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Una News: पटवारी-कानूनगो संघ की हड़ताल से राजस्व कामकाज पड़ गए ठप
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थानाकलां कार्यालय में हड़ताल पर बैठे पटवारी-कानूनगो संघ के सदस्य।स्रोत स्वयं
- फोटो : परीक्षा केंद्र पर अधिकारियों व कर्मचारियों को निर्देश देते डीएम डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी।
संवाद न्यूज एजेंसी ऊना/अंब/थानाकलां/नंदपुर/घनारी (ऊना)। पटवारी और कानूनगो संयुक्त संघ की अनिश्चितकालीन हड़ताल जिलाभर में जारी रही। इससे राजस्व से संबंधित कामकाज को निपटाने में आम जनता और बच्चों को दिक्कतें पेश आ रही हैं।
संघ की मांगों को पूरा करने के समर्थन में पंचायत प्रधान भी उतर आए हैं। उपमंडल अंब के तहसील कार्यालय में हड़ताल पर बैठे पटवारी-कानूनगो अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
पटवार दफ्तरों के बंद होने से बोनाफाइड प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, कृषि प्रमाण पत्र और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज समय पर नहीं मिल पा रहे हैं, जिससे लोगों का कामकाज प्रभावित हो रहा है। हड़ताल का मुख्य कारण हिमाचल प्रदेश सरकार की ओर से जारी स्टेट कैडर अधिसूचना है। इस निर्णय के विरोध में राज्य भर के पटवारी और कानूनगो हड़ताल पर चले गए हैं।
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संयुक्त पटवार संघ के प्रदेश अध्यक्ष सतीश चौधरी ने कहा कि अब तक सरकार ने संघ के साथ कोई संवाद स्थापित नहीं किया है, जिससे संघ के सदस्यों में नाराजगी है।
सतीश चौधरी ने बताया कि हड़ताल के बावजूद आपदा की स्थिति में पटवारी और कानूनगो अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं और भविष्य में भी निभाते रहेंगे। उन्होंने कहा कि संघ ने देहरा में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से अपनी मांगें रखी थीं। मुख्यमंत्री ने उनकी बात सुनी और एक कमेटी के गठन का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक इस पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। संघ ने सरकार से आग्रह किया है कि उनकी मांगों पर जल्द से जल्द उचित निर्णय लिया जाए, ताकि हड़ताल समाप्त हो और आम जनता को हो रही परेशानियों से राहत मिल सके।
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संघ की मांगों को पूरा करने के समर्थन में पंचायत प्रधान भी उतर आए हैं। उपमंडल अंब के तहसील कार्यालय में हड़ताल पर बैठे पटवारी-कानूनगो अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
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पटवार दफ्तरों के बंद होने से बोनाफाइड प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, कृषि प्रमाण पत्र और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज समय पर नहीं मिल पा रहे हैं, जिससे लोगों का कामकाज प्रभावित हो रहा है। हड़ताल का मुख्य कारण हिमाचल प्रदेश सरकार की ओर से जारी स्टेट कैडर अधिसूचना है। इस निर्णय के विरोध में राज्य भर के पटवारी और कानूनगो हड़ताल पर चले गए हैं।
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संयुक्त पटवार संघ के प्रदेश अध्यक्ष सतीश चौधरी ने कहा कि अब तक सरकार ने संघ के साथ कोई संवाद स्थापित नहीं किया है, जिससे संघ के सदस्यों में नाराजगी है।
सतीश चौधरी ने बताया कि हड़ताल के बावजूद आपदा की स्थिति में पटवारी और कानूनगो अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं और भविष्य में भी निभाते रहेंगे। उन्होंने कहा कि संघ ने देहरा में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से अपनी मांगें रखी थीं। मुख्यमंत्री ने उनकी बात सुनी और एक कमेटी के गठन का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक इस पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। संघ ने सरकार से आग्रह किया है कि उनकी मांगों पर जल्द से जल्द उचित निर्णय लिया जाए, ताकि हड़ताल समाप्त हो और आम जनता को हो रही परेशानियों से राहत मिल सके।