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Una News: सरकारी स्कूलों की दीवारों पर निजी संस्थानों ने लगाए विज्ञापन

Fri, 03 May 2024 03:18 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना Updated Fri, 03 May 2024 03:18 AM IST
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Private institutions put advertisements on the walls of government schools
स्कूल प्रबंधन भी ऐसी अनियमितताओं पर नहीं दे रहे ध्यान
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शिक्षा विभाग की हिदायत, स्कूलों के भवनों पर नहीं होने चाहिए किसी प्रकार के विज्ञापन

लेकिन निजी संस्थान मनमाने तरीके से कर रहे अपना प्रचार
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिला के सरकारी स्कूलों की दीवारों पर इन दिनों निजी संस्थानों के विज्ञापन लगे नजर आ रहे हैं। नया शैक्षणिक सत्र शुरू होने के साथ ही कई निजी संस्थान विद्यार्थियों को आकर्षित करने के लिए ऐसा कर रहे हैं। वहीं, स्कूल प्रबंधन भी ऐसे विज्ञापनों को हटाने में गंभीर नजर नहीं आ रहा। जानकारी के अनुसार ऊना-गगरेट सड़क मार्ग पर हरोली क्षेत्र की एक राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला के भवन पर एक निजी संस्थान का विज्ञापन लगा हुआ है, जबकि शिक्षा विभाग की ओर से ऐसे विज्ञापन लगाए जाने को लेकर सख्त मनाही है। विशेषकर सड़क किनारे स्थित स्कूलों को इसका विशेष ध्यान रखने के लिए कहा गया है। इसके बावजूद कई स्कूलों की दीवारों का इस्तेमाल कई निजी संस्थान अपने प्रचार-प्रसार के लिए कर रहे हैं। उससे भी हैरत की बात यह है कि स्कूल प्रबंधन इसको लेकर कोई कदम नहीं उठा रहे। ध्यान रहे कि जिला के करीब 60 प्रतिशत स्कूल मुख्य सड़क मार्गों के किनारे स्थित हैं। ऐसे में वहां स्कूल बंद होने के बाद कोई भी आसानी से अपना विज्ञापन चिपका कर चला जाता है। ऐसे मामलों में कार्रवाई के लिए स्कूल प्रबंधन को तुरंत कदम उठाने होंगे, क्योंकि जो प्रचार सामग्री सरकारी स्कूलों के भवनों पर चिपका दी जाती है, उस पर विज्ञापन जारी करने वालों का संपर्क नंबर अंकित रहता है।

कोट्स

स्कूल प्रबंधक इस बात का विशेष ख्याल रखें कि उनका भवन किसी के प्रचार का जरिया न बन पाएं। इसके लिए स्कूलों को समय-समय पर आगाह भी किया जाता है, लेकिन अगर कहीं इस प्रकार का मामला आया है, तो उस पर तुरंत कदम उठाएं। कई बार ऐसा प्रचार भ्रामक भी हो सकता है, जिससे स्कूलों के साथ वहां पढ़ रहे विद्यार्थियों को परेशानी हो सकती है।
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राजेंद्र कौशल, उपनिदेशक, जिला प्रारंभिक शिक्षा विभाग
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