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Una News: आलू की बिजाई में बारिश बनी बाधा
Tue, 16 Sep 2025 05:04 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Tue, 16 Sep 2025 05:04 AM IST
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कई किसानों का बाहर रखा बीज भीगा, दोबारा सूखाने में करनी पड़ेगी मशक्कत
ऊना में इस बार करीब 1500 हेक्टेयर जमीन पर तैयार होनी है आलू की फसल
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिले में इन दिनों आलू की बिजाई का काम जोरों पर है। इस बीच बारिश बिजाई कार्य में खलल डाल रही है। सोमवार को भी बंगाणा के साथ लगते कुछ इलाकों में तेज बारिश के कारण बिजाई का कार्य कुछ देर के लिए रोकना पड़ा। हालांकि बारिश 15 से 20 मिनट तक ही हुई, लेकिन कुछ जगहों पर जमीन में नमी ज्यादा गई है। इस कारण किसान आलू की बिजाई नहीं कर पा रहे हैं।
जानकारी के अनुसार ऊना जिले में इस बार करीब 1500 हेक्टेयर जमीन पर आलू की बिजाई की जा रही है। इसके लिए किसानों के बीज की खरीद के साथ खाद और अन्य जरूरी सामग्री भी जुटा ली है। किसान सुबह के देर शाम तक बिजाई को पूरा करने में जुटे हैं। इस बीच कुछ देर की बारिश सारी योजनाओं पर पानी फेर रही है। इससे मिट्टी की ऊपरी परत गीली हो रही है। साथ ही बाहर रखा आलू का बीज भी गीला हो रहा है। किसानों को बीज पंखे लगाकर सुखाना पड़ रहा है।
सोमवार सुबह हुई बारिश के कारण कई किसानों का बाहर रखा आलू का बीज भीग गया। इससे किसानों को अतिरिक्त मेहनत कर उसे सुखाना पड़ा। मौसम की अनिश्चितताओं के बीच आलू के बीज को बचाना किसानों के समक्ष सबसे बड़ी चुनौती है। किसान अशोक सैनी, विवेक सैनी, परमिंद्र सिंह, राजीव कुमार, राजेश ने बताया कि आलू का बीज 1500 रुपये प्रति क्विंटल की कीमत पर मिल रहा है। कहा कि बीज की खरीद तो कर ली, लेकिन बीज के रखरखाव में दिक्कत आ रही। कहा कि आलू की बिजाई में कई बार दो से तीन दिन इंतजार करना पड़ता है। क्योंकि बिजाई के लिए जरूरी ट्रैक्टर और प्लांटर उपकरण नहीं मिल रहे हैं। कहा कि बीज की बोरियां बाहर खुले आसमान में पड़ी है। बारिश से भीगने पर उनमें सड़क का खतरा रहता है।
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वर्तमान में मौसम के हालात सामान्य हैं। कुछ समय की बारिश से जमीन की नमी अधिक प्रभावित नहीं होगी। आलू का बीज गीला होने पर सड़ने का पैदा होने का खतरा रहता है। इसके लिए किसानों को सावधानी बरतनी होगी। डाॅ. कुलभूषण धीमान, उपनिदेशक कृषि विभाग ऊना
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ऊना में इस बार करीब 1500 हेक्टेयर जमीन पर तैयार होनी है आलू की फसल
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिले में इन दिनों आलू की बिजाई का काम जोरों पर है। इस बीच बारिश बिजाई कार्य में खलल डाल रही है। सोमवार को भी बंगाणा के साथ लगते कुछ इलाकों में तेज बारिश के कारण बिजाई का कार्य कुछ देर के लिए रोकना पड़ा। हालांकि बारिश 15 से 20 मिनट तक ही हुई, लेकिन कुछ जगहों पर जमीन में नमी ज्यादा गई है। इस कारण किसान आलू की बिजाई नहीं कर पा रहे हैं।
जानकारी के अनुसार ऊना जिले में इस बार करीब 1500 हेक्टेयर जमीन पर आलू की बिजाई की जा रही है। इसके लिए किसानों के बीज की खरीद के साथ खाद और अन्य जरूरी सामग्री भी जुटा ली है। किसान सुबह के देर शाम तक बिजाई को पूरा करने में जुटे हैं। इस बीच कुछ देर की बारिश सारी योजनाओं पर पानी फेर रही है। इससे मिट्टी की ऊपरी परत गीली हो रही है। साथ ही बाहर रखा आलू का बीज भी गीला हो रहा है। किसानों को बीज पंखे लगाकर सुखाना पड़ रहा है।
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सोमवार सुबह हुई बारिश के कारण कई किसानों का बाहर रखा आलू का बीज भीग गया। इससे किसानों को अतिरिक्त मेहनत कर उसे सुखाना पड़ा। मौसम की अनिश्चितताओं के बीच आलू के बीज को बचाना किसानों के समक्ष सबसे बड़ी चुनौती है। किसान अशोक सैनी, विवेक सैनी, परमिंद्र सिंह, राजीव कुमार, राजेश ने बताया कि आलू का बीज 1500 रुपये प्रति क्विंटल की कीमत पर मिल रहा है। कहा कि बीज की खरीद तो कर ली, लेकिन बीज के रखरखाव में दिक्कत आ रही। कहा कि आलू की बिजाई में कई बार दो से तीन दिन इंतजार करना पड़ता है। क्योंकि बिजाई के लिए जरूरी ट्रैक्टर और प्लांटर उपकरण नहीं मिल रहे हैं। कहा कि बीज की बोरियां बाहर खुले आसमान में पड़ी है। बारिश से भीगने पर उनमें सड़क का खतरा रहता है।
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वर्तमान में मौसम के हालात सामान्य हैं। कुछ समय की बारिश से जमीन की नमी अधिक प्रभावित नहीं होगी। आलू का बीज गीला होने पर सड़ने का पैदा होने का खतरा रहता है। इसके लिए किसानों को सावधानी बरतनी होगी। डाॅ. कुलभूषण धीमान, उपनिदेशक कृषि विभाग ऊना