{"_id":"69789f9d2a1486d0a602324c","slug":"rss-dedicated-to-nation-building-jindal-una-news-c-93-1-una1002-179570-2026-01-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"आरएसएस राष्ट्र निर्माण के लिए समर्पित : जिंदल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आरएसएस राष्ट्र निर्माण के लिए समर्पित : जिंदल
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संघ के शताब्दी वर्ष के संकल्पों पर विचार-विमर्श
संवाद न्यूज़ एजेंसी
मैहतपुर (ऊना)। स्थानीय औद्योगिक क्षेत्र के सेवा सदन में मंगलवार को व्यापारी एवं उद्योगपति वर्ग की संगोष्ठी आयोजित की गई, जिसमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के उत्तर क्षेत्रीय संघचालक पवन जिंदल मुख्य वक्ता रहे। अध्यक्षता जिला संघचालक डॉ. हेमराज शर्मा ने की। पवन जिंदल ने संघ के इतिहास, विचारधारा और वर्तमान भूमिका पर प्रकाश डालते हुए शताब्दी वर्ष के अवसर पर लिए गए पांच प्रणों के सामाजिक व राष्ट्रीय महत्व को बताया। उन्होंने कहा कि संघ को लेकर फैलाई जाने वाली भ्रांतियों को दूर करने के लिए उसके कार्यों को प्रत्यक्ष रूप से समझना आवश्यक है। आरएसएस राष्ट्र निर्माण के लिए समर्पित, देशभक्त और चरित्रवान नागरिकों का निर्माण करता है।
कार्यक्रम में व्यापारियों, उद्योगपतियों, जनप्रतिनिधियों एवं स्वयंसेवकों की सहभागिता रही। संगोष्ठी के माध्यम से राष्ट्रहित, स्वदेशी विचार और सामाजिक दायित्व के प्रति जागरूकता का संदेश दिया गया।
विज्ञापन
संवाद न्यूज़ एजेंसी
मैहतपुर (ऊना)। स्थानीय औद्योगिक क्षेत्र के सेवा सदन में मंगलवार को व्यापारी एवं उद्योगपति वर्ग की संगोष्ठी आयोजित की गई, जिसमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के उत्तर क्षेत्रीय संघचालक पवन जिंदल मुख्य वक्ता रहे। अध्यक्षता जिला संघचालक डॉ. हेमराज शर्मा ने की। पवन जिंदल ने संघ के इतिहास, विचारधारा और वर्तमान भूमिका पर प्रकाश डालते हुए शताब्दी वर्ष के अवसर पर लिए गए पांच प्रणों के सामाजिक व राष्ट्रीय महत्व को बताया। उन्होंने कहा कि संघ को लेकर फैलाई जाने वाली भ्रांतियों को दूर करने के लिए उसके कार्यों को प्रत्यक्ष रूप से समझना आवश्यक है। आरएसएस राष्ट्र निर्माण के लिए समर्पित, देशभक्त और चरित्रवान नागरिकों का निर्माण करता है।
कार्यक्रम में व्यापारियों, उद्योगपतियों, जनप्रतिनिधियों एवं स्वयंसेवकों की सहभागिता रही। संगोष्ठी के माध्यम से राष्ट्रहित, स्वदेशी विचार और सामाजिक दायित्व के प्रति जागरूकता का संदेश दिया गया।
विज्ञापन