांग्रेस समाज को जोड़ने के बजाय तोड़ने की राजनीति करती है।
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