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Una News: बारिश से मक्की की फसल चौपट, किसानों ने मांगा मुआवजा
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बोले- पहले एक बीघा में 60 क्विंटल मक्की होती थी, इस बार एक क्विंटल भी नहीं
संवाद न्यूज एजेंसी
थानाकलां (ऊना)। उपमंडल बंगाणा में इस बार किसानों की मेहनत पर प्राकृतिक आपदा भारी पड़ी है तीन माह तक लगातार हुई मूसलाधार बारिश ने मक्की की फसल तबाह कर दी। इस दौरान क्षेत्र में 1815 एमएम वर्षा दर्ज की गई, जिसके चलते खेतों में जलभराव और पौधों में सड़न की स्थिति बन गई। किसानों ने बताया कि पिछले वर्षों में जिस एक बीघा भूमि से 60 क्विंटल तक मक्की का उत्पादन होता था, वहां इस बार एक क्विंटल भी नहीं हुआ। कुछ किसानों को तो केवल 10 से 15 किलो मक्की ही प्राप्त हुई है। किसानों ने बताया कि लगातार बारिश से खेतों में पानी भर जाने के कारण पौधे सड़ गए और पूरी फसल नष्ट हो गई। इससे अगली फसल के लिए बीज और खाद खरीदना भी कठिन हो गया है। इस बार घर के खाने लायक भी फसल मुश्किल से बचेगी। किसानों ने सरकार से मांग की है कि मौसम की विपदा से प्रभावित सभी किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए, ताकि वे अपनी अगली फसल की तैयारी कर सकें। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग को तुरंत खेतों का सर्वे कर नुकसान का आकलन करना चाहिए, ताकि किसानों को शीघ्र राहत मिल सके।
किसानों की आवाज
1. खेतों में पानी भर जाने से मक्की के पौधे सड़ गए। मेहनत पर पानी फिर गया। सरकार से अब मुआवजे की उम्मीद है।
- सुरेंद्र कुमार, किसान
2. पहले साल भर का अनाज होता था, अब खाने लायक भी नहीं बचा। इससे आने वाले समय में काफी परेशानियां होंगी।
-मस्त राम, किसान
3. सरकार तुरंत नुकसान का सर्वे करवाए और राहत राशि जारी करे। क्षेत्र में काफी किसान फसल न होने से चिंतित हैं।
- देशराज मोदगिल, किसान नेता
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संवाद न्यूज एजेंसी
थानाकलां (ऊना)। उपमंडल बंगाणा में इस बार किसानों की मेहनत पर प्राकृतिक आपदा भारी पड़ी है तीन माह तक लगातार हुई मूसलाधार बारिश ने मक्की की फसल तबाह कर दी। इस दौरान क्षेत्र में 1815 एमएम वर्षा दर्ज की गई, जिसके चलते खेतों में जलभराव और पौधों में सड़न की स्थिति बन गई। किसानों ने बताया कि पिछले वर्षों में जिस एक बीघा भूमि से 60 क्विंटल तक मक्की का उत्पादन होता था, वहां इस बार एक क्विंटल भी नहीं हुआ। कुछ किसानों को तो केवल 10 से 15 किलो मक्की ही प्राप्त हुई है। किसानों ने बताया कि लगातार बारिश से खेतों में पानी भर जाने के कारण पौधे सड़ गए और पूरी फसल नष्ट हो गई। इससे अगली फसल के लिए बीज और खाद खरीदना भी कठिन हो गया है। इस बार घर के खाने लायक भी फसल मुश्किल से बचेगी। किसानों ने सरकार से मांग की है कि मौसम की विपदा से प्रभावित सभी किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए, ताकि वे अपनी अगली फसल की तैयारी कर सकें। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग को तुरंत खेतों का सर्वे कर नुकसान का आकलन करना चाहिए, ताकि किसानों को शीघ्र राहत मिल सके।
किसानों की आवाज
1. खेतों में पानी भर जाने से मक्की के पौधे सड़ गए। मेहनत पर पानी फिर गया। सरकार से अब मुआवजे की उम्मीद है।
- सुरेंद्र कुमार, किसान
2. पहले साल भर का अनाज होता था, अब खाने लायक भी नहीं बचा। इससे आने वाले समय में काफी परेशानियां होंगी।
-मस्त राम, किसान
3. सरकार तुरंत नुकसान का सर्वे करवाए और राहत राशि जारी करे। क्षेत्र में काफी किसान फसल न होने से चिंतित हैं।
- देशराज मोदगिल, किसान नेता