{"_id":"66885a974b22a235ea059ad4","slug":"protest-in-una-to-protect-the-constitution-una-news-c-93-1-una1002-127725-2024-07-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Una News: संविधान की रक्षा के लिए ऊना में धरना-प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Una News: संविधान की रक्षा के लिए ऊना में धरना-प्रदर्शन
Sat, 06 Jul 2024 02:11 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Sat, 06 Jul 2024 02:11 AM IST
विज्ञापन
ऊना। किसान योद्धा सरदार रुड़का सिंह कल्याण समिति ने शुक्रवार को संविधान की रक्षा के लिए ऊना जिला मुख्यालय पर स्थित एमसी पार्क के प्रांगण में धरना-प्रदर्शन किया। समिति के अध्यक्ष बलवीर चौधरी की अगुवाई में किए गए प्रदर्शन के दौरान केंद्र सरकार पर संविधान को खत्म करने के षड्यंत्र रचने का आरोप लगाया गया, जबकि प्रदेश सरकार पर शिक्षा और रोजगार में भेदभाव करने के आरोप लगाए।
प्रदर्शन के दौरान समिति के अध्यक्ष ने केंद्र सरकार से नीट की परीक्षा को रद्द करने का आह्वान किया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि केंद्र और प्रदेश सरकार ने इन मांगों को अनदेखा किया, तो जल्द ही जन आंदोलन शुरू किया जाएगा। समिति के अध्यक्ष बलवीर चौधरी ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार द्वारा वंचित वर्गों के साथ रोजगार और शिक्षा में भेदभाव किया जा रहा है, जिसे कतई सहन नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को यूजी नीट की परीक्षा को तुरंत प्रभाव से रद्द करना चाहिए। पेपर के लीक होने से देश के 24 लाख छात्रों को नुकसान उठाना पड़ा है।
उन्होंने कहा कि बैक डोर भर्तियां बंद करके योग्य लोगों को योग्यता के आधार पर रोजगार दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पूर्व जयराम सरकार के समय नियमों को ताक पर रखकर मल्टीटास्क वर्कर्स की भर्ती की गई। वर्ष 2012 में भी नियमों को दरकिनार करते हुए एसएमसी शिक्षकों को एक साल के लिए रखा गया, लेकिन आज 12 साल से वही एसएमसी शिक्षक समाज और विभाग पर बोझ बन चुके हैं। बलवीर चौधरी ने कहा कि संविधान के अनुसार 18 प्रतिशत नौकरियां अन्य पिछड़ा वर्ग को, 10 प्रतिशत नौकरियां सामान्य वर्ग को, 22 प्रतिशत नौकरियां दलित वर्ग को मिलनी चािहएं, लेकिन प्रदेश की सरकारें बिना रोस्टर भर्ती कर कमजोर वर्गों से नौकरियां छीनकर संपन्न वर्गों को दे रही हैं। उन्होंने कहा कि यदि केंद्र और प्रदेश सरकार ने समिति की मांगों को अनदेखा किया, तो देशभर में एक बड़ा आंदोलन खड़ा किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी सरकारों की होगी।
विज्ञापन
इस अवसर पर महासचिव कै. अमरीक सिंह, वरिष्ठ उपाध्यक्ष पूर्ण देव चौधरी, सह सचिव सुभाष चंद कौंडल, मंडल अध्यक्ष हरोली जसपाल चौधरी, अंब अध्यक्ष सरवण सिंह, अशोक कुमार, दुलंभ सिंह, बलदेव चंद सहित अन्य उपस्थित रहे।
विज्ञापन
प्रदर्शन के दौरान समिति के अध्यक्ष ने केंद्र सरकार से नीट की परीक्षा को रद्द करने का आह्वान किया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि केंद्र और प्रदेश सरकार ने इन मांगों को अनदेखा किया, तो जल्द ही जन आंदोलन शुरू किया जाएगा। समिति के अध्यक्ष बलवीर चौधरी ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार द्वारा वंचित वर्गों के साथ रोजगार और शिक्षा में भेदभाव किया जा रहा है, जिसे कतई सहन नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को यूजी नीट की परीक्षा को तुरंत प्रभाव से रद्द करना चाहिए। पेपर के लीक होने से देश के 24 लाख छात्रों को नुकसान उठाना पड़ा है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि बैक डोर भर्तियां बंद करके योग्य लोगों को योग्यता के आधार पर रोजगार दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पूर्व जयराम सरकार के समय नियमों को ताक पर रखकर मल्टीटास्क वर्कर्स की भर्ती की गई। वर्ष 2012 में भी नियमों को दरकिनार करते हुए एसएमसी शिक्षकों को एक साल के लिए रखा गया, लेकिन आज 12 साल से वही एसएमसी शिक्षक समाज और विभाग पर बोझ बन चुके हैं। बलवीर चौधरी ने कहा कि संविधान के अनुसार 18 प्रतिशत नौकरियां अन्य पिछड़ा वर्ग को, 10 प्रतिशत नौकरियां सामान्य वर्ग को, 22 प्रतिशत नौकरियां दलित वर्ग को मिलनी चािहएं, लेकिन प्रदेश की सरकारें बिना रोस्टर भर्ती कर कमजोर वर्गों से नौकरियां छीनकर संपन्न वर्गों को दे रही हैं। उन्होंने कहा कि यदि केंद्र और प्रदेश सरकार ने समिति की मांगों को अनदेखा किया, तो देशभर में एक बड़ा आंदोलन खड़ा किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी सरकारों की होगी।
विज्ञापन
इस अवसर पर महासचिव कै. अमरीक सिंह, वरिष्ठ उपाध्यक्ष पूर्ण देव चौधरी, सह सचिव सुभाष चंद कौंडल, मंडल अध्यक्ष हरोली जसपाल चौधरी, अंब अध्यक्ष सरवण सिंह, अशोक कुमार, दुलंभ सिंह, बलदेव चंद सहित अन्य उपस्थित रहे।